तो साथियों , सुना आपने। पंचायतों में समितियों का कितना महत्व व आवश्यकता है। तो आप हमें बताएं कि - क्या आप अपनी पंचायत में होने वाले कार्यो के बारे में जानते है या उसकी योजना बनाते समय आपकी राय ली जाती है? - साथ ही अगर आपके गाँव में तालाब सिचाईं के लिए सुविधा नहीं है तो क्या आपने अपने ग्राम पंचायत से इसकी मांग की ? - और आपके मुखिया में क्या क्या गुण होने चाहिए ? और अगर मुखिया के चुनाव देरी होती है तो आपको कैसी परेशानी होगी ?क्या आप सरकारी बाबुओं के सामने अपनी बात खुल कर रख पाते है ? साथ ऐसा क्या करना चाहिए की पंचायत चुनाव सही समय पर हो ?

दिल्ली राजधानी के हरियाणा बहादुरगढ़ से शत्रोहन लाल कश्यप ने साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि सरकारी सुविधाओं से प्रवासी श्रमिक वंचित रह जाते हैं और सरकार इसपर कोई ध्यान नहीं देती है

बिहार राज्य के जमुई ज़िला के चकई प्रखंड के मेलानी ,पोस्ट-नावाडीह सिलफरी ,थाना चन्द्रमण्डी से सरोज दास ,साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि नल जल योजना के तहत पहले पानी अच्छे से सप्लाई हो रहा था परन्तु जब से नया मशीन लगाया गया है,10 दिनों से पानी नहीं दिया जा रहा है। इससे ग्रामीण परेशान है। सरकारी चापानल भी ख़राब है। पानी की बहुत समस्या हो रही है वार्ड नंबर 1 का मुखिया भी कोई समाधान नहीं निकाल रहे है।

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उत्तराखंड से रोहित राणा ,साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते है कि अगर राशन कार्ड खो गया है तो राशन डीलर या प्रधान की सहायता से दोबारा से राशन कार्ड बनवा सकते है। ऑडियो पर क्लिक कर सुनें पूरी जानकारी..

बच्चों का आधारकार्ड कैसे बनवाएँ? राशन कार्ड कैसे बनता है? ज़वाब सुनने के लिए क्लिक करें ऑडियो पर...

बिहार राज्य से रवि साझा मंच के माध्यम से कहते हैं कि रोड की बहुत समस्या है यहां पर रोड एक गांव से दूसरे गांव जाने के लिए पानी के महल के जाना पड़ता है तो कुछ लोगों ने यहां पर लटका बनाकर अब चल रहा है प्लीज ऐसा मुखिया आए रे हमें फूल बनाने का अनुमति दें

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बिहार से रवि ने साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि वर्तमान में मुखिया चुनाव जोरों से होने के कारण गॉंव में नल-जल ,राशन कार्ड की समस्या ,गली -नली का निर्माण कार्य सभी बहुत अच्छे तरीके से पुरे किये जा रहे हैं।

दिल्ली के खजुरी खास क्षेत्र से हस्मत अली की बातचीत साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से नौशाद से हुई। 'मेरा मुखिया कैसा हो ' कार्यक्रम के तहत नौशाद कहते है कि मुखिया के माध्यम से लोगों को राशन की सुविधा अच्छे से मिलनी चाहिए ,उनका रोज़गार व कारोबार की सुविधा भी अच्छे से होनी चाहिए। मुखिया के पास आने वाले बजट का इस्तेमाल हेतु जनता से कोई भी राय नहीं ली जाती है। इनके पंचायत में मुखिया द्वारा कोई कार्य नहीं करवाया गया है। सरकार की ग़रीब कल्याणकारी योजनाओं का लाभ के लिए भी मुखिया द्वारा कोई सहूलियत नहीं दी जाती है ,खुद ही व्यक्ति को भाग दौड़ कर लाभ प्राप्त करना पड़ता है



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