गुरुग्राम से नंदकिशोर माध्यम से की गुरुग्राम की दुकानों में गर्मी के कारन कूलर और पंखा काफी महंगा बिक रहें हैं.
दिल्ली के गुरुग्राम से नंदकिशोर साझा मंच के माध्यम से कह रहें हैं की गर्मी के कारण लोग फ्रिज का पानी के साथ घड़े और सुराही का पानी को भी काफी पसंद कर रहें हैं. दिल्ली में जगह जगह मिट्टी के घड़े और सुराही बिकते नज़र आते हैं तथा लोगों की पसंद को देखते हुए नए नए डिज़ायन के घड़े और सुराही भी दुकानों में सजे नज़र आते हैं. फ्रिज के पानी से लोगों को सर्दी की शिकायत होती है लेकिन इस मिट्टी के बर्तन का ठंडा पानी पीने से स्वास्थ पर किसी भी तरह का ख़राबी नहीं होती है.
गुरुग्राम से नंदकिशोर साझा मंच के माध्यम से कह रहें हैं की गुरुग्राम के डुंडेहरा में सुरिया बिहार के पीछे गलियोँ में नाली का कूड़ा को सड़क पर छोड़ने की प्रक्रिया को बार बार धोरणे से उस चैत्र में काफी बदबू फैली हुई है वहाँ का वातावरम ही खराब हो गया है.
दिल्ली गुरुग्राम रोड से नंदकिशोर साझा मंच के माध्यम से एक मज़दूर संजय से बात कर रहें हैं, मज़दूर का कहना है की सब्ज़ी इतना महंगा होता जा रहा है. की पहले जितने पैसे में परिवार को सब्ज़ी पूरा हो जाय करता था वहीँ अभी के समय में दो लोगों को ही सब्ज़ी मिल पा रही है.इसके सम्बन्ध में सरकार को महंगाई पर रोक लगाना चाहिए।
नंदकिशोर साझा मंच के माध्यम से कह रहें हैं की ेइलेक्शन होने के बाद से महंगाई सर चढ़ कर बोल रहा है चाहे खाद्य पदार्थ हो या पेट्रोल/ डीज़ल सभी के दाम बढ़ गई हैं. मज़दूरों का कहना है की सिमित तनखाह में खाना खर्चा निकालना काफी मुश्किल हो रहा है.
गुरुग्राम से नंदकिशोर साझा मंच के माध्यम से कह रहें हैं की गुरुग्राम में हज़ारों की तादाद में कंपनियां हैं लेकिन कंपनियों के बाहर सड़क पर एक भी शौचालय नहीं है यदि कही एक दो शौचालय है तो उसमें भी ताला लटका नज़र आता है. जिससे मज़दूरों को समस्या होती है
दिल्ली गुरुग्राम से नन्द किशोर प्रसाद ने साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से निर्माण श्रमिक मोहित कुमार से बातचीत की। जहाँ उन्होंने बताया कि वे दिहाडी मजदूरी का कार्य तीन महीने से कर रहे हैं और उन्हें साढ़े तीन सौ रूपए रोजाना दिया जाता है।
दिल्ली गुरुग्राम से नन्द किशोर प्रशाद ने साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से कंपनी में काम करने वाली बिनीता से बातचीत की। बिनीता ने बताया कि ठेकेदार उनसे छह महीने काम तक करवाया और बिना पैसा दिए भाग गया
दिल्ली के गुरुग्राम रोड से नन्द किशोर की बातचीत साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बेलदारी का काम करने वाले राम भवन से हुई। राम भवन कहते है कि वे 400 रूपए की दिहाड़ी का काम कर रहे थे। अगर पांच मंज़िला बनना है और एक ही मंज़िला बनना रह गया और मालिक अगर पैसा नहीं देता है तो ठेकेदार भाग जाता है। इससे पैसे नहीं मिल पाते है। पहले ठेकेदार के नीचे काम करते थे जिसमे लगभग सात हज़ार वेतन नहीं मिला है। इसलिए अब ठेकेदार के नीचे काम नहीं करते है। निर्माण कार्य में सुरक्षा के कोई साधन नहीं मिलता है। ठेकेदार के साथ काम करने से दिहाड़ी सही से नहीं मिलता है।
दिल्ली एनसीआर के गुरुग्राम रोड से नन्द किशोर की बातचीत साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बीरपाल से हुई। बीरपाल रेलवे से पार्सल करने की प्रक्रिया बताते हुए कहते है कि पार्सल करने के लिए आधार कार्ड ,ईमेल लगती है। शहर की दूरी के अनुसार चार्ज लगता है।डीजल पेट्रोल के अलावा कोई भी चीज़े पार्सल की जा सकती है
