दिल्ली के गांधीनगर से नाज़ परवीन ने मोबाइल वाणी के माध्यम से गुफराना से साक्षात्कार लिया। गुफराना ने बताया कि इनका मायका रामपुर में है। मायके में पैतृक जमीन है और ये चाहती हैं इनको हिस्सा मिले। परन्तु घर वाले नही देते हैं।प्रॉपर्टी में हिस्सा लेने के लिए इनको सहयोग ही आवश्यकता है।लड़की का 25 प्रतिशत पैतृक भूमि में मालिकाना हक़ होता है।इसलिए अब ये अपने हक़ के लिए क़ानूनी मदद लेंगी।

दिल्ली से नाज़ परवीन की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से राहिब से हुई। राहिब यह बताना चाहते हैं कि वह जीरो गुस्ते हॉस्पिटल में भर्ती हैं। उनको वहां पर पानी और खाना का सुविधा ठीक से नहीं मिलता है। खाना खाने लायक नहीं मिलता है। लोगों को घर से खाना मंगवाना पड़ता है। पानी भी बाहर से खरीदना पड़ता है

दिल्ली से नाज़ परवीन की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से हीना से हुई। हीना यह बताना चाहती हैं कि वह किराए पर रहती हैं। उनको ससुराल में और मायके में मालिकाना हक़ नहीं मिला है। जमीन को लेकर लड़ाई भी होती है। वह जमीन में हिस्सा लेना चाहती हैं लेकिन उनको हिस्सा नहीं दिया जा रहा है। माता और पिता भी जमीन में अधिकार नहीं देते हैं। वह सिर्फ भाई को जमीन में अधिकार देने की बात करते हैं। इनके हस्बैंड मजदूरी करते हैं

दिल्ली से मोबाइल वाणी संवाददाता अस्मत अली ने मोबाइल वाणी के माध्यम से नाज परवीन से साक्षात्कार लिया। नाज परवीन ने बताया कि इन्होने मोबाइल वाणी पर कार्यक्रम सुना। जिसमे बताया गया था कि एक पत्नी ने अपने पति के जीवन में ससुराल की प्रॉपर्टी में हिस्सा ले लिया था।पति के देहांत के बाद वो महिला आराम से अपना जीवन गुजार रही हैं। तो नाज परवीन की इच्छा हुई अपनी भी बात मोबाइल वाणी पर रखने की। अपनी बात को जारी रखते हुए नाज़ कहती हैं कि बहन की शादी के बाद भाई नही चाहते हैं कि बहन मायके आए। माता - पिता के बाद बेटी का मयके में रास्ता बंद हो जाता है। पैतृक सम्पत्ति में बहन को हिस्सा मिलना चाहिए और यह बहन का हक़ है।नाज परवीन के मायके में भी सम्पत्ति है। ये उसमें हिस्सा लेना चाहती हैं।लेकिन भाई उसमें हिस्सा देना नही चाहते हैं। जरुरत पड़ी तो ये अपने हक़ के लिए क़ानूनी सहायता लेंगी और कोर्ट जाएंगी।

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दिल्ली से हस्मत अली की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से गुलिस्ता से हुई। गुलिस्ता यह बताना चाहती हैं कि मायके में दो बहनो का हिस्सा है और इनकी बहन जमीन में हिस्सा नहीं दे रही हैं। ससुराल में भी 5 बीघा जमीन हैं लेकिन वहां भी जमीन में इनको हिस्सा नहीं दे रहे हैं। इनको मदद की जरूरत है। वह चाहती हैं कि इनका भी मकान हो और इनके बच्चे अच्छे से रहें

Pine walla pani nahi h 4 filor jag parvaah hospital shastri park aur toilet ki samaya h marij ko dikkate h

दिल्ली से हस्मत अली की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से नाज परवीन से हुई। नाज परवीन यह बताना चाहती हैं कि ससुराल में रहने का कोई हक़ नहीं मिल रहा है। वहां पर इनको रहने नहीं दिया जाता है और किसी भी बात को लेकर लड़ाई चलती है। हस्बैंड पैसा नहीं देते हैं और दूर रहते हैं। वह खुद से काम कर के घर चलाती हैं। वह तलाक ले चुकीं हैं लेकिन इनको पेंशन नहीं मिलता है। वह माँ के घर पर रह रही है जो कि माँ के नाम पर हैं। बच्चे को कोई कोर्स नहीं करा पा रहे हैं। ससुराल वाले कोई मदद नहीं कर रहे हैं

दिल्ली से हस्मत अली की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से अली बहादुर से हुई। अली बहादुर यह बताना चाहते हैं कि गली धंस गयी है। गड्ढे में लोग गिर जाते हैं। शिकायत होने के बाद भी मिटटी नहीं डाली गयी है

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