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दिल्ली से हस्मत अली की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से गुलिस्ता से हुई। गुलिस्ता यह बताना चाहती हैं कि मायके में दो बहनो का हिस्सा है और इनकी बहन जमीन में हिस्सा नहीं दे रही हैं। ससुराल में भी 5 बीघा जमीन हैं लेकिन वहां भी जमीन में इनको हिस्सा नहीं दे रहे हैं। इनको मदद की जरूरत है। वह चाहती हैं कि इनका भी मकान हो और इनके बच्चे अच्छे से रहें

Pine walla pani nahi h 4 filor jag parvaah hospital shastri park aur toilet ki samaya h marij ko dikkate h

दिल्ली से हस्मत अली की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से नाज परवीन से हुई। नाज परवीन यह बताना चाहती हैं कि ससुराल में रहने का कोई हक़ नहीं मिल रहा है। वहां पर इनको रहने नहीं दिया जाता है और किसी भी बात को लेकर लड़ाई चलती है। हस्बैंड पैसा नहीं देते हैं और दूर रहते हैं। वह खुद से काम कर के घर चलाती हैं। वह तलाक ले चुकीं हैं लेकिन इनको पेंशन नहीं मिलता है। वह माँ के घर पर रह रही है जो कि माँ के नाम पर हैं। बच्चे को कोई कोर्स नहीं करा पा रहे हैं। ससुराल वाले कोई मदद नहीं कर रहे हैं

दिल्ली से हस्मत अली की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से अली बहादुर से हुई। अली बहादुर यह बताना चाहते हैं कि गली धंस गयी है। गड्ढे में लोग गिर जाते हैं। शिकायत होने के बाद भी मिटटी नहीं डाली गयी है

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एक महीने से खुद ही पड़ी है गली और पड़ी हुई है मिट्टी लोग आधी गली में आकर वापसी जाने को मजबूर

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आनंद विहार की घटना

दिल्ली के जहांगीरपुरी से दुर्गेश ने मोबाइल वाणी के माध्यम से ममतेश के साथ साक्षात्कार लिया। ममतेश ने बताया कि ये चार भाई-बहन हैं। दो भाई और दो बहन हैं। इनकी मम्मी का देहांत 2020 में हुआ था।मृत्यु से पहले इनकी मम्मी ने सम्पत्ति का बंटवारा कर दिया था। बंटवारे के अनुसार इनके भाइयों के नाम दिल्ली के दो घर एवं ममतेश और उनकी बहन के नाम गांव के घर मिले।इनको और इनकी बहन को बहुत अच्छा लगता है यह सोच कर कि इन्हें भी पैतृक सम्पत्ति में हिस्सा मिला है।सम्पत्ति मिलने से इनका भविष्य सुरक्षित हो गया है।साथ ही कभी बच्चों को लेकर घूमने -फिरने का मन करता है तो,ये सबको लेकर गांव चली जाती हैं।