जिले में लड़की का जन्म रेसियो कम होने को लेकर जिले के सभी अल्ट्रासाउन्ड संचालकों की जांच डीएम अपने स्तर से करेंगे । इसे पीछे कही भ्रूण हत्या तो नहीं है इसको लेकर जांच की जाएगी। मिली जानकरी के अनुसार जिले में एक साल से लड़कियों के जन्म दर में कम आयी है। जिसको लेकर राज्य सरकार ने सभी संचालित अल्ट्रासाउंड की जांच करने का निर्देश दिया है कि कही इसके पीछे अल्ट्रासाउंड संचालक का हाथ तो नहीं जो गर्भ में पल रहे नवजात का लिंग बता रहे हैं। बताते हैं कि जिले में कुकुरमुत्ते की तरह अल्ट्रासाउंड का संचालन हो रहा है। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार जिले में 265 के करीब अल्ट्रासाउन्ड का संचालन हो रहा है।इसमें अधिकांश के पास न तो मानक डिग्री है और न अन्य कागजात। बस किसी डाक्टर के नाम पर लाइसेंस ले लिया है और अल्ट्रासाउंड चला रहे हैं। बताते हैं कि पूर्व के डीएम के समय में करीब सौ से अधिक अल्ट्रासाउंड मानक पर नहीं रहने के कारण इसकी जांच कर कार्रवाई करने का निर्देश भी दिया गया था। मगर जिला स्वास्थ्य समिति की फाइल में जांच का मामला पड़ा रह गया। हालत यह है कि बगैर लाइसेंस के भी जिले में अल्ट्रासाउंड चल रहा है तो कुछ लाइसेंस मिलने के प्रयास में चल रहा है। डीएम द्वारा अल्ट्रासाउन्ड संचालकों की जांच से जिले में हड़कम्प मच गया है। फर्जी ढंग से लाइसेंस लेने वाले गली मोहल्ले में अल्ट्रासाउंड चलाने वालों में हड़कम्प है।
