दिल्ली गुरुग्राम से नन्द किशोर प्रसाद साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से श्रमिक विजय से बात चित कर रहे हैं। विजय ने बताया कि वे 2005 में अपने क्षेत्र से काम की तलाश में दिल्ली एनसीआर आये थे और यही वे दिहाड़ी मजदूरी का काम ठेकेदार के अंदर रह कर करते हैं। साथ ही वे बताते हैं कि महंगाई से भी वे बहुत परेशान है। कम आमदनी में बहुत खर्चा हो जाता है।
दिल्ली गुरुग्राम हरियाणा से नन्द किशोर प्रशाद ने साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि गुरुग्राम हरियाणा के सदर बाजार में बड़े बड़े शोरूम व दुकाने हैं। जिसके कारण आये दिन सड़कों में जाम लग जाता है। स्थानीय लोगों को आने जाने में काफी परेशानी होती है
दिल्ली आईएमटी गुरुग्राम से नन्द किशोर प्रसाद ने साझा मंच मोइली वाणी के माध्यम से बताया कि मजदूरों के लिए पैसा भेजना महंगा हो गया है।
दिल्ली गुरुग्राम से नन्द किशोर प्रसाद ने साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि लोगों को महंगाई से मुकाबला करने के लिए कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। दिन प्रति दिन महंगाई गरीबों के लिए आसमान छू रहा है
दिल्ली गुरुग्राम से नन्द किशोर प्रसाद ने साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि दिल्ली गुरुग्राम हरियाणा इंडस्ट्री 318 कंपनी में वाले अमित से बातचीत कर रहे हैं। जहाँ अमित ने बताया कि 2 दिसम्बर 2021 को काम करने के दौरान उनके हाथ की पूरी अंगुलियाँ कट गयी। जिसके बाद कंपनी ने किसी प्रकार की कोई सहायता नहीं की
दिल्ली गुरुग्राम से नन्द किशोर प्रसाद ने साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से मकान बनाने वाले राज मिस्त्री का काम करने वाले दिहाड़ी मजदूर से बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने बताया की उन्हें दिहाड़ी मजदूरी सात सौ रूपए दी जाती है। मजदुर बताते हैं कि ठेकेदार मजदुर को उसके मन के हिसाब से पैसे नहीं देता है। पैसे मांगने पर मजदुर को कभी छुट्टी या किसी न किसी चीज़ का हवाला देकर पैसा देने से मुकर जाता है जबकि मजदुर का पैसा उनका अधिकार होता है
दिल्ली गुरुग्राम से नन्द किशोर प्रसाद ने साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि लोगों को महंगाई से मुकाबला करने के लिए कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। दिन प्रति दिन महंगाई गरीबों के लिए आसमान छू रहा है
दिल्ली एनसीआर के गुरुग्राम रोड से नन्द किशोर की बातचीत साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से श्रमिक गौतम से हुई। गौतम कहते है कि तीन साल से किराये के मकान में रह रहे है। सप्लाई पानी आता है जिसे इस्तेमाल करते है लेकिन वो पानी पीने योग्य नहीं रहती है । बाज़ार से पीने का पानी लेते है। पीने का पानी व सप्लाई पानी दोनों मिला कर महीने का कुल 1100 से 1200 रूपए खर्च लग जाता है। आने वाले दिनों में अधिक ख़र्च हो सकता है। जल बचाना जरूरी है। बारिश का पानी संचय नहीं हो पाता है जिस कारण जल का स्तर घट रहा है
दिल्ली गुरुग्राम से नन्द किशोर प्रसाद ने साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि लोगों को महंगाई से मुकला करने के लिए कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। यूक्रेन -रूस के हमलों के साथ कच्चे तेल के मूल्यों में भी वृद्धि हुई है
गुरुग्राम से नंदकिशोर साझा मंच के माध्यम से कह रहें हैं की सरकार ने ग़रीबों को मुफ्त राशन की योजना को कोरोना महामारी के दौरान लागू किया लेकिन कोरोना के बाद अभी भी कुछ राज्यों में इस योजना को लागू रखा गया है क्योंकि सरकार को लगता है की गरीब सारा ध्यान खाना इंतज़ाम करने लगे रहते है और वो शशक्त नहीं बन पाते है.
