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दिल्ली एनसीआर से हमारे संवाददाता की बातचीत साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से एक श्रमिक से हुई। श्रमिक कहते है कि उन्हें कंपनी में सिंगल रेट से ओवरटाइम का पैसा मिलता है। सिंगल ओवरटाइम मिलने से बहुत नुकसान है और कंपनी को मुनाफ़ा हो रहा है। सरकार श्रमिकों के हित के लिए क़ानून बनाए है ,श्रमिक कानून का पालन कर रहे है लेकिन कंपनी प्रबंधन अपना फ़ायदा देखते है। अगर ओवरटाइम का रेट डबल मिलता तो श्रमिकों को बहुत ख़ुशी होती। सरकारी क़ानून से श्रमिकों को कोई लाभ नहीं। कंपनी वाले अगर श्रमिक क़ानून के अनुसार चले तो श्रमिकों को लाभ मिल सकता है

दिल्ली एनसीआर से हमारे संवाददाता की बातचीत साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से ऑटो सेक्टर में काम करने वाले श्रमिक से हुई। श्रमिक कहते है कि कंपनी में प्रतिदिन चार घंटा ओवरटाइम लगता है। जिसमें ओवरटाइम का पैसा सिंगल रेट में मिलता है। श्रम कानून के अनुसार ओवरटाइम का पैसा डबल रेट में मिलना चाहिए लेकिन कंपनी वाले सिंगल रेट में ही देते है। कंपनी में वेतन भी कम ही मिलता है। कंपनी से ओवरटाइम का डबल पैसे की बात करने पर कंपनी वाले इस पर विचार नहीं करते ,न ही आश्वासन देते है। ओवरटाइम का डबल रेट मिलता तो श्रमिकों को बहुत लाभ होता। कंपनी वाले क़ानून का अनुपालन नहीं करते है

दिल्ली से हमारे संवाददाता और इनके साथ ऐटक से यूनियन नेता ,वे साझा मंच के माध्यम कहते हैं कि हरियाणा श्रम मसौदा 2021 पूंजीपतियों की खुली वक़ालत करता है और मजदूरों के विरुद्ध है जिसकी सभी यूनियन इसका एक साथ, केंद्र व राज्य दोनों ही श्रम कानूनों खिलाफ एक मंच पर हैं। यहाँ मजदूरों को त्योहार में मिलने वाले बोनस वेतन आदि मुद्दों पर बात की जा रही है। साथ ही केंद्र सरकार ने जो कानून लागु की है वे मजदूरों के लिए काफी नुक्सान दायक है। और इसका काफी बुरा असर मजदूरों पर ही पडेगा

दिल्ली एनसीआर से हमारे संवाददाता की बातचीत साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से हरियाणा श्रम क़ानून के तहत श्रमिकों को कैंटीन में मिलने वाले अच्छे भोजन के विषय में एक श्रमिक से हुई। श्रमिक कहते है कि कंपनी की कैंटीन में खाना अच्छा नहीं मिलता है ,जिस कारण वो लोग ढ़ाबे से खाना पसंद करते है। कंपनी की कैंटीन में खाना की गुणवत्ता अच्छा नहीं रहता है। इस कारण कैंटीन नहीं जाते है ताकि श्रमिक बीमार न हो सरकार द्वारा बनाए गए क़ानून के विपरीत कार्य कंपनी में हो रहा है। ऑडियो पर क्लिक कर सुनें पूरी साक्षात्कार...

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गुरुग्राम के सेक्टर-52 बंजारा बाजार से रफ़ी और इनके साथ रोहतास है वे साझा मंच के माध्यम से कहते हैं कि बंजारा बाजार में लगभग पंद्रह वर्ष से रह कर अपना रोजगार चला रहे हैं। इसके जैसे लगभग ढाई सौ परिवार हैं जो यहाँ निवास करते हैं। अब सरकार द्वारा इन सभी को यहाँ से हटाने का विचार बना रही है जिससे इन निवासियों का काफी नुकसान हो रहा है।

दिल्ली के गुरुग्राम से नन्द किशोर प्रशाद ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि आज देश में विजय दशमी का त्यौहार पुरे धूम धाम से मनाया जा रहा है। वजय दशमी के बाद चिकन की बिक्री तेज हो गयी है पूरी खबर सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।

दिल्ली के गुरुग्राम से नन्द किशोर प्रशाद ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि आज देश में विजय दशमी का त्यौहार पुरे धूम धाम से मनाया जा रहा है। पूरी खबर सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें

दिल्ली एनसीआर के गुरुग्राम से नन्द किशोर की बातचीत साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से कंपनी में कार्यरत शेख मुहोम्मद जो टेलर का काम करते हैं। वे बताते है कि फुल पीस के लिए कंपनी जो रेट तय करती है अगर श्रमिक उस रेट में खुश रहते है तो काम होता है अगर नहीं तो रेट को बढ़ाया जाता है। वही पार्ट के लिए अलग अलग रेट तय किया जाता है। पहले के तुलना में अब काम मंदा होने की बात कहते हुए पीस रेट कम मिलने लगा है। इसलिए सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए और इस पर भी रेट निर्धारित कर देना चाहिए ताकि श्रमिकों को पीस रेट में काम करने में कोई परेशानी न हो