दिल्ली एनसीआर से हमारे संवाददाता और इनके साथ एक मजदुर साथी हैं ,साझा मंच के माध्यम से कहते हैं कि वे जिस कम्पनी में काम करते हैं वहाँ कभी-कभी मजदूरों को ओवर टाइम भी लगाया जाता है। लेकिन उसका पैसा सिंगल दिया जाता है। जबकि सरकार द्वारा यह कानून लागु किया गया है कि जब कोई श्रमिक ओवरटाइम तक काम करते हैं तो उन्हें डबल वेतन दिया जाना है। लेकिन कम्पनी मालिको द्वारा इसकी कोई जानकारी श्रमिकों को नहीं दिया जाता है जिससे श्रमिक इसका लाभ उठाने से वंचित रह जाते हैं। दूसरी ओर कम्पनी श्रमिकों का ओवरटाइम का वेतन ना देकर बहुत बड़ा रकम का बचत कर रही है। यदि कोई श्रमिक किसी बात को लेकर आवाज उठाती है तो कम्पनी मालिक काम से निकालने की धमकी देती है। इससे यह साफ़ जाहिर होता है कि कम्पनी मालिक श्रमिक के साथ केवल शोषण करने का काम कर रही है
