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दिल्ली एनसीआर के गुरुग्राम से राम करण साझा मंच के माध्यम से कहते हैं कि दिनाँक 19-11-2021 को साझा मंच पर एक खबर प्रसारित किया गया था। जिसका शीर्षक 'पोल में बिजली की व्यवस्था कराई जाए'था। इस खबर में बताया गया कि क्लास नम्बर 240 बी के आदिक पोल में बिजली की व्यवस्था नहीं होने के कारण आने जाने वाले राहगीरों एवं स्थानीय लोगों को बहुत दिक्क़ते हो रही थी।यह खबर चलने के बाद निगम पार्षद को फॉरवर्ड कर सुनाया गया। खबर सुनने के बाद निगम पार्षद द्वारा क्लास नम्बर 240 बी के पोल में लाइट लगवा दिया गया जिससे लोगों को रात में आने जाने में अब कोई दिक्क्त नहीं हो रही है।इस सराहनीये कार्य के लिए लोग साझा मंच को धन्यवाद देते हैं

गुरुग्राम से राम करण साझा मंच के माध्यम से बताते हैं कि नाथोपुर मंडी में कई बड़ी बड़ी मार्केट स्थित है जिसे निगम द्वारा तोड़ दिया गया। जिस कारण लोगों से उनका रोजगार छीन लिया गया

दिल्ली एनसीआर से हमारे संवाददाता और इनके साथ एक मजदुर साथी हैं ,साझा मंच के माध्यम से कहते हैं कि वे जिस कम्पनी में काम करते हैं वहाँ कभी-कभी मजदूरों को ओवर टाइम भी लगाया जाता है। लेकिन उसका पैसा सिंगल दिया जाता है। जबकि सरकार द्वारा यह कानून लागु किया गया है कि जब कोई श्रमिक ओवरटाइम तक काम करते हैं तो उन्हें डबल वेतन दिया जाना है। लेकिन कम्पनी मालिको द्वारा इसकी कोई जानकारी श्रमिकों को नहीं दिया जाता है जिससे श्रमिक इसका लाभ उठाने से वंचित रह जाते हैं। दूसरी ओर कम्पनी श्रमिकों का ओवरटाइम का वेतन ना देकर बहुत बड़ा रकम का बचत कर रही है। यदि कोई श्रमिक किसी बात को लेकर आवाज उठाती है तो कम्पनी मालिक काम से निकालने की धमकी देती है। इससे यह साफ़ जाहिर होता है कि कम्पनी मालिक श्रमिक के साथ केवल शोषण करने का काम कर रही है

दिल्ली एनसीआर से हमारे संवाददाता और इनके साथ एक मजदुर साथी हैं, साझा मंच के माध्यम से कहते हैं कि सरकार द्वारा हरियाणा श्रम मसौदा कानून 2021 लागु किया गया है जिसमे यह कहाँ गया है कि 75 % काम हरियाणा निवासियों को दिया जाएगा। साथ ही जिन श्रमिक का वेतन तीस हजार होगा वे इस श्रेणी में आएँगे। इस तरह के कानून को लागु करने के बाद सरकार केवल श्रमिकों को बेरोजगार बनाने का विचार कर रही है। ऐसे में सरकार को एक बार श्रमिकों के हित के लिए अवश्य विचार करना चाहिए।

दिल्ली एनसीआर से हमारे संवाददाता और इनके साथ एक मजदुर साथी हैं, साझा मंच के माध्यम से कहते हैं कि मजदूरों के हित के लिए हरियाणा सरकार द्वारा श्रम मौसोदा कानून 2021 लागु की है। जिसमे निजी क्षेत्र वाले कम से कम तीस हजार वेतन प्राप्त करने वाले श्रमिकों को कई पद में कार्य दिया जाएगा। साथ ही जो श्रमिक बाहर गाँव से पलायन कर शहर में काम करने आए हैं और उनका वेतन दस हजार है उनके साथ सरकार नाइंसाफी का कार्य कर रही है। ऐसे में सरकार द्वारा बनाया गया कानून बहुत ही गलत है। वहीं लॉक डाउन के दौरान कई मजदुर पहले से ही बेरोजगार हो गए हैं

दिल्ली से हमारे संवाददाता ,एक मज़दूर से साझा मंच के बात कर रहें हैं, इनका कहना है की हरियाणा मसौदा के अनुसार लोकल को रोज़गार के लिए 75 प्रतिशत का जो आरक्षण किया गया है इस नियम से बाहर से आने वाले प्रवासी मज़दूर बेरोज़गार हो जाएंगे।ये सरकार से कह रहें हैं की बेरोज़गारों की नौकरी के लिए व्यवस्था करे

छठ की नहाय खाय

दिल्ली एनसीआर के गुरुग्राम रोड से नन्द किशोर ,साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि दिवाली को लेकर बाज़ारों में रौनक है। घर सूना न रहे जिसके लिए लोग सजावटी सामान ख़रीदने में जुटे है। मिट्टी से बनी वस्तुएँ पर लोगों का ध्यान ज़्यादा केंद्रित हो रहा है। ऑडियो पर क्लिक कर सुनें पूरी ख़बर..

दिल्ली एनसीआर के गुरुग्राम रोड से नन्द किशोर ,साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि धनतेरस,दिवाली को लेकर बाज़ारों में रौनक दिख रही है। इसको लेकर कारोबारियों में ख़ुशी है और अच्छे कारोबार की उम्मीद है। ऑडियो पर क्लिक कर सुनें पूरी ख़बर...