बिहार राज्य के जमुई जिला के रहने वाले रंजीत कुमार सिंह मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि वे अहमदाबाद के नगलचौकडी ,मरिया पार्क में फंसे हुए है ,इनके साथ और भी कई लोग है ,इनलोगो को खाने पीने की दिक़्क़त है। मोबाइल वाणी से ये आग्रह है कि उन्हें यहां से ले जाने या फिर यहां से बिहार पहुंचाने की सुविधा उपलब्ध कराये
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लॉक डाउन में फंसे प्रयाग मंडल की कहानी उन्हीं की जुबानी। ऑडियो पर क्लिक कर सुनें पूरी खबर को।
बिहार राज्य के समस्तीपुर जिले से स्वीटी कुमारी मोबाइल वाणी के माध्यम से यह कहती हैं कि सरकार द्वारा निकाली गई जनधन योजना के तहत उनके बैंक खाते में कोई भी राशि प्राप्त नहीं हुई है।
बिहार में बिजली दरों में कोई वृद्धि नहीं होगी। एक अप्रैल से लोग उसी दर पर बिजली का उपभोग कर सकेंगे जिस दर 31 मार्च तक कर रहे थे। राज्य सरकार के इस निर्णय से 1.6 करोड़ से अधिक उपभोक्ताओं को राहत मिली है। बीते 20 मार्च को बिहार विद्युत विनियामक आयोग ने ऐतिहासिक फैसला देते हुए 10 पैसे प्रति यूनिट बिजली सस्ती की थी, लेकिन अगर इसी दर पर लोगों को बिजली बिल देना पड़ता तो वह काफी महंगा साबित होता। लेकिन पूर्व के वर्षों की तर्ज पर राज्य सरकार ने इस बार भी बिजली कंपनी को अनुदान देने का निर्णय लिया है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2019-20 में राज्य सरकार ने कंपनी को 860 करोड़ का अनुदान दिया था। लेकिन एक अप्रैल से शुरू होने वलो वित्तीय वर्ष 2020-21 में राज्य सरकार 1000 करोड़ से अधिक का अनुदान उपभोक्ताओं को देगी। घरेलू, कृषि, व्यावसायिक सहित तमाम श्रेणी के उपभोक्ताओं के बिजली बिल पर राज्य सरकार की ओर से दिए जाने वाले अनुदान का उल्लेख रहेगा। टैरिफ मॉडल की हुई है सराहना देश में बिहार इकलौत राज्य है जहां बिहार विद्युत विनियामक आयोग की ओर से बिजली दर तय करने के बाद राज्य सरकार अनुदान की घोषणा कर लोगों को सस्ती बिजली मुहैया कराती है। बिजली दर के इस बिहार मॉडल की सराहना देश में अब तक कई मंचों पर हो चुकी है। केंद्र सरकार ने राज्यों को कहा है कि वह बिहार की तरह ही लोगों को बिजली बिल पर बताएं कि उन्हें राज्य सरकार हर महीने कितना अनुदान दे रही है, ताकि अवैध तरीके से बिजली उपभोग करने की प्रवृत्ति पर रोक लगे। यह भी आज से लागू विनियामक आयोग की ओर से सुनाए गए फैसले के अनुसार उपभोक्ताओं को 1 अप्रैल से मीटर रेंट नहीं देना होगा। इसमें उपभोक्ताओं को 20 रुपए से लेकर 1000 रुपए महीने तक का लाभ होगा। कुटीर ज्योति और ग्रामीण घरेलू सेवा में बिना मीटर के अब कनेक्शन नहीं मिलेंगे। ग्रामीण घरेलू व व्यावसायिक के साथ ही सिंचाई सेवा में मांग आधारित टैरिफ लागू होगा, लेकिन मांग आधारित बिल में न्यूनतम खपत को घटाकर 85 प्रतिशत से 75 प्रतिशत कर दिया गया है। साथ ही एक प्रावधान यह भी किया गया है कि न्यूनतम 21 घंटे बिजली देने पर ही कंपनी बिल की वसूली करेगी। लोड से अधिक खपत करते धराए तो अब कंपनी जुर्माना में फिक्स चार्ज भी वसूलेगी।
