सुगौली मनसिंघा की रौशनपुर सपहा सड़क गड्ढे में हुई तब्दील।

सुगौली स्टेशन रोड में क्लिनिक में इलाज के दौरान हुई मौत के बाद क्लिनिक छोड़ भागे सभी,पसरा सन्नाटा।

बिहार पुलिस को जल्द ही पुराने और खटारा गाडियों टर की जगह नई चमचमाती गाडियां बात है। इससे पुति बने के साथ शराब के विरुद्ध अभियान और भी सुद्ध होगा। पुलिस मुख्यालय राज्य भर के थानों और पुलिस इकाइयों के लिए तीन हजार से अधिक न गडियों की खरीद करेगी इनमें बुलेटप्रूफ गाडियां और वज्र वाहन भी शामिल हैं। डीजीपी की अध्यक्षता वाली पुलिस ल मुख्यालय की कमेटी ने 3082 नए वाहनों की खरीद की स्वीकृति दे है। पुलिस के पास वर्तमान में 15 साल से अधिक पुराने 1283 बहन हैं, जिनकी जगह नए बहनों की खरीद होगी पुराने अनुपयुक्त वाहनों को स्क्रैप करने के बाद 916 नए वाहन खरीदे जाएंगे। इसके अलावा इमरजेंसी सेवा के लिए इस्तेमाल होने वाले डायल-112 के दूसरे चरण के लिए 883 वाहनों की खरीद की जाएगी। इसके अलावा मय इंटरसेप्टर घोड़ों के लिए हार्स कैरियर, श्वान दस्ते के लिए वाहन, विधि-व्यवस्था के लिए बज्र वाहन, सुरक्षा के लिए बुलेटप्रूफ गाडियां और कैदी वाहन आदि शामिल हैं। इसके अलावा महिला पुलिस के लिए स्कूटी एवं अन्य वाहनों की भी भी शामिल होंगे। यातायात के लिए खरीद की योजना है।

सरकार वित्तीय वर्ष में 25,000 एकड़ सूक्ष्म सिंचाई के लिए किसानों की 4.500 व्यक्तिगत नलकूप पर अनुदन अधिक क देंगे। कृषि मंत्री कुमार सर्वजीत ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना- प्रति बूंद अधिक फसल पर आयोजित एक दिवसीय कार्याल में यह षणा की। पद्धति अपनाने वाले न्यूनतम पाँच किसानों के समूह द्वारा कम-से-कम दाई हेक्टेयर में खेती के लिए लघु एवं सीमांत किसने को जल स्रोत के सृजन हेतु 80 प्रतिशत अनुदान (210 फीट गहराई तक पर सामूहिक नलकूप की व्यवस्था को गई है। विगत वर्षों में कुल 906 समूह को सामूहिक नलकूप योजना का लाभ दिया जा चुका है। किसान आनलाइन आवेदन के जरिए पंजन का लाभ ले सकते हैं। की अध्यक्षता कृषि विभाग के प्रधान सचिव राजेन्दर ने की ग्रिप सिंचाई पद्धति कृषकों की कार्यक्रम में उद्यान निर्देशक अभिषेक बढ़ाने के लिए सभी श्रेणी के किसानों कुमार संयुक्त निदेशक राधा रमण अतिरिक्त टॉप-अप के कृषि विभाग के मुख्यालय एवं क्षेत्रीय जरिए 30 प्रतिशत अनुदान उपलब्ध हुआ है।

बिहार में अब पांच दिन पहले ही किसानों और आमलोगों को मौसम की जानकारी मिल जाएगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को इससे संबंधित मोबाइल एप ‘मौसम बिहार’ का लोकार्पण किया। ऐसा मोबाइल एप विकसित करनेवाला बिहार भारत का पहला राज्य है। सीएम ने सरदार पटेल भवन की छठी मंजिल पर बिहार मौसम सेवा केंद्र का शुभारंभ भी किया। इसी केंद्र के द्वारा ‘मौसम बिहार’ एप तैयार किया गया है। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस केंद्र के माध्यम से पंचायत स्तर तक मौसम संबंधी पूर्वानुमान का कार्य बेहतर ढंग से किया जा रहा है, जिसे बढ़ाकर राजस्व ग्राम स्तर तक किया जाये। ताकि, हर गांव के किसान इसका लाभ ले सकें। मौसम पूर्वानुमान की सटीक जानकारी होने से राज्य में किसानों को खेती में सुविधा होगी। साथ ही, बीजों की बुआई और फसलों की कटाई आदि कार्य सही समय पर किसान कर सकेंगे। बिहार में हर वर्ष बाढ़, सुखाड़, शीतलहर, लू, चक्रवातीय तूफान, वज्रपात आदि प्राकृतिक आपदाओं के कारण जान-माल की क्षति होती है। मौसम सेवा केंद्र के माध्यम से प्राकृतिक आपदाओं के पूर्वानुमान की सूचना प्रसारित कर लोगों को सतर्क किया जाएगा, जिससे कम-से-कम क्षति होगी।

