सुगौली में मतगणना के रिजल्ट के साथ पंचायत उप चुनाव की प्रक्रिया हुई पूरी।पंसस बनी संजीदा प्रवीण और अजय बैठा बने वार्ड सदस्य।
बीपीएससी से विद्यालय शिक्षकों के पद पर नियुक्ति के लिए नियोजित शिक्षकों की उम्र सीमा शिथिल कर दी गयी है। अब परीक्षा के लिए उनकी उम्र सीमा की बाध्यता नहीं होगी। यही नहीं 2019 में एसटीईटी पास करने वाले प्रशिक्षित अभ्यर्थियों को पहले प्रयास के लिए उम्र सीमा में 10 वर्षों की छूट दी जाएगी। शिक्षा विभाग ने गुरुवार को इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। विभाग के संयुक्त सचिव संजय कुमार ने बिहार राज्य विद्यालय अध्यापक (नियुक्ति, स्थानांतरण, अनुशासनिक कार्रवाई एवं सेवा शर्त) नियमावली 2023 में नियुक्ति के लिए आवेदकों की उम्र को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी है। इसके तहत नियुक्ति के लिए आयु की गणना नियुक्ति वर्ष की पहली अगस्त को आधार मानकर होगी। पूर्व में पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण प्रशिक्षित अभ्यर्थियों को इस नियमावली के प्रवृत्त होने के पश्चात होने वाली पहली नियुक्ति में अधिकतम आयु सीमा में 10 वर्ष की छूट देय होगी। यह 1 अगस्त 2023 को आधार मानकर लागू की जाएगी। लेकिन, एसटीईटी 2019 में उत्तीर्ण प्रशिक्षित अभ्यर्थियों को इस नियमावली के अधीन नियुक्ति में अधिकतक आयु सीमा में 10 वर्ष की छूट 1 अगस्त 2019 को आधार मानकर की जाएगी।
अंडमान सागर में मानसून पहुंच गया है। बिहार में 13 या 14 जून को मानसून के दस्तक देने के आसार हैं। हालांकि मौसम विभाग की ओर से केरल तट पर मानसून के दस्तक के बाद ही इसके देश भर में प्रसार की स्थिति को लेकर विशेष सूचना और पूर्वानुमान जारी किया जाएगा। इधर, बिहार में मानसून पूर्व बारिश की गतिविधियां पिछले दो दिनों से तेज हुई हैं। गुरुवार को भी पटना समेत राज्यभर में कई जगहों पर आंधी-पानी की स्थिति बनी। शुक्रवार तक राज्य के अलग-अलग जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट है। पिछले साल की अपेक्षा सुस्त मानसून करंट के वर्तमान स्थिति पर गौर करें तो पिछले साल की अपेक्षा इसके करंट के प्रसार में इस बार आंशिक सुस्ती है। पिछले साल समय पूर्व इसके अंडमान सागर में पहुंचने की वजह से प्रसार में तेजी का पूर्वानुमान किया गया था। साथ ही यह केरल सहित पूरे देश में तेजी से समय से पहले प्रसार पा सका था। मौसमविदों की मानें तो इस बार आंशिक देरी हुई है लेकिन इसके मानक तिथि से एक या दो दिन की देरी से केरल तट पर टकराने के आसार हैं। देश भर में मानसून के करंट के प्रसार में दो अहम कारक हैं। दरअसल भारत के समुद्री सीमा में आते-आते मानसून का करंट दो भागों में बंट जाता है। अरब सागर के मानसून करंट की शाखा की मजबूती महाराष्ट्र व देश के अन्य हिस्सों में अच्छी बारिश की वजह बनती है, जबकि बंगाल की खाड़ी शाखा की मजबूती से बिहार, झारखंड व यूपी सहित आसपास के राज्यों में अच्छी बारिश होती है। बंगाल की खाड़ी शाखा की मजबूती से बिहार में होती है अच्छी बारिश 13 जून बिहार में मानसून आने की है मानक तिथि सूबे में पूर्णिया के रास्ते मानसून के आगमन की मानक तिथि 13 जून है। सामान्य स्थिति में तीन से पांच दिनों में यह राज्य के अन्य हिस्सों में प्रसार पा जाता है। पटना और गया में मानसून की पहली बारिश की तिथि 16 जून है। जबकि सारण में 18 जून को मानसून की पहली बारिश होती है। इस बार भी 13 से 14 जून तक बिहार में मानसून के प्रवेश के आसार अबतक बने हुए हैं।
