दिल्ली-गुरुग्राम रोड से साझा मंच मोबाइल वाणी के सम्वाददाता नंदकिशोर एक दिव्यांग राकेश कुमार जी से बात कर रहे हैं। राकेश जी बता रहे हैं कि कोरों से पहले उन्होंने आठ साल सिलायी का काम किया था। कोरोना के समय इनका हिसाब कर दिया गया। तब लॉक डाउन में बहुत परेशानी हुई। फिर ये रिक्शे पर घूम-घूमकर शिखर गुटखा बेचने लगे और अपने काम से संतुष्ट हैं तथा आगे भी यही काम करेंगे।