अब सरकारी विद्यालयों में छात्रों या शिक्षकों का अनुपस्थित रहना मुश्किल होगा। कोई छात्र या शिक्षक गायब रहे तो वे तत्काल नजर में आ जाएंगे। शिक्षा विभाग ने इसके लिए ई-शिक्षा कोश पोर्टल विकसित किया है। इससे विद्यालयों में शिक्षक-छात्र दोनों की मौजूदगी की निगरानी हो सकेगी। यही नहीं, इस पोर्टल के माध्यम से विद्यालयों की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की भी व्यवस्था होगी। फिलहाल पोर्टल का ट्रायल हो रहा है। इसके अंतिम परिणाम के बाद इसे प्रभावी तरीके से लागू किया जाएगा। शिक्षा विभाग के अनुसार इस वर्ष 2023-24 में यह सिस्टम काम करने लगेगा। इस समय सरकारी विद्यालयों की मॉनिटरिंग की कोई केन्द्रीकृत व्यवस्था नहीं है। इससे स्कूलों की मॉनिटरिंग नहीं हो पाती है। शिक्षकों के आने-जाने के साथ-साथ छात्र-छात्राओं के विद्यालय आने पर भी विद्यालय के प्रधानाध्यापक ही नजर रख पाते हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारी समय-समय पर इसकी जांच करते हैं। लेकिन वह भी अधिक प्रभावी नहीं हो पाता है। इससे सिस्टम में चूक की संभावना बनी रहती है। यही नहीं, स्थानीय स्तर पर गड़बड़ी की भी शिकायतें आती हैं। प्रधानाध्यापक या शिक्षा विभाग के अधिकारियों के तटस्थ होने पर भी सवाल उठते हैं। ऐसे में ताजा पोर्टल मुख्यालय से ही शिक्षक व बच्चों पर नजर रखेगा। पोर्टल का प्रारंभिक ट्रायल सफल रहा है। लेकिन इसे तकनीकी रूप से पूरी तरह आजमाना है। अगले कुछ माह में इस पोर्टल से निगरानी शुरू हो जाएगी।

डॉक्टर सुपौल, सीतामढ़ी,खगड़िया सहित अन्य जिला के, मगर उनके नाम से पूर्वी चंपारण जिला में चल रहा है अल्ट्रासाउंड सेंटर। इस अल्ट्रासाउंड का संचालन आयुर्वेद की डिग्री वाले डॉक्टर कर रहे हैं। या नन टेक्निकल जिन्हें इनका संचालन नहीं करना है। जानकारी के अनुसार, जिला में करीब 265 अल्ट्रासाउंड का संचालन हो रहा है। जिसमें करीब 125 अल्ट्रासाउंड का लाइसेन्स निर्गत करने में अनियमितता की गई है। जिसका जांच कर कार्रवाई का निर्देश तत्कालीन डीएम ने दिया था मगर जांच नहीं हो सका। क्योकि इस निर्गत लाइसेंस में खुद स्वास्थ्य विभाग फंस रहा था। बताते हैं कि जिला में दर्जनों अल्ट्रासाउंड का लाइसेंस ऐसे डॉक्टर के नाम पर है जो जिला में कभी पदस्थापित थे ही नहीं। मगर उनके नाम पर लाइसेंस निर्गत है। ये सुपौल, खगड़िया, सीतामढ़ी, पुर्णिया, बेतिया के डाक्टर हैं। इसकी जांच हो तो बहुत बड़े खेल का पर्दाफाश होगा।

