दिल्ली के गुरुग्राम रोड से नन्द किशोर की बातचीत साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बेलदारी का काम करने वाले राम भवन से हुई। राम भवन कहते है कि वे 400 रूपए की दिहाड़ी का काम कर रहे थे। अगर पांच मंज़िला बनना है और एक ही मंज़िला बनना रह गया और मालिक अगर पैसा नहीं देता है तो ठेकेदार भाग जाता है। इससे पैसे नहीं मिल पाते है। पहले ठेकेदार के नीचे काम करते थे जिसमे लगभग सात हज़ार वेतन नहीं मिला है। इसलिए अब ठेकेदार के नीचे काम नहीं करते है। निर्माण कार्य में सुरक्षा के कोई साधन नहीं मिलता है। ठेकेदार के साथ काम करने से दिहाड़ी सही से नहीं मिलता है।