जलवायु परिवर्तन के असर से इस बार मुजफ्फरपुर की शाही लीची का रंग और स्वाद दोनों बदल गए हैं। लाल और आकर्षक दिखने वाली शाही लीची का रंग बादामी हो गया है। राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र के निदेशक डॉ. विकास दास के अनुसार लीची पकने के समय औसत तापमान अधिक होने से लीची का रंग बदला है। बीज का आकार बढ़ गया और लीची पहले से छोटी हो गई। इसके स्वाद में भी अंतर आने लगा है। चटक रंग नहीं आने और फल का आकार छोटा होने से व्यापारियों को प्रति कार्टन दो से तीन सौ रुपये का नुकसान हो रहा है। शाही लीची की हालत देखकर किसान चाइना लीची को बचाने के लिए विशेषज्ञों की राय ले रहे हैं। पौधा संरक्षण विभाग के सहायक निदेशक राधेश्याम कुमार ने बताया कि जलवायु परिवर्तन से लीची किसानों को इस बार परेशानी हो रही है। 18 से 20 मई को पकने वाली लीची में तापमान बढ़ने से 10 मई से ही लालिमा आ गई। लीची पकने के समय 35 डिग्री की जगह पारा 41 डिग्री पर पहुंच गया। इससे लीची का छिलका झुलस गया और रंग लाल की जगह बादामी हो गया। बदलते मौसम के अनुरूप शाही लीची के पौधे तैयार करना होगा।
प्रधानमंत्री टीबी मुक्त अभियान के तहत स्थानीय आईएमए भवन में आईएएम अध्यक्ष के द्वारा टीबी के रोगियों के बीच पोषाहार वितरण कार्यक्रम हुआ । अध्यक्षता आईएमए अध्यक्ष डॉ आशुतोष शरण ने की। मौके पर मौजूद डीएम सौरभ जोरवाल ने कार्यक्रम का उदघाटन किया। इस दौरान आईएमए से जुड़े चिकित्सकों व समाजसेवियों ने आईएमए अध्यक्ष डॉ शरण की अगुवाई में 250 यक्ष्मा मरीजों को गोद लिया। मौके पर 120 मरीजों के बीच पोषण पोटली का वितरण डीएम व अध्यक्ष आईएमए के द्वारा किया गया । डीएम ने बताया कि बिहार के राज्यपाल ने भी निर्देश दिया था कि प्रधानमंत्री के इस अभियान पर ध्यान दें । उन्होंने कहा कि यह जिला घनी आबादी वाला है। यहां काफी संख्या में टीबी के रोगी हैं। उनकी सहायता के लिए काफी संख्या में निक्षय मित्रों की जरूरत होगी। उन्होंने आईएमए व सहयोगी संस्थाओं को निक्षय मित्र बनकर टीबी मरीजों को सहयोग करने पर धन्यवाद दिया। सीएस डॉ अंजनी कुमार ने कहा कि आईएमए के सदस्यों ने निक्षय मित्र बन एक सामाजिक चेतना का बिगुल फूंका।
शहर का वार्ड 16 ठाकुरबाड़ी मोहल्ला। यहां चित्रगुप्त मंदिर के पास बरसात के समय मुख्य पथ पर जलजमाव की समस्या से लोगों को जूझना पड़ता है। अधिक बारिश होने पर सड़क किनारे के घरों में पानी फैल जाता है। यहां ड्रेनेज सिस्टम ध्वस्त होने के कारण पानी की निकासी नहीं हो पाती। पूराना नाला जगह-जगह जाम की स्थिति में है। ब्रिटिशकाल का नाला है ध्वस्त स्थिति मेंयहां सड़क किनारे ब्रिटिशकाल में नाला बना था। जिसका समय के साथ अस्तित्व समाप्त होता गया। ध्वस्त होने के कारण नाले का स्वरूप ही बदल गया है। अभी उक्त नाले की चौड़ाई चित्रगुप्त मंदिर के पास अधिक हो गयी है। वहीं कुछ जगहों पर संकीर्ण स्थिति में है। पूरा नाला जाम है। बारिश में सड़क पर हो जाता भारी जलजमावबारिश होते ही ठाकुरबाड़ी मोहल्ले की सड़क की स्थिति नारकीय हो जाती है। पूरा नाला का पानी सड़क पर बहने लगता है। एक से डेढ़ फीट तक सड़क पर पानी का जमाव हो जाता है। लोगों के घरों तक में पानी प्रवेश कर जाता है। लोगों के अनुसार गंदे पानी के सड़ांध से लोगों का रहना मुश्किल हो जाता है। नाले का नहीं होती नियमित रूप से उड़ाहीनाला तो ध्वस्त स्थिति में है ही, इसका नियमित रूप से उड़ाही भी नहीं होता। नगर निगम कभी-कभार उड़ाही कर खानापूर्ति कर लेती है। स्थानीय लोगों के अनुसार, एनजीओ के द्वारा नाले की सही से उड़ाही नहीं करायी जाती। नया नाला निर्माण करना है जरूरीमोहल्लेवासियों के अनुसार यहां का नाला काफी पहले बना था। जो कि काफी जर्जर हो चुका है। इसकी गहराई भी काफी अधिक है। जिसमें गिरकर कई लोग चोटिल हो चुके हैं। लोगों के अनुसार, यहां नये सिरे से नाला का निर्माण जरूरी है।