चिरैया थाना क्षेत्र के बारा जयराम गांव में प्रेम विवाह के महज पांच माह बाद ही नव विवाहिता की हत्या कर गायब किए गए शव को चिरैया पुलिस ने बरामद कर लिया है। शव की बरामदगी बारा जयराम गांव के सरेह से हुई। हत्यारों ने बड़े ही शातिराना अंदाज में हत्या कर शव को पुआल से ढक दिया था। ताकि रात होते ही पुआल में आग लगा कर साक्ष्य को मिटा दिया जाए।

डेंगू को लेकर स्वास्थ्य विभाग के द्वारा तैयारी शुरू कर दी गयी है। नगर निगम व नगर परिषद को 15 जून से पहले नाला नाली की सफाई व निचले स्थान से पानी की निकासी करने की व्यवस्था करने को सीएस ने पत्र लिखा है। फॉगिंग मशीन को दुरुस्त रखने व फॉगिंग के लिये दवा की व्यवस्था करने को कहा है। सभी चिकित्सा प्रभारी को निर्देश दिया है कि डेंगू जांच किट सहित सभी प्रकार की दवा का भंडारण बरसात से पूर्व कर लें। जानकारी डीआईओ डॉ शरद चन्द्र शर्मा ने दी। बताया कि 15 जून तक मॉनसून आने की संभावना है। बरसात में डेंगू पनपता है। इसका प्रकोप भी बढ़ जाता है। इसको लेकर तैयारी शुरू कर दी गयी है। जिला मुख्यालय में डेंगू के लिये 10 बेड, अनुमण्डल स्तर पर 5 बेड और प्राथमिक चिकित्सा केंद्र पर 2 बेड की व्यवस्था करने का निर्देश सीएस के द्वारा दिया गया है। बताते हैं कि पिछले साल जुलाई से ही जिले में डेंगू का प्रकोप शुरू हो गया था और नवंबर तक रहा। करीब 125 से अधिक डेंगू के मरीज चिन्हित किये गए थे। इसमे सदर प्रखंड में सबसे अधिक मरीज डेंगू के थे। सावधानी बरतने की सलाह डेंगू से बचाव के लिए घर के कूलर का हर रोज पानी बदलें, एसी का पानी जो डब्बा में गिरता है उसे बदलें या एक चम्मच पेट्रोल डाल दें। घर के छत पर बाल्टी या बर्तन को उलट कर रखें। घर के आस पास जलजमाव नहीं होने दें। दिन में भी मच्छरदानी का प्रयोग करें। शरीर को पूरी तरह ढक कर रखें। डेंगू की करें पहचान डेंगू मच्छर के काटने पर शरीर में लाल लाल दाना, तेज बुखार, प्लेटलेट्स का कम होना, उल्टी का होना है। अगर ऐसा लक्षण मिले तो डाक्टर से सम्पर्क करें।

शहर का एक ऐसा मोहल्ला भी है, जहां बाइक से कौन कहे पैदल भी संभलकर जाना होता है। थोड़ी भी लापरवाही हुई तो चोटिल होना तय है। हालात तो यह है कि यहां रिक्शा व ऑटो नहीं आता। जिससे अगर कोई गंभीर बीमार हो जाये तो डॉक्टर के पास ले जाने में लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। जी हां, बात हो रही है शहर के वार्ड 12 व 13 को जोड़ने वाली आदर्श नगर मोहल्ले की। ध्वस्त नाला व स्लैब से पानी निकासी की है समस्या आदर्श नगर मोहल्ले की मुख्य सड़क के बीचोबीच पूर्व से नाला बना हुआ है। धीरे-धीरे मरम्मत के अभाव में नाला ध्वस्त होता चला गया। आज तो स्थिति काफी बदहाल हो गयी है। नाला ध्वस्त हो जाने से पानी का बहाव नहीं हो रहा। जिससे सड़क की स्थिति नारकीय हो गयी है। बरसात में तो स्थिति और खराब हो जाती है। नाले का पूरा स्लैब है क्षतिग्रस्त वार्ड 12 व 13 को जोड़ने वाले इस नाले का स्लैब जगह-जगह पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। कई जगह तो काफी खतरनाक स्थिति हो गयी है। स्लैब टूटने से कई जगह सड़क के बीचोबीच नाला खुला स्थिति में है। वहीं स्लैब भी एक समान नहीं रखा गया है। ऐसे में यहां आना-जाना लोगों के लिए खतरे का सबब बना रहता है। मोहल्लेवासियों के अनुसार कितने लोग तो इसमें गिरकर चोटिल हो गये।