मामूली विवाद में आठ दिन की नवजात बच्ची को छोड़कर पति-पत्नी ने सिकरहना नदी में कूद कर जान दे दी।मृतका मुस्कान कुमारी लालबेगिया गांव निवासी किशोरी जायसवाल की पुत्री थी। वहीं मृतक सियानन्दन जयसवाल शिकारगंज थाना के हराज भेड़ियाही निवासी रविन्द्र जायसवाल का पुत्र था। करीब डेढ़ साल पूर्व दोनों की शादी हुई थी। कुछ दिनों से मुस्कान अपने पिता के घर रह रही थी। जहां आठ दिन पूर्व उसने एक बच्ची को जन्म दिया था।
मोतिहारी नगर निगम क्षेत्र के वार्ड नंबर 19 का एसएनएस कॉलेज पथ। ज्ञानबाबू चौक से उक्त पथ में आप जैसे ही प्रवेश करेंगे आपका सामना जलजमाव से होगा। यहां हमेशा नाले के गंदे पानी का जमाव बना रहता है। जिससे लोगाें को आने-जाने में काफी परेशानी होती है। वहीं, गंदे पानी से उठने वाले बदबू से अगल-बगल के लोगों को काफी परेशानी होती है। नाले का पानी बह रहा है सड़क परयहां का नाला काफी पूराना व जर्जर स्थिति में है। पानी का बहाव नहीं हो पाने से गंदा पानी सड़क पर फैला रहता है। जिससे आने-जाने वालों को काफी परेशानी होती है। नाले का काफी समय से मरम्मत नहीं होने से यह अधिकांश जगहों पर ध्वस्त स्थिति में है। बरसात में तो सड़क पर हो जाता है भारी जलजमाव बिना बारिश के ही यहां सालों भर नाले के पानी का सड़क पर जमाव रहता है। बरसात के समय तो सड़क की स्थिति नारकीय हो जाती है। यहां दो से तीन फीट तक पानी का जमाव हो जाता है। जिससे लोगों को घरों से निकलने में परेशानी होती है।
शहर के मेन रोड में बाइक सवार दो अज्ञातअपराधियों ने दिनदहाड़े कोइरियाटोला सभ्यता नगर स्थित एसबीआईके सीएसपी के रुपये लेकर जा रहे अभिमन्यू कुमार से तीन लाख सोलह हजार रुपये लूटने का प्रयास किया । इस दौरान श्री कुमार को गंभीर रूप से घायल कर दिया। इस मामले में पीड़ित श्री कुमार ने एफआईआर के लिए आवेदन दिया है।
बीआरए बिहार विवि ने पांच वर्षों में अपने विद्यार्थियों के सवा करोड़ रुपये दबा लिए। विवि प्रशासन ने इन विद्यार्थियों को उनसे लिए सिक्योरिटी मनी के पैसे को वापस नहीं किया है। विवि में पीजी में दाखिले के दौरान प्रत्येक विद्यार्थी से 500 रुपये सिक्योरिटी मनी के तौर पर लिए जाते हैं। इस पैसे को विद्यार्थी को पास होने के बाद लौटा दिया जाता है। लेकिन, पिछले पांच वर्ष से यह पैसा नहीं लौटाया गया है। विद्यार्थियों का कहना पैसा वापस मांगने पर उन्हें पीजी विभाग से विवि और विवि से पीजी विभाग के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। बीआरएबीयू के रजिस्ट्रार प्रो. राम कृष्ण ठाकुर ने बताया कि विद्यार्थियों को राशि क्यों नहीं दी जा रही है, इसके बारे में पीजी विभागों से जानकारी ली जाएगी। विद्यार्थियों की राशि को हर हाल में लौटना ही चाहिए।बीआरएबीयू में हर वर्ष पांच हजार छात्र दाखिला लेते हैं। एक छात्र से 500 रुपये लिए जाते हैं। इस तरह विवि एक वर्ष में पीजी के विद्यार्थियों से 25 लाख रुपये सिक्योरिटी मनी के नाम पर वसूलता है। पांच वर्ष में यह राशि एक करोड़ 12 लाख रुपये होती है। बीआरएबीयू के छात्र लोजपा नेता गोल्डेन सिंह और छात्र राजद के नेता चंदन यादव ने बताया कि विद्यार्थियों की राशि से विवि में क्या काम किया जाता है इसका कोई हिसाब नहीं है।
