तिरहुत सब्जी प्रसंस्करण व विपणन सहकारी संघ मोतिहारी के कार्यालय में समिति के बोर्ड की बैठक हुई। समिति के चेयरमैन अमित कुमार शुक्ला की अध्यक्षता व मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी राम नरेश पाण्डेय की उपस्थिति में तिरहुत सब्जी संघ के निदेशक मंडल की बैठक में16 प्रस्ताव पास किए गए। बैठक में ब्लॉक स्तर पर सब्जी मार्केट निर्माण की मंजूरी दी गई। बताया गया कि तिरहुत सब्जी संघ में अभी तक ऑनलाइन सदस्यों की संख्या 14667 है। तिरहुत सब्जी संघ का कार्यक्षेत्र पूर्वी चम्पारण, प. चम्पारण, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, शिवहर, गोपालगंज, सिवान व सारण है। बैठक में विशेष तौर पर सरकारी स्कूलों में सब्जी सप्लाई का काम, नेपाल में सब्जी का निर्यात, प्रखण्ड स्तर पर अधारभूत संरचना निर्माण का प्रस्ताव पास हुआ। अब आने वाले समय में सब्जी के लिए अधारभूत संरचना का निर्माण कराया जाएगा।
जिले में आकस्मिक सेवा के लिये सरकार के द्वारा 78 एम्बुलेन्स दिया गया है। इसका संचालन एनजीओ के द्वारा किया जाता है। यह सेवा मुफ्त है। मगर इस एम्बुलेन्स में अधिकांश एम्बुलेन्स में इमरजेंसी दवा का किट नहीं होना और कई में चालू स्थिति में ब्लड प्रेशर मशीन का नहीं होना व एमुलाइजर का खराब रहने सहित समय पर एम्बुलेन्स नहीं मिलने के मामला उजागर हुआ। बताते हैं कि जबसे एम्बुलेन्स की मुफ्त सेवा जिले में सरकार के द्वारा एनजीओ के माध्यम से शुरू हुई है तब से कभी भी सीएस या जिला स्वास्थ्य समिति से संचालित एम्बुलेन्स की जांच नहीं हुई। न तो फिटनेस देखी गयी और न एम्बुलेन्स की आवश्यक दवा किट सहित उपकरण की पड़ताल की गयी है। नतीजतन एम्बुलेन्स संचालक मनमाने ढंग से संचालन करते रहे। बीच में तो ऐसी स्थिति बन गयी थी कि इमरजेंसी मरीज को ले जा रहे एम्बुलेन्स का डीजल बीच रास्ते में समाप्त हो जाता था और फिर डीजल के लिये आधा से एक घण्टा तक इंतजार करना पड़ता था। नतीजतन मरीज के अभिभावकों को अपना पैसे से डीजल लेना पड़ता था। बार बार शिकायत पर भी कोई सुनवाई न तो सीएस करते थे और न डीपीएम क्योंकि मामला पटना से जुड़ा था। इधर सरकार ने जिले को 58 नया एम्बुलेन्स दिया। जिसमें 24 वेंटिलेटर युक्त है। 22 पुराने एम्बुलेन्स को ठीक ठाक कर चलाना शुरू हुआ