अंडमान सागर में मानसून पहुंच गया है। बिहार में 13 या 14 जून को मानसून के दस्तक देने के आसार हैं। हालांकि मौसम विभाग की ओर से केरल तट पर मानसून के दस्तक के बाद ही इसके देश भर में प्रसार की स्थिति को लेकर विशेष सूचना और पूर्वानुमान जारी किया जाएगा। इधर, बिहार में मानसून पूर्व बारिश की गतिविधियां पिछले दो दिनों से तेज हुई हैं। गुरुवार को भी पटना समेत राज्यभर में कई जगहों पर आंधी-पानी की स्थिति बनी। शुक्रवार तक राज्य के अलग-अलग जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट है। पिछले साल की अपेक्षा सुस्त मानसून करंट के वर्तमान स्थिति पर गौर करें तो पिछले साल की अपेक्षा इसके करंट के प्रसार में इस बार आंशिक सुस्ती है। पिछले साल समय पूर्व इसके अंडमान सागर में पहुंचने की वजह से प्रसार में तेजी का पूर्वानुमान किया गया था। साथ ही यह केरल सहित पूरे देश में तेजी से समय से पहले प्रसार पा सका था। मौसमविदों की मानें तो इस बार आंशिक देरी हुई है लेकिन इसके मानक तिथि से एक या दो दिन की देरी से केरल तट पर टकराने के आसार हैं। देश भर में मानसून के करंट के प्रसार में दो अहम कारक हैं। दरअसल भारत के समुद्री सीमा में आते-आते मानसून का करंट दो भागों में बंट जाता है। अरब सागर के मानसून करंट की शाखा की मजबूती महाराष्ट्र व देश के अन्य हिस्सों में अच्छी बारिश की वजह बनती है, जबकि बंगाल की खाड़ी शाखा की मजबूती से बिहार, झारखंड व यूपी सहित आसपास के राज्यों में अच्छी बारिश होती है। बंगाल की खाड़ी शाखा की मजबूती से बिहार में होती है अच्छी बारिश 13 जून बिहार में मानसून आने की है मानक तिथि सूबे में पूर्णिया के रास्ते मानसून के आगमन की मानक तिथि 13 जून है। सामान्य स्थिति में तीन से पांच दिनों में यह राज्य के अन्य हिस्सों में प्रसार पा जाता है। पटना और गया में मानसून की पहली बारिश की तिथि 16 जून है। जबकि सारण में 18 जून को मानसून की पहली बारिश होती है। इस बार भी 13 से 14 जून तक बिहार में मानसून के प्रवेश के आसार अबतक बने हुए हैं।
