दिल्ली से मेराज ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि महिलाओं को भी जमीनी में अधिकार मिलना चाहिए। प्रोपर्टी में हिस्सा मिलना चाहिए।ताकि वो अपने बच्चों को लेकर आगे बढ़ें
दिल्ली से राजेश कुमार पाठक मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि महिलाओं को जमीन में अधिकार मिलना चाहिए। उनको अधिकार दिलाना चाहिए। दूसरे राज्यों के महिलाओं को भी अधिकार मिलना चाहिए
दिल्ली के सुन्दर नगरी से कृष्णा की राय है कि महिलाएं पैतृक सम्पत्ति में हिस्सा लेने से मना कर देती हैं। उन्हें डर रहता है कि हिस्सा मांगने पर कहीं भाई के साथ रिश्ते खराब ना हो जाये
दिल्ली के सुन्दर नगरी से सावित्री की राय है कि महिलाएं भाई - बंधू के साथ रिश्ते बिगड़ने के डर से पैतृक सम्पत्ति में हिस्सा लेने से मना कर देती हैं।
दिल्ली के सूंदर नगरी से बेलारीशा मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती हैं कि लड़का और लड़की बराबर होते हैं। जैसे लड़का का प्रॉपर्टी होता है वैसे लड़की का भी होना चाहिए
दिल्ली के सूंदर नगरी से रेखा मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती हैं कि महिलाओं को पैतृक संपत्ति में हिस्सा मिलना चाहिए ताकि उनकी आर्थिक स्थिति सही हो सके लेकिन उनको अधिकार मिलता नहीं है। उनको लगता है कि अधिकार मांगने से भाई से रिश्ते ख़राब हो जायेंगे
दिल्ली के सूंदर नगरी से भगवान् देवी मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती हैं कि महिलाओं को संपत्ति में अधिकार मिलना चाहिए। महिलाएं जमीन को कमाने का जरिया भी बना सकती हैं। अगर घर या जमीन मिल जायेगा तो उसका इस्तेमाल कर के वह किराया भी लगा सकती हैं और अपना जीवनयापन कर सकती है। महिलायें पुरुषों पर आश्रित रहती हैं लेकिन पति के मृत्यु के बाद इनको बहुत परेशानी होती है।वह समाज के डर से जमीन पर अधिकार नहीं लेना चाहती है
दिल्ली के सूंदर नगरी से भगवती मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती हैं कि महिलाओं को कानूनी तौर पर अधिकार तो मिल गया है लेकिन वास्तविक रूप से उनको अधिकार नहीं मिलता है। कई महिलाएं के अंदर त्याग की भावना होती है जिसके कारण भी अधिकार नहीं लेती हैं लेकिन महिलाओं को जमीन में अधिकार मिलना चाहिए।
दिल्ली के नन्द नगरी से हेमंत कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि लड़कियों को संपत्ति में हिस्सा मिलना चाहिए
दिल्ली के सुंदर नगरी से ज्योति मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती हैं कि महिलायें पराया धन होती हैं। उनको बताया जाता है कि वह पराया धन है और शादी में बहुत खर्च हो गया है तो प्रॉपर्टी में हिस्सा क्यों दे। महिलाओं को मायके और ससुराल दोनों जगह प्रॉपर्टी में हिस्सा मिलना चाहिए।