ऑनलाइन आईपीएल 2023 के लिए सट्टेबाजी में संलग्न चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है । इसमें भारत के उत्तर प्रदेश के गोरखपुर की देवरिया का निवासी मुन्ना उर्फ धर्मननाथ प्रसाद जायसवाल को भी गिरफ्तार किया गया है।साथ ही नेपाल के बारा जिला के कलैया निवासी सरोज साह,सर्लाही के रामनगर निवासी संतोष कुमार यादव,परसा जिला के वीरगंज वार्ड 24निवासी धुरेंद्र प्रसाद यादव को भी पकड़ा गया है।इन्हें वीरगंज वार्ड 15 स्थित संजय श्रीवास्तव के मकान में बने ऊपरी तल्ले से पकड़ा गया है।डीएसपी दीपक गिरि ने बताया कि ऑनलाइन मुंबई इंडियंस बनाम लखनऊ सुपर जीएनट की सट्टा बाजी की सूचना मिली थी।
गांव में विवाहिता की संदिग्ध स्थिति में मौत हो गयी। विवाहिता की पहचान रिकीं कुमारी उर्फ पिंकी कुमारी 20 के रुप में हुई है। उसके पति का नाम वीरालाल महतो है। एसएचओ अवनीश कुमार का कहना है कि शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिये सदर अस्पताल भेजा गया है। दंडाधिकारी मणिभूषण श्रीवास्तव की देखरेख में शव का पोस्टमार्टम किया गया। एक वर्ष उसकी शादी हुई थी। विवाहिता का मैके मुफस्सिल के ही बतरौलिया गांव में है।
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राज्य के ग्राम पंचायतों में 7017 लेखापाल सह आईटी सहायक संविदा पर नियुक्त होंगे। पंचायती राज विभाग शीघ्र ही विज्ञापान जारी करेगा। इसके दो महीने में चयन प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। आवेदन राज्यस्तर पर लिए जाएंगे। विभाग के अपर मुख्य सचिव मिहिर कुमार सिंह ने बुधवार को प्रेस कांफ्रेंस में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पहले चार पंचायतों पर एक लेखापाल सह आईटी सहायक रखे गये थे,अब हर पंचायत के साथ ही प्रखंड और जिला परिषद में भी इनका पदस्थापन होगा। इसलिए पदों की संख्या बढ़ाई गई है। इन्हें 20 हजार नियत वेतन मिलेगा। न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता बी-कॉम होगी। एमकॉम तथा सीए (इंटर) करने वालों को 20 अंकों का बोनस मिलेगा। चयनितों को तीन माह में एमएस वर्ड, एक्सल और टैली आदि में दक्षता प्राप्त करनी होगी। इसके साथ ही 326 कार्यपालक सहायक सह डाटा इंट्री ऑपरेटर और 266 प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारियों का भी नियोजन होगा। प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी के पद पर अवकाशप्राप्त को मौका मिलेगा। पंचायत सरकार भवन में बैंकों को मिलेगी जगह राज्य सरकार ने दो हजार नये पंचायत सरकार भवन बनाने का निर्णय लिया है। इनका निर्माण स्थानीय अभियंत्रण संगठन के माध्यम से कराया जाएगा। इसके लिए भूमि चिह्नित कर ली गई है। इन नये भवनों में बैंकों के लिए भी जगह दी जाएगी। नये भवन का डिजाइन भी बदल गया है। हर एक भवन के निर्माण पर दो करोड़ खर्च होंगे। वहीं, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में हर भवन पर दो करोड़ 86 लाख की लागत आएगी। अब-तक 1495 भवनों का निर्माण हो गया है। पंचायत सरकार भवन में मुखिया और सरपंच के अलावा पंचायती राज, मनरेगा, पीएम आवास योजना के कर्मियों के साथ-साथ कृषि सलाहकार और विकास मित्र भी बैठेंगे।
