दिल्ली एनसीआर से हमारे संवाददाता और इनके साथ एक मजदुर साथी हैं, साझा मंच के माध्यम से कहते हैं कि मजदूरों के हित के लिए हरियाणा सरकार द्वारा श्रम मौसोदा कानून 2021 लागु की है। जिसमे निजी क्षेत्र वाले कम से कम तीस हजार वेतन प्राप्त करने वाले श्रमिकों को कई पद में कार्य दिया जाएगा। साथ ही जो श्रमिक बाहर गाँव से पलायन कर शहर में काम करने आए हैं और उनका वेतन दस हजार है उनके साथ सरकार नाइंसाफी का कार्य कर रही है। ऐसे में सरकार द्वारा बनाया गया कानून बहुत ही गलत है। वहीं लॉक डाउन के दौरान कई मजदुर पहले से ही बेरोजगार हो गए हैं