गुरुग्राम, हरियाणा से साझा मंच मोबाईल वाणी के सम्वाददाता नंद किशोर बृजनंदन जी से बात कर रहे हैं। बृजनंदन बता रहे हैं कि आठ साल काम करने के बाद एक दुर्घटना होने के कारण कम्पनी ने इन्हें काम से निकाल दिया। उसके बाद ये गलियों में घूम-घूमकर ये बैग, पर्स, परफ़्यूम इत्यादि बेचने लगे और कम्पनी में काम करने से बेहतर स्थिति में हैं। कम्पनी में ग़ुलाम बनाकर रखते हैं। लेकिन अब अपने अनुसार काम करता हूँ और मेरा परिवार खुश है। कम्पनियों में काम के हालात पर सरकार को ध्यान देकर उसे सुधारना चाहिए, क्योंकि सभीलोग अगर कम्पनी छोड़ देंगे, तो कारोबार का क्या होगा!