बाल श्रम के विरुद्ध बिहार’ को लेकर आयोजित पखवाड़ा दिवस को लेकर शनिवार को अरेराज के स्कूली बच्चों ने शनिवार को अरेराज के सड़कों पर बाल श्रम के विरोध में जागरूकता रैली निकाली। जिसका नेतृत्व श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी अरेराज, सोनिया वर्माने किया। जिला श्रम अधीक्षक के निवेदन पर आयोजित इस जागरूकता रैली को सम्बोधित करते हुए श्रम परिवर्तन पदाधिकारी अरेराज सोनिया वर्मा ने बाल श्रम के विरुद्ध आवाज उठाते हुए कहा कि चौदह वर्ष से कम उम्र के बच्चों से दुकान,ढाबा,ईटउद्योग,चाय दुकान ,मोटरसायकिल दुकान व घरेलू नॉकर के रूप में बाल श्रम के रूप में काम करवाना अपराध है। बाल श्रम कराने के मामले में छहमाह से दो वर्ष तक की सजा या 50 हजार रुपये दोनों के दण्ड का प्रावधान है। इसिलिए बच्चों ने बाल मजदूरी कराना गैर कानूनी है। रैली में मध्यविद्यालय बालक के एचएम अरबिंद कुमार दुबे,शिक्षिका हेमलता कुमारी, प्रियंका कुमारी,गुंजा कुमारी,कस्तूरबा की श्यामा कुमारी,सुनील तिवारी आदि की सक्रियता देखी गयी
सरकारी स्कूलों की हकीकत अब शाला सिद्धि से पता चलेगी। राष्ट्रीय शैक्षिक योजना और प्रशासन संस्थान नीपा की ओर से विकसित किए गए राष्ट्रीय स्कूल मानक और मूल्यांकन कार्यक्रम शाला सिद्धि कार्यक्रम के तहत स्कूलों को शिक्षकों और बच्चों को पूरा ब्यौरा देना होगा। इसमें बताया जाएगा कि किस बच्चे की पढ़ाई किस स्तर की है, स्कूल में पढ़ाई का स्तर क्या है? शिक्षक बच्चों को किस प्रकार से पढ़ाई करवा रहे हैं। विद्याथियों का नामांकन क्या है और स्कूल में शिक्षकों की संख्या कितनी है ? कितने पुरुष और कितनी महिला शिक्षक है ? इसका ब्यौरा भी दिया जाएगा। शिक्षकों का प्रोफाइल भी इस कार्यक्रम के तहत तैयार किया जाएगा और सारी जानकारी शाला सिद्धि में संस्था प्रधानों को देनी होगी। इसके लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी ने पत्र के माध्यम से निर्देश जारी किया है। ग्रेड ए से ई तक की होगी श्रेणी शाला सिद्धि में बच्चों के लिए ग्रेड ए से ई तक की कैटेगरी बनाई है। 81 से 100 फीसदी प्राप्तांक वाले ए ग्रेड, 61 से 80 प्राप्तांक वाले बी ग्रेड, 41 से 60 प्राप्तांक वाले सी ग्रेड, 33 से 40 प्राप्तांक वाले डी ग्रेड और 0 से 32 प्राप्तांक करने वाले बच्चों को ग्रेड ई में रखने का प्रावधान इसमें दिया गया है।