दिल्ली एनसीआर के गुरुग्राम हरियाणा से नन्द किशोर,साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि सड़कों पर आवारा पशु भागते -दौड़ते देखे गए

दिल्ली एनसीआर के गुरुग्राम से सोनू ने साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि उद्योग विहार की बहुत की गारमेंट्स कम्पनियाँ बंद हो चुकी है। गारमेंट के कई कारीगर अपना काम भी बदल रहे है साथ ही ऐसी बहुत सी कम्पनियाँ बंद होने से श्रमिक बेरोज़गार होते जा रहे है। कई कम्पनियाँ काम की कमी से श्रमिकों को छुट्टी दे रही है यह कह कर कि बाद में काम दिया जाएगा। परन्तु इसके आसार कम नज़र आ रहे है।सरकार श्रमिकों का सहयोग नहीं कर रही है।ऑडियो पर क्लिक कर सुनें पूरी खबर...

दिल्ली एनसीआर से हस्मत अली की बातचीत साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से मुख्तयार से हुई। मुख्तियार ने बताया कि अब तक कंपनी बंद है। वो अमेरिकन एक्सप्रेस कंपनी में तीन वर्ष से ड्राइवर है । उन्होंने लॉक डाउन के दौरान जब पीएफ का पैसा निकलवाया तो उनका केवल 14,300 रूपए ही निकले जबकि उनका प्रति महीने का पीएफ योगदान मिला कर क़रीब एक लाख रूपए होना चाहिए था परन्तु कंपनी प्रबंधन की गड़बड़ी के कारण उनका योगदान केवल 14,300 रूपए हुआ । मुख्तयार के अनुसार यूनियन बनाने का कोई फ़ायदा नहीं है क्योंकि समय पर कोई सहयोग नहीं करता है। अगर कोई यूनियन बनाते भी है तो उनके साथ मर पीट किया जाता है। श्रमिक कानून में जो बदलाव किये है वो केवल लिखित में है ,कार्यवाही किसी क़ानून के तहत नहीं होती है। इन्होने बताया कि आठ घंटे की ड्यूटी कह कर उनसे 15-16 घंटे की ड्यूटी करवाई जाती है। अगर इस पर आवाज़ उठाया जाता है तो उन्हें नौकरी से हटा देने की बात कहा जाता है। इस कारण मज़बूरी में काम करना ही पड़ता है।

दिल्ली एनसीआर के गुरुग्राम से नन्द किशोर,साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि हमें स्वच्छता का सबसे ज्यादा विशेष ध्यान देना चाहिए। केंद्र से लेकर राज्य सरकार और नगर निगम तक सबको पता है कि बीमारियों को रोकने के लिए क्या क्या कदम उठाना चाहिए। इसके बावजूद हर साल डेंगू ,मलेरिया ,चिकनगुनिया का प्रकोप बढ़ता ही रहता है। लोग अपने घर के साथ-साथ आसपास की सफाई रखें तो बरसात के समय से ही जलजमाव को रोका जा सकता है जिससे बीमारियों पर काफी हद तक काबू पाया जा सकता है। नालियों के समय से सफाई हो तो दिल्ली एनसीआर कि अगर राज्य सरकारों , नगर निगम और प्राधिकरण ऑफिसर को इस पर गंभीरता से कदम उठाना चाहिए

दिल्ली एनसीआर के गुरुग्राम हरियाणा से नन्द किशोर,साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि कंपनियों में काम करने वाले श्रमिकों के लिए महगें सामान महंगे किराए होने से उनका बुरा हाल है

दिल्ली एनसीआर के गुरुग्राम से नन्द किशोर,साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि ठण्ड के दस्तक देते ही प्रदुषण का स्तर भी बढ़ता दिखाई दे रहा है। प्रशासन इससे वाकिफ होने पर भी कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे है। दिल्ली एनसीआर की हवा लगातार जहरीली होती जा रही है परन्तु जमीनी स्तर पर प्रदुषण से निबटने के लिए कोई विशेष प्रयास नहीं किया जा रहा है। गुरुग्राम के कई क्षेत्रो पर हो रही निर्माण कार्य से भी प्रदुषण में वृद्धि हुई है परन्तु इस पर भी कोई ध्यान आकर्षित नहीं कर रहा है ऑडियो पर क्लिक कर सुनें पूरी ख़बर...

दिल्ली एनसीआर के गुरुग्राम से नन्द किशोर,साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि आज की युवा पीढ़ी शराब के लथ में फँसे हुए है। इसी को देखते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग के मध्य निषेधालय के द्वारा शुरू किए जा रहे नशा विरोधी अभियान से एम्स को भी जोड़ा जा रहा है और इससे और ज्यादा प्रभावी बनाया जाएगा। इससे अपराधों को भी नियंत्रित करने में लाभ प्राप्त होगा। ऑडियो पर क्लिक कर सुनें पूरी ख़बर...

दिल्ली एनसीआर के गुरुग्राम से नन्द किशोर ने साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि अभी त्यौहार के समय बाज़ारों में भीड़ हो ही रही है। इस पर पुलिस प्रशासन कोरोना सुरक्षा को लेकर सतर्क है। गलियों व सड़कों पर पुलिस मुस्तैद हो कर निर्देशों का पालन नहीं करने वाले व्यक्तियों का चालान काट रहे है। ऑडियो पर क्लिक कर सुनें पूरी ख़बर..

दिल्ली एनसीआर के गुरुग्राम से नन्द किशोर,साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते है कि नवरात्र की पूजा को लेकर बाज़ारों में रौनक आ गई है। इन दिनों बाज़ारों में पूजा को लेकर सामग्री ख़रीदते हुए हर लोग दिखे। लोगों में कोरोना के प्रति सतर्कता देखने को भी मिली ऑडियो पर क्लिक कर सुनें पूरी ख़बर...

दिल्ली एनसीआर के गुरुग्राम से दिनेश चौधरी,साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि श्रमिकों को सहयोग देने वाला व उन्हें हिम्मत प्रदान करने वाला कोई नहीं होता ,इसलिए वो संगठन का निर्माण नहीं कर पाते है। अगर वो संगठन निर्माण करते है तो कंपनी वाले ही उन्हें ताने मर कर उनके हिम्मत को तोड़ देते है। ऑडियो पर क्लिक कर सुनें दिनेश के विचार..