देशभर में लॉकडाउन के कारण तेलंगाना में ग्रेनाइट फैक्ट्री में काम करने वाले यूपी-बिहार के 400 से अधिक मजदूर फंसे हैं। काम बंद होने से उन्हें खाने को लाले पड़ रहे हैं। बिहार के कुछ मजदूरों ने पटना सचिवालय में मदद की गुहार लगायी है। जहां से उन्हें जल्द से जल्द लाने का आश्वासन दिया गया है। फैक्ट्री में इन मजदूरों के साथ आसोम व राजस्थान के भी मजदूर भी हैं। उत्तर प्रदेश के चंदौली के प्रभुपुर (सकलडीहा) गांव के गोपाल सिंह ने मंगलवार को हिंदुस्तान कार्यालय में फोन कर अपनी पीड़ा सुनाई। साथ ही उनके आने के बारे में जानकारी ली। फैक्ट्री में ऑपरेटर गोपाल सिंह बताते हैं कि करीमपुर जिले के बहुपेट गांव में सैकड़ों एकड़ में ग्रेनाइट की फैक्ट्री है। जिसमें यूपी, बिहार, राजस्थान, पंजाब, आसोम सहित कई राज्यों के मजदूर, इंचार्ज और ऑपरेटर काम करते हैं। कोरोना की वजह से प्रधानमंत्री के जनता कर्फ्यू के आह्वान पर फैक्ट्री में काम बंद हो गया था। एक दिन बाद फैक्ट्री चालू हो गयी लेकिन फैक्ट्री में तैनात वरिष्ठ अधिकारी धीरे-धीरे निकल गए। इसके बाद पूरे देश में लॉकडाउन से फैक्ट्री पर फिर ताला लटक गया।
बिहार राज्य के समस्तीपुर जिले से दीपक मोबाइल वाणी के माध्यम से खबर के असर को बताते हुए कहते है कि पटना में स्थित पशु विश्वविद्यालय के निदेशक ने बर्ड फ्लू से बचने के लिए दिया महत्वपूर्ण सुझाव। उन्होंने बताया कि जिस प्रकार हमारे देश के लोग कोरोना वायरस से ग्रसित हो रहे हैं, तो कहीं बर्ड फ्लू यानी एविअन इन्फ्लूएंजा के संक्रमण से पशु एवम पक्षियों में प्रभाव देखने को मिल रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इस गंभीर परिस्थिति को देखते हुए संबंधित खबर को प्रमुखता से प्रसारित किया गया एवं खबर को स्थानीय प्रशासन के साथ हीं बिहार राज्य के एक मात्र पशुपालन विश्वविद्यालय, पटना के अनुसंधान निदेशक डॉ रविन्द्र कुमार से साझा किया गया था एवं अभी भी लगातार साझा किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि खबर साझा के बाद मोबाइल वाणी द्वारा सम्पर्क किया गया था। जिस पर प्रतिक्रिया देते हुए पशु विश्वविद्यालय, बिहार के अनुसंधान निदेशक डॉ रविन्द्र कुमार द्वारा बर्ड फ्लू से बचाव के लिए आवश्यक सुझाव जारी किए गए हैं एवं आवश्यक सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी हुआ।
कोरोना वायरस से संक्रमण के रोकथाम के लिए देशव्यापी लॉक डाउन के बीच जिले में आवश्यक सामग्रियों की कालाबाजारी ना हो एवं दुकानदार मनमानी कीमत नहीं वसूल सके के लिए जिला आपूर्ति प्रशाखा के पदाधिकारियों द्वारा विभिन्न थोक एवं खुदरा व्यवसायिक प्रतिष्ठानों पर छापेमारी लगातार जारी है आपूर्ति शाखा द्वारा जारी आंकड़े के अनुसार समस्तीपुर अनुमंडल के अंतर्गत 10 व्यवसायिक प्रतिष्ठानों रोसरा अनुमंडल के पांच व्यवसायिक प्रतिष्ठानों दलसिंह सराय अनुमंडल के 6 जबकि पटोरी अनुमंडल के चार व्यवसायिक प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की गई है जिले के चारों अनुमंडल में किए गए कुल छापेमारी कुल 27 छापेमारी के साथी अब तक किए गए छापेमारी की संख्या 398 हो गई है एवं 01 दुकानदार पर आवश्यक वस्तुओं के कालाबाजारी के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है, अन्य दुकानदारों को दुकान में उपलब्ध सामग्रियों के बिक्री दर की सूची प्रदर्शित करते हुए सामानों को बेचने का निर्देश दिया गया है।
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