दिल्ली के गांधीनगर से नाज़ परवीन ने मोबाइल वाणी के माध्यम से गुफराना से साक्षात्कार लिया। गुफराना ने बताया कि इनका मायका रामपुर में है। मायके में पैतृक जमीन है और ये चाहती हैं इनको हिस्सा मिले। परन्तु घर वाले नही देते हैं।प्रॉपर्टी में हिस्सा लेने के लिए इनको सहयोग ही आवश्यकता है।लड़की का 25 प्रतिशत पैतृक भूमि में मालिकाना हक़ होता है।इसलिए अब ये अपने हक़ के लिए क़ानूनी मदद लेंगी।