सरकारी स्कूलों की हकीकत अब शाला सिद्धि से पता चलेगी। राष्ट्रीय शैक्षिक योजना और प्रशासन संस्थान नीपा की ओर से विकसित किए गए राष्ट्रीय स्कूल मानक और मूल्यांकन कार्यक्रम शाला सिद्धि कार्यक्रम के तहत स्कूलों को शिक्षकों और बच्चों को पूरा ब्यौरा देना होगा। इसमें बताया जाएगा कि किस बच्चे की पढ़ाई किस स्तर की है, स्कूल में पढ़ाई का स्तर क्या है? शिक्षक बच्चों को किस प्रकार से पढ़ाई करवा रहे हैं। विद्याथियों का नामांकन क्या है और स्कूल में शिक्षकों की संख्या कितनी है ? कितने पुरुष और कितनी महिला शिक्षक है ? इसका ब्यौरा भी दिया जाएगा। शिक्षकों का प्रोफाइल भी इस कार्यक्रम के तहत तैयार किया जाएगा और सारी जानकारी शाला सिद्धि में संस्था प्रधानों को देनी होगी। इसके लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी ने पत्र के माध्यम से निर्देश जारी किया है। ग्रेड ए से ई तक की होगी श्रेणी शाला सिद्धि में बच्चों के लिए ग्रेड ए से ई तक की कैटेगरी बनाई है। 81 से 100 फीसदी प्राप्तांक वाले ए ग्रेड, 61 से 80 प्राप्तांक वाले बी ग्रेड, 41 से 60 प्राप्तांक वाले सी ग्रेड, 33 से 40 प्राप्तांक वाले डी ग्रेड और 0 से 32 प्राप्तांक करने वाले बच्चों को ग्रेड ई में रखने का प्रावधान इसमें दिया गया है।इसके अलावा खेल का मैदान, खेल सामग्री, कक्षा कक्ष, विद्युत उपकरण, पुस्तकालय, शौचालय आदि का ब्यौरा भी देना होगा। शिक्षकों के सुझाव, उनका शैक्षणिक ब्यौरा इसमें दिया जाएगा। स्कूलों में शिक्षकों की संख्या की जानकारी देनी होगी। सेल्फ असेसमेंट का तरीका है शाला सिद्धि गौरतलब है कि शाला सिद्धि के जरिए स्कूलों को सेल्फ असेसमेंट करने का अवसर दिया जाता है। जिसमें ना सिर्फ संस्था प्रधान बल्कि विभागीय अधिकारी भी स्कूलों की वास्तविक स्थिति का पता चलेगा। गौरतलब है कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से शाला सिद्धि कार्यक्रम शुरू किया गया है। जिसके तहत चयनित सरकारी स्कूलों के साथ ही कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने का कार्य किया जा रहा है। इसके लिए वार्षिक कार्य योजना बजट प्रस्तावित किया गया है। इसमें विद्यालय का मूल्यांकन दो स्तर से किया जाएगा।