इसके अलावा खेल का मैदान, खेल सामग्री, कक्षा कक्ष, विद्युत उपकरण, पुस्तकालय, शौचालय आदि का ब्यौरा भी देना होगा। शिक्षकों के सुझाव, उनका शैक्षणिक ब्यौरा इसमें दिया जाएगा। स्कूलों में शिक्षकों की संख्या की जानकारी देनी होगी। सेल्फ असेसमेंट का तरीका है शाला सिद्धि गौरतलब है कि शाला सिद्धि के जरिए स्कूलों को सेल्फ असेसमेंट करने का अवसर दिया जाता है। जिसमें ना सिर्फ संस्था प्रधान बल्कि विभागीय अधिकारी भी स्कूलों की वास्तविक स्थिति का पता चलेगा। गौरतलब है कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से शाला सिद्धि कार्यक्रम शुरू किया गया है। जिसके तहत चयनित सरकारी स्कूलों के साथ ही कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने का कार्य किया जा रहा है। इसके लिए वार्षिक कार्य योजना बजट प्रस्तावित किया गया है। इसमें विद्यालय का मूल्यांकन दो स्तर से किया जाएगा।
सूबे के सभी 38 जिलों में चालू वित्तीय वर्ष में 6 लाख मिट्टी के नमूनों की जांच होगी। जांच के बाद विशेषज्ञ इसका विश्लेषण कर किसानों को उर्वरक के प्रयोग को लेकर सुझाव देंगे। इसका सारा आंकड़ा एप पर भी अपलोड रहेगा। किसान एप (मिट्टी बिहार एप ) से अपने खेत की मिट्टी के स्वास्थ्य व उर्वरक की अनुशंसित मात्रा ऑनलाइन प्राप्त कर सकेंगे। अब उन्हें स्वॉयल हेल्थ कार्ड मिलने का इंतजार नहीं करना होगा। इसके लिए उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर लिंक भेजा जाएगा। अगले तीन वर्षों में देश में पांच करोड़ व बिहार की शत-प्रतिशत पंचायतों की मिट्टी की जांच करने का लक्ष्य है। ताकि इलाकावार पोषक व सूक्ष्म तत्वों की कमी या अधिकता की जानकारी मिल सके। चालू वित्तीय वर्ष में हर प्रखंड की एक तिहाई पंचायतों से नमूने लिए जाएंगे। रसायन व मिट्टी जांच के सहायक निदेशक ने बताया कि पंचायतों में ग्रिड आधारित मिट्टी के नमूने का संग्रह किया जाएगा। इसके लिए एक हेक्टेयर का ग्रिड बनेगा। एप पर ग्रिड के भूमिधारक किसानों के मोबाइल नंबर दर्ज किए जाएंगे। किसानों को मिट्टी के नमूने लिए जाने से लेकर उसकी जांच व स्वॉयल हेल्थ कार्ड जारी होने की जानकारी मिलती रहेगी। एक ग्रिड में आठ से दस स्थानों से मिट्टी के नमूने लिए जाएंगे। नमूना संग्रह अभियान तीस मई तक चलेगा। चालू वित्तीय वर्ष में मिट्टी की जांच के लिए ठोस कार्य योजना बनाई गई है। एप पर नमूना संग्रह से लेकर उसकी जांच रिपोर्ट व उर्वरक प्रयोग की सलाह किसानों को ऑनलाइन मिलेगी। तीन वर्षों में राज्य की हर पंचायत की मिट्टी की जांच होगी। इससे खेतीबारी की योजना बनाने में आसानी होगी। पूर्वी चंपारण में सबसे अधिक नमूने किए जाएंगे गोपालगंज में 15 हजार मिट्टी के नमूने लिए जाएंगे। जबकि पूर्वी चंपारण में 24 हजार, मधुबनी में 19 हजार 2 सौ, भोजपुर में 16 हजार 8 सौ,मुजफ्फरपुर में 18 हजार,भागलपुर में 16 हजार 8 सौ नमूने लिए जाने की योजना है। इसी तरह शिवहर जिले में सबसे कम 12 हजार नमूने लिए जाएंगे। निदेशालय के अनुसार हर जिले के लिए 12 हजार से लेकर 24 हजार तक नमूने लेने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए नमूना संग्रह दल का गठन किया गया है। नमूना संग्रह करने के लिए सामग्री भी उपलब्ध कराई गई है।
