दिल्ली के जहांगीरपुरी से दुर्गेश मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती हैं कि अगर महिलाओं को जमीन में अधिकार मिलेगा तो वह आर्थिक रूप से मजबूत बनेंगी और वह ससुराल और मायके पक्ष से भी मजबूत बनेंगी। आने वाले समय में वह अपना भविष्य मजबूत कर सकती हैं

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दिल्ली से राजेश कुमार पाठक मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि एक महिला की कहानी सुनकर अच्छा लगा जिसमे बताया गया कि वह हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। उनका कहना है कि आने वाले समय में महिला ही मालकिन बनेंगी। ऐसा वक़्त आने वाला है कि पुरुषों के पास कुछ नहीं बचेगा और सारा हक़ महिलाओं को ही मिलेगा।भारत पुरुष प्रधान समाज रहा है

दिल्ली से राजेश कुमार पाठक मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि वह दुर्गेश की कहानी सुने उनको अच्छा लगा। इनका कहना है कि दुर्गेश की माता ने उनका सपोर्ट किया जिसके कारण उनको जमीन में अधिकार मिल गया। महिलाओं को पुरुष भी सपोर्ट नहीं करते हैं। बच्चे भी माँ का सपोर्ट नहीं करते हैं। बच्चे मोबाइल देख देख कर बिगड़ रहे हैं। महिलाओं को हक़ मिलना चाहिए

दिल्ली से राजेश कुमार पाठक मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि वह सुनीता की कहानी सुने तो उनका कहना है कि जो महिला, पति और पिता के संपत्ति में अधिकार ले चूँकि हैं उनको समाज के महिलाओं के पास जाना चाहिए और अपना उदहारण देना चाहिए।

दिल्ली के इंद्रपुरी से रशीदा ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि आज महिलाओं की परिस्थिति है उसके उसको देखते हुए महिलाओं को प्रॉपर्टी में हिस्सा मिलना चाहिए। ताकि वह अपना और अपने बच्चों का भविष्य सिक्योर कर सके

दिल्ली के जहांगीरपुरी से दुर्गेश ने मोबाइल वाणी के माध्यम से ममतेश के साथ साक्षात्कार लिया। ममतेश ने बताया कि ये चार भाई-बहन हैं। दो भाई और दो बहन हैं। इनकी मम्मी का देहांत 2020 में हुआ था।मृत्यु से पहले इनकी मम्मी ने सम्पत्ति का बंटवारा कर दिया था। बंटवारे के अनुसार इनके भाइयों के नाम दिल्ली के दो घर एवं ममतेश और उनकी बहन के नाम गांव के घर मिले।इनको और इनकी बहन को बहुत अच्छा लगता है यह सोच कर कि इन्हें भी पैतृक सम्पत्ति में हिस्सा मिला है।सम्पत्ति मिलने से इनका भविष्य सुरक्षित हो गया है।साथ ही कभी बच्चों को लेकर घूमने -फिरने का मन करता है तो,ये सबको लेकर गांव चली जाती हैं।

दिल्ली के जहांगीरपुरी से श्रमिक वाणी रिपोर्टर सुनीता ने मोबाइल वाणी के माध्यम से 65 वर्षीय मिथलेश से साक्षात्कार लिया।मिथलेश ने बताया कि इनकी संतान नहीं हुई तो इनके पति ने दूसरी शादी कर ली।जिसके बाद इन्होने अपनी बहन की बेटी को गोद ले लिया और जब इनकी बहन की बेटी बड़ी हो गई तो किसी मुस्लिम लड़के से विवाह कर लीं और इनको घर से निकाल दिया। अब मिथिलेश किराए के घर में रही हैं। मिथलेश की मुलाक़ात मोबाइल वाणी में कार्यरत दुर्गेश से हुई और वह अपने साथ घटी घटनाओं को दुर्गेश के साथ साझा किया। जिसके बाद दुर्गेश ने इनकी मदद की और कोर्ट से इनका सारा सामान और प्रॉपर्टी वापस कराया। आज वह खुद के प्रॉपर्टी में रह रही हैं। इसके लिए इन्होने दुर्गेश को धन्यवाद दिया।

दिल्ली के जहांगीरपुरी से श्रमिक वाणी रिपोर्टर रुक्मिणी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से सबीना से साक्षात्कार लिया।सबीना ने बताया कि इनकी शादी हुए दस से बारह साल हो गए हैं।इनके ससुराल वाले इनको बहुत परेशान करते थे।साथ ही पति भी मारपीट करते थे। ससुराल से प्रताड़ित होकर सबिना मायके आ गई। मायके में को इनको भाइयों का साथ मिला। भाइयों ने बहुत मदद की और एक फ्लोर रहने के लिए दे दिया। वर्तमान में ये अपनी बेटी के साथ वहां रहती हैं।मोबाइल वाणी में कार्यरत दुर्गेश मैम ने इनकी मुसीबत में बहुत मदद की।हर संभव सहायता और सपोर्ट उपलब्ध करवाया इसके लिए इन्होने दुर्गेश को धन्यवाद दिया।

दिल्ली से मेराज ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि महिलाओं को भी जमीनी में अधिकार मिलना चाहिए। प्रोपर्टी में हिस्सा मिलना चाहिए।ताकि वो अपने बच्चों को लेकर आगे बढ़ें