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हरियाणा राज्य के बहादुरगढ़ से मनोहर लाल कश्यप की बातचीत साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से रामाशंकर से हुई। रामाशंकर ने बताया कि वो सेक्टर 16 स्थित रिलेक्सो कंपनी में कार्य किए थे। ठेकेदार ने उनका 10,000 रूपए वेतन रोक कर रखा हुआ हैं। ठेकेदार से संपर्क करने पर ठेकेदार द्वारा पैसा खाते में डाल देने का आश्वासन मिला। कंपनी से संपर्क करने पर गेट से वापस घर की तरफ़ भेज दिया जाता हैं।
दिल्ली एनसीआर के बहादुरगढ़ से मनोहर लाल कश्यप ने साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि बहादुरगढ़ के सेक्टर 17 प्लाट नंबर 311 एवं 312 स्थित लैंसर कंपनी द्वारा नवरात्री के शुभावसर पर ठेकेदार के वेतन से पांच से छह हज़ार काट कर भंडारा का आयोजन किया जाता हैं। पैसा रहता तो ठेकेदारों का हैं पर पुण्य कार्य में नाम आता कंपनी का। यह सरासर ग़लत हैं ,कंपनी द्वारा ऐसा कार्य नहीं करना चाहिए।
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जी आपको बताना चाहेंगे कि दिव्यांगों के लिए 'हमारी वाणी' नाम से हम एक अलग से सेवा चला रहे हैं। आप अपना प्रश्न हमारी वाणी सेवा के निशुल्क नंबर 9266344222 पर पूछें।
Oct. 14, 2019, 4:33 p.m. | Tags: int-PAJ industrial work disability
हरियाणा राज्य के बहादुरगढ़ से मनोहर लाल कश्यप ने साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि राष्ट्रीय अवकाश में कंपनी में श्रमिकों को अवकाश मिलना उनका अधिकार हैं लेकिन कुछ कंपनियां जबरन अपने श्रमिकों से कार्य करवाती हैं। यही हाल था प्लाट नंबर 243 स्थित एक कंपनी का जिसे जेएमजी कंपनी के नाम से जाना जाता हैं।वहाँ 2 अक्टूबर को श्रमिकों से जबरन कार्य करवाया जा रहा था। यही ख़बर को उन्होंने साझा मंच पर रिकॉर्ड भी करवाया। उन्होंने इस विषय पर एसडीएम व लेबर कमिश्नर से संपर्क साधने की कोशिश की परन्तु विफ़ल रहे। इसके बाद मनोहर लाल ने लेबर ऑफिस के अधिकारी सुमेर सिंह से संपर्क किया। सुमेर सिंह ने इस समस्या को प्राथमिकता पर लेते हुए कंपनी पर छापेमारी की। कंपनी का सिक्योरिटी गार्ड ने कंपनी पर ताला लटका कर बात पलटते हुए कह दिया कि " बिना मालिक के कंपनी में कैसे कार्य हो सकता हैं ? " लेकिन असल में कंपनी के अंदर कार्य चालु था। श्रम विभाग द्वारा कुशलतापूर्वक कंपनी में जाँच शुरू करवा दिया गया हैं। श्रमिकों से पूछताछ भी की जा रही हैं परन्तु नौकरी जाने के भय से श्रमिक असलियत उगलने से कतरा रहे हैं।
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पदम जी बतातें हैं कि इस तरह की समस्या आम है क्योंकि श्रमिक संगठित नहीं है और श्रम कानून मुश्किल होती जा रही है। इसका समाधान यूनियन बनाकर ही किया जा सकता है। इसलिए यूनियन बनायें और साथ ही इसकी शिकायत श्रम कार्यालय में करें और समझौता अधिकारी के माध्यम से या तो समझौता करके पैसा प्राप्त करें या फिर लेबर ट्रिब्यूनल में केस दायर करके मुक़दमे के ज़रिये आदेश प्राप्त करके आप अपना पैसा प्राप्त कर सकते हैं।
Dec. 13, 2019, 5:09 p.m. | Tags: PADAM-ADV govt entitlements int-PAJ wages