दिल्ली हरियाणा गुरुग्राम से अर्जित कुमार साझा मंच मोबाइल वाई के माध्यम से बताते हैं कि वे मारुती वेंडर कंपनी में तीन -चार साल से काम कर रहे हैं। वे बताते हैं कि कंपनी अब जबरन ओवरटाइम करवा रही है और उसका पैसा भी नहीं देती है।

Comments


सबसे पहले आप ये जान लें कि कोई भी कंपनी अगर ज़बरन काम करवाती है तो वो गैरकनूनी काम है। श्रमिकों को 8 घंटे से जितने भी घंटे ज़्यादा काम करवाया जा रहा है,वो ओवरटाइम माना जायेगा और उसका भुगतान मूल वेतन की दोगुनी दर से होना चाहिए लेकिन अगर आपको अगर कंपनी जबरन काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा है तो आप इस सम्बन्ध में लेबर दफ्तर में शिकायत दर्ज कर सकते है ,साथ ही आपको ये भी प्रमाण रखना होगा कि आप उस कंपनी में काम करते हैं। जैसे की अटेंडेंस रजिस्टर की कॉपी या फिर कोई और प्रमाण जिससे ये आप साबित कर सके की आप कंपनी के कर्मचारी है।
Download | Get Embed Code

Dec. 13, 2019, 5:26 p.m. | Tags: govt entitlements   int-PAJ   workplace entitlements  

Transcript Unavailable.

हरियाणा बहादुरगढ़ से मनोहर लाल कश्यप साझा मंच के माध्यम से बताते हैं कि साझा मंच में ख़बरे समय पर प्रसारित होती है। जिसे सुनकर बहुत अच्छा लगता है।

Transcript Unavailable.

Transcript Unavailable.

हरियाणा राज्य के बहादुरगढ़ से मनोहर लाल कश्यप साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते हैं कि हरियाणा सरकार द्वारा सवा नौ हज़ार रूपए मासिक वेतन ,आठ घंटे के हिसाब से लागू किया हुआ हैं। परन्तु बहादुरगढ़ की कंपनियां मज़दूरों से 10 घंटे का कार्य लेकर उन्हें नौ हज़ार रूपए मासिक वेतन दे कर छल कपट कर रही हैं।श्रमिकों को वेतन देकर उनसे कागज़ी हस्ताक्षर भी करवा रहे हैं। कंपनी द्वारा दस घंटे के कार्य में नौ हज़ार रूपए पक्का कर दिए हैं

Comments


Transcript Unavailable.
Download | Get Embed Code

Dec. 2, 2019, 5:06 p.m. | Tags: PADAM-ADV   govt entitlements   int-PAJ   wages   workplace entitlements  

Transcript Unavailable.

Transcript Unavailable.

Transcript Unavailable.

हरियाणा राज्य के बहादुरगढ़ से मनोहर लाल कश्यप ने साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि दिवाली के शुभावसर पर सेक्टर 12 स्थित प्लाट नंबर 72,112,154 कंपनियों में प्रबंधन द्वारा कर्मचारियों की छटनी कर दी गई। अचानक कर्मचारियों के बर्खास्तगी का कारण था बोनस। इतने सारे कर्मचारियों को बोनस देने के डर से उन्हें कंपनी से निकाल दिया गया। ऐसे त्यौहार के निकट रहने से बर्खास्तगी के शिकार हुए कर्मचारियों के घरों में अंधेरा छा गया हैं।