दिल्ली के समालखा से नन्द किशोर ,साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते है कि मोदी जी की सरकार देशवासियों के लिए अच्छी पहल की है। जो वास्तव में उन्हें लड़ाई-झगड़ों के खात्मा के लिए ही सोचा है जिस तरह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गांव के लोगों की उनकी आवाज जमीन का मालिकाना हक देने वाला स्वामित्व योजना शुरू कर एक जरूरी काम का श्रीगणेश किया है जिससे आजादी के बाद ही हाथ में लिया जाना जरूरी था।
दिल्ली के समालखा से नन्द किशोर ,साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते है कि दिल्ली की सरकार द्वारा इलेक्ट्रिक वाहनों की रोड चार्ज और पंजीकरण शुल्क से राहत की सूचना जारी कर दिया गया। इसमें 3 दिनों बाद पंजीकरण शुल्क माफ करने की घोषणा हुई है। दिल्ली की सरकार ने यह कदम इलेक्ट्रिक वाहनों को संख्या बढ़ाने के लिए उठाया है जो सराहना भी सबको करना चाहिए
गुरुग्राम, हरियाणा से साझा मंच मोबाईल वाणी के सम्वाददाता नंद किशोर बृजनंदन जी से बात कर रहे हैं। बृजनंदन बता रहे हैं कि आठ साल काम करने के बाद एक दुर्घटना होने के कारण कम्पनी ने इन्हें काम से निकाल दिया। उसके बाद ये गलियों में घूम-घूमकर ये बैग, पर्स, परफ़्यूम इत्यादि बेचने लगे और कम्पनी में काम करने से बेहतर स्थिति में हैं। कम्पनी में ग़ुलाम बनाकर रखते हैं। लेकिन अब अपने अनुसार काम करता हूँ और मेरा परिवार खुश है। कम्पनियों में काम के हालात पर सरकार को ध्यान देकर उसे सुधारना चाहिए, क्योंकि सभीलोग अगर कम्पनी छोड़ देंगे, तो कारोबार का क्या होगा!
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दिल्ली-गुरुग्राम रोड से साझा मंच मोबाइल वाणी के सम्वाददाता नंदकिशोर एक दिव्यांग राकेश कुमार जी से बात कर रहे हैं। राकेश जी बता रहे हैं कि कोरों से पहले उन्होंने आठ साल सिलायी का काम किया था। कोरोना के समय इनका हिसाब कर दिया गया। तब लॉक डाउन में बहुत परेशानी हुई। फिर ये रिक्शे पर घूम-घूमकर शिखर गुटखा बेचने लगे और अपने काम से संतुष्ट हैं तथा आगे भी यही काम करेंगे।
दिल्ली एनसीआर के गुरुग्राम रोड से नन्द किशोर ने साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि कोरोना के कारण लोग अपने स्वास्थ्य या प्रतिरोधक क्षमता को लेकर जागरूक भी बन रहे है। ऑडियो पर क्लिक कर सुनें पूरी ख़बर
दिल्ली एनसीआर के गुरुग्राम रोड से नन्द किशोर ने साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि दिल्ली में अब जनता को 24 घंटे पेयजल मिलेगी। इसके लिए सरकार ने घोषणा भी कर दी गई है। पेयजल व्यवस्था के लिए एक सलाहकार नियुक्त करने की तैयारी हो चुकी है साथ ही सलाहकार से राय लेकर आधुनिक तकनीकों का प्रयोग करते हुए जल प्रबंधन किया भी जाएगा। ऑडियो पर क्लिक कर सुनें पूरी ख़बर
दिल्ली एनसीआर के गुरुग्राम से नन्द किशोर ने साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि साइबर सिटी गुरुग्राम सदर बाजार इन दिनों अतिक्रमण का मार झेल रहा है। सदर बाजार में अतिक्रमण करने वालों पर शिकंजा कसा जाएगा इसमें नगर निगम की टीम ने पूरी कमर कस ली है। इसलिए नगर निगम की टीम ने बाजार की वीडियोग्राफी भी करना शुरू कर दिया है। कोरोना वायरस से सुरक्षा के लिए जो नियम लागू किए गए है ,दुकानदारों द्वारा उसकी अवहेलना की जा रही है। इससे पहले कि दुकानदारों को निगम के संयुक्त आयुक्त ने भी अपने कार्यालय में बुलाकर चेतावनी भी दिए हैं कि अगर बाजार में दुकानदारों ने अतिक्रमण मुक्त नहीं किया तो सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी। ऑडियो पर क्लिक कर सुनें पूरी ख़बर।
दिल्ली एनसीआर के गुरुग्राम से नन्द किशोर ने साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि गुरुग्राम शहर के ओल्ड रेलवे रोड पर अतिक्रमण हटाने के लिए नगर निगम के द्वारा इंफोर्समेंट टीम ने एक अभियान चलाया। इस दौरान सड़कों से रेहड़ी पटरी वालों को हटाया गया। इसके साथ ही फल और सब्जी बेचने वाले को भी सड़कों पर रेहड़िया खड़ी नहीं करने की भी चेतावनी दी गई है। उधर कोरोना संक्रमण के चलते शारीरिक दूरी का पालन करना बहुत जरूरी है लेकिन बाजारों में नियमों का पालन नहीं हो रहा है। सड़कों पर अतिक्रमण होने के कारण ट्रैफिक जाम भी लगता है। इसको देखते हुए नगर निगम द्वारा निर्धारित रूप से अभियान चलाया जाएगा। बार-बार अतिक्रमण करने वालों पर जुर्माना लगाने की कार्यवाही भी होगी। ऑडियो पर क्लिक कर सुनें पूरी ख़बर
दिल्ली एनसीआर के गुरुग्राम से नन्द किशोर ने साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि गुरुग्राम क्षेत्र में सबसे बड़ी क्षेत्र औद्योगिक नगरी का है। आईएमटी मानेसर में सफाई के नाम पर केवल खानापूर्ति ही किया जा रहा है।औद्योगिक क्षेत्र में सफाई नहीं रहने के कारण जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। ठेकेदारों ने अपने ट्रैक्टर ट्रॉली और कर्मचारी भी लगा रखे है। यह कर्मचारी सफाई तो करते हैं परन्तु कचड़े को आईएमटी के अंदर और बाहर खाली जमीन पर ही डाल देते हैं। इसके साथ ही यहां के पार्क में भी गंदगी डाली जा रही है। कंपनियों से निकलने वाले कचड़े कभी पार्क में ही डाल दिया जाता है। इससे यहां के पार्कों की स्थिति काफी खराब हो चुका है। सफ़ाई की कोई उचित व्यवस्था नहीं है
