दिल्ली के मानेसर से मनीष कुमार ने श्रमिक वाणी के माध्यम से शुभम पांडेय से बातचीत किया। बातचीत के दौरान शुभम ने बताया की मानेसर में दीपावली के बाद से मजदूरों को काम नहीं मिल रहा है । मजदूरों को याह वहा भटकना पड़ता है, ठेकेदार के द्वारा काम करवा कर पैसा नहीं दिया जाता है

दिल्ली एनसीआर के मानेसर से रवि कुमार ,श्रमिक वाणी के माध्यम से बताते है कि कंपनी में श्रमिकों के साथ घटना होती रहती है। यशोदा कंपनी में श्रमिकों को चोट लगते रहती है। एचआर को कंपनी में सुरक्षा को लेकर ध्यान देना चाहिए। सेंसर लगाने का प्रयास करना चाहिए ताकि श्रमिक सुरक्षित रहे

दिल्ली के श्री राम कॉलोनी के खजुरी ख़ास से नाजमा श्रमिक वाणी के माध्यम से बताना चाहती है की, महंगाई बढ़ने से आम जनता परेशान है। एक मजदुर अपने परिवार के भरण पोषण के लिए कड़ी मेहनत करना पड़ता है। फैक्ट्री में काम कर के भी लोगो को सही से वेतन नहीं दिया जाता है, फक्ट्री के मालिक के द्वारा बोला जाता है की आज पेमेंट दे देंगे तो कभी 15 दिन में दे देंगे। ऐसा बोल बोल कर मजदूरों को बाद परेशान किया जाता है

दिल्ली के मानेसर से साकेत श्रमिक वाणी के माध्यम से बताना चाहते है की, सेक्टर 8 की एक फैक्ट्री में प्रेस के अंदर हाथ फस जाने के वजह से मजदुर का हाथ कट गया। कंपनी के द्वारा मजदुर को कोई सुविधा नहीं दिया जा रहा था, लेकिन जब सभी मजदूरों ने मिल कर पीड़ित मजदुर के लिए फैक्ट्री गेट के पास धरना दिया। तब जा कर मैनेजमेंट की आँख खुली और पीड़ित मजदुर और उसके परिवार को सभी सुविधा दी गयी

ब्रिटेन में साल की शुरुआत रेल कर्मचारियों की हड़ताल हुई थी। लेकिन जैसे जैसे मंदी बढ़ रही है, हड़तालें भीं बढ़ गई हैं।रेल सेवाओं और रॉयल मेल डिलीवरी से लेकर NHS नर्सों, एंबुलेंस चालकों और शिक्षकों तक सब ने हड़ताल पर जाने की योजना बनायी है।बढ़ती महंगाई के बीच वेतन वृद्धि और काम करने की स्थिति में सुधार की मांग को लेकर पिछले साल दिसम्बर में कर्मचारियों ने बड़े पैमाने पर हड़तालें आयोजित की थीं। अब जानते हैं काम करने की समय अवधि किस प्रकार से  कामकाजी लोगों के जीवन पर असर डालती है .. आईएलओ की रिपोर्ट के अनुसार कामकाजी लोगों के लिए कम काम के घंटे और अधिक फ्लेक्स वर्क बेहतर कार्य-जीवन संतुलन को बढ़ावा दे सकते हैं।अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) ने वर्किंग टाइम एंड वर्क-लाइफ बैलेंस अराउंड द वर्ल्ड (Working time and Work-life Balance around the World) शीर्षक से 171 पन्नों की एक रिपोर्ट जारी की है।यह रिपोर्ट एक ऐसी पृष्ठभूमि में आई है जब ILO के सर्वेक्षण के अनुसार, समस्त श्रमिकों में एक तिहाई से अधिक नियमित रूप से प्रति सप्ताह 48 घंटे  या प्रतिदिन 8 घंटे से अधिक से अधिक काम कर रहे हैं, जबकि वैश्विक कार्यबल का पाँचवे हिस्से को प्रति सप्ताह 35 घंटे से कम समय अनिश्चित रूप से  काम करना होता है।

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दिल्ली के गुरुग्राम से मनोहर लाल श्रमिक वाणी के माध्यम से बताना चाहते है की, हिमांशु कंपनी बंद होने से मजदूरों को समस्या हो रही है। कंपनी बंद होने के करने का पता नहीं चला है लेकिन मजदुर कमा के लिए यहा वहा भटक रहे है

दिल्ली के मानेसर से रफ़ी ने श्रमिक वाणी के माध्यम से अतुल से बातचीत किया। बातचीत के दौरान अतुल ने बताया की फैक्ट्री में काम करते वक़्त मशीन में फस कर उनकी ऊँगली कट गयी है। ऊँगली कटने के बाद कंपनी के द्वारा इनका इलाज करवाया गया और इलाज के पैसे भी कंपनी ने दिया है। अतुल का कहना है की ईएसआई कार्ड बनवाने के लिए इन्होने ठेकेदार से कई बार कहा था, लेकिन ठेकेदार के द्वारा बार बार बात को टाल दिया जा रहा है

हरियाणा राज्य के झज्जर ज़िला के बहादुरगढ़ से एस एन कश्यप ,श्रमिक वाणी के माध्यम से कहते है कि इस मौसम में सभी को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहना है। कई कंपनी सुबह ड्यूटी देते है ऐसे में अपने स्वास्थ्य को देखना चाहिए। कंपनी वाले केवल अपने काम होने से मतलब रखती है ,श्रमिक की परेशानी पर कंपनी का ध्यान नहीं जाता है

हरियाणा राज्य के झज्जर ज़िला के बहादुरगढ़ से एस एन कश्यप ,श्रमिक वाणी के माध्यम से कहते है कि कंपनियों में जो टारगेट रहता है ,वो कंपनी पूरा कर लेती है लेकिन इस बीच श्रमिक बेरोज़गार होते जा रहे है। पीस रेट का प्रचलन में श्रमिकों को महीनें में 15 दिन ही काम मिल पाता है। बाकि दिन वो घर बैठे रहते है। ऐसे में श्रमिकों को जीविकोपार्जन करने में समस्या हो रही है