रघुनाथपुर ओपी थाना क्षेत्र के रघुनाथपुर मुहल्ला में शराब पीकर हंगामा कर रहे युवक को उसके परिजनों ने पकड़कर पुलिस को सौंप दिया है। गिरफ्तार युवक रघुनाथपुर का राजू कुमार साह है। शराबी युवक के भाई शम्भु कुमार के आवेदन पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज किया है। दिये आवेदन में बताया है कि शुक्रवार की रात करीब 10 बजे उसका भाई राजू शराब के नशे में घर आया। घर आते ही हल्ला हंगामा करने लगा। हंगामा करने से रोका गया तो वह मारपीट पर उतारू हो गया। किसी की बात नही मान रहा था। उसकी हरकतों से अजीज होकर रघुनाथपुर ओपी थाना पुलिस को सूचना दी गई।
शिकारगंज थाना क्षेत्र के सिरौना गांव में बच्चों के बीच हुए मामूली विवाद को लेकर हुए मारपीट में एक महिला सहित चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए है। सभी घायलों को ढाका रेफरल अस्पताल के डॉक्टरों ने मोतिहारी रेफर कर दिया है। मामले को लेकर जख्मी विजय साह ने एफ आई आर दर्ज कराने के लिए थाना में एक आवेदन पत्र दिया है। जिसमें पड़ोसी लक्ष्मण प्रसाद, मनोज प्रसाद,भैरव प्रसाद, अजीत कुमार व रौशन कुमार को आरोपित किया गया है। दिए गए आवेदन पत्र में कहा गया है घटना के समय वे अपनी दूकान के पास खड़ा थे। इसी बीच आरोपियों ने बच्चों के विवाद को लेकर मारपीट करना शुरू कर दिया। बीच बचाव करने आए मंतोष कुमार,आकाश जयसवाल व सविता देवी को भी मारपीट कर जख्मी कर दिया है। थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जांचोपरांत केस दर्ज कर कारवाई की जायेगी।
जिले में लड़की का जन्म रेसियो कम होने को लेकर जिले के सभी अल्ट्रासाउन्ड संचालकों की जांच डीएम अपने स्तर से करेंगे । इसे पीछे कही भ्रूण हत्या तो नहीं है इसको लेकर जांच की जाएगी। मिली जानकरी के अनुसार जिले में एक साल से लड़कियों के जन्म दर में कम आयी है। जिसको लेकर राज्य सरकार ने सभी संचालित अल्ट्रासाउंड की जांच करने का निर्देश दिया है कि कही इसके पीछे अल्ट्रासाउंड संचालक का हाथ तो नहीं जो गर्भ में पल रहे नवजात का लिंग बता रहे हैं। बताते हैं कि जिले में कुकुरमुत्ते की तरह अल्ट्रासाउंड का संचालन हो रहा है। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार जिले में 265 के करीब अल्ट्रासाउन्ड का संचालन हो रहा है।इसमें अधिकांश के पास न तो मानक डिग्री है और न अन्य कागजात। बस किसी डाक्टर के नाम पर लाइसेंस ले लिया है और अल्ट्रासाउंड चला रहे हैं। बताते हैं कि पूर्व के डीएम के समय में करीब सौ से अधिक अल्ट्रासाउंड मानक पर नहीं रहने के कारण इसकी जांच कर कार्रवाई करने का निर्देश भी दिया गया था। मगर जिला स्वास्थ्य समिति की फाइल में जांच का मामला पड़ा रह गया। हालत यह है कि बगैर लाइसेंस के भी जिले में अल्ट्रासाउंड चल रहा है तो कुछ लाइसेंस मिलने के प्रयास में चल रहा है। डीएम द्वारा अल्ट्रासाउन्ड संचालकों की जांच से जिले में हड़कम्प मच गया है। फर्जी ढंग से लाइसेंस लेने वाले गली मोहल्ले में अल्ट्रासाउंड चलाने वालों में हड़कम्प है।
