गुरुग्राम से सोनू साझा मंच मोबाईल वाणी के माध्यम से बिहार, अपने घर गए श्रमिक मिराज से बात कर बता रहे हैं कि नेपाल से आनेवाली बाढ़ और बारिश के कारण गाँव में भी काम की कोई सम्भावना अभी नहीं दिखती। लॉक डाउन से पहले की इनकी कम्पनी में भी इनका पैसा बकाया है और कोरोना-संक्रमण की स्थिति को देखते हुए ये अभी वापस काम पर नहीं जाना चाहते। जिन कम्पनियों में काम शुरू भी हुआ है, वहाँ श्रमिकों की संख्या बहुत कम है।
गुरुग्राम से सोनू साझा मंच मोबाईल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि लॉक डाउन के बाद न्यायालय के तमाम निर्देशों के बावजूद कामगारों की स्थिति ठीक नहीं है। एक कामगार मल्लिका महजबीं इनसे बात कर बता रही हैं कि अचानक हुए लॉक डाउन की वजह से इनको खाने-पीने से लेकर रुपए-पैसे की बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ा, अप्रैल-मई का वेतन भी नहीं मिला, मकान मालिक ने किराए में कोई छूट नहीं दी, सरकार के तमाम दावों के बावजूद कहीं से किसी तरह की कोई मदद नहीं मिली, लेकिन लॉक डाउन के बाद काम शुरू होने से अब स्थिति कुछ बेहतर हुई है।
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गुरुग्राम से सोनू साझा मंच मोबाईल वाणी के माध्यम से लीगल चर्चा में मनोहर जी द्वारा इएसआई अस्पतालों के बारे में जो चर्चा की है, वह काफ़ी हद तक सही है। इएसआई अस्पतालों में न तो श्रमिकों को सभी दवाएँ मिलती हैं और न ही उनका उचित इलाज होता है। इन इएसआई अस्पतालों की स्थिति को सुधारने के लिए सरकार को गम्भीर कदम उठाने चाहिए।
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गुरुग्राम से सोनू साझा मंच मोबाईल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि कुछ दिन पहले सरकार के ये कहने के बावजूद कि जिनका वेतन पंद्रह हज़ार से कम होगा, उनके पीएफ ऑअ इएसआई का पैसा सरकार देगी, कुछ कम्पनियों में श्रमिकों के वेतन से पीएफ और इएसआई का पैसा काटा जा रहा है।
baj gayi Gahlot Sarkar Rajasthan mein
गुरुग्राम से सोनू साझा मंच मोबाईल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि हरियाणा सरकार के गृह मंत्री अनिल विज ने एक विडीओ में कोरोना-संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए इशारों-इशारों में हरियाणा में भी लोगों को लॉक डाउन के लिए मानसिक रूप से तैयार रहने को कहा है।
logon mein rasan ke liye hogi kilat Bihar mein
गुरुग्राम से सरिता साझा मंच मोबाईल वाणी के माध्यम से सोनू से बात कर बता रही हैं कि लॉक डाउन के समय का वेतन न मिलने से श्रमिकों को बहुत परेशानी हो रही है, सरकार के मना करने के बाद भी कम्पनियाँ लॉक डाउन के तीन महीनों का पीएफ-इएसआई का पैसा काट रही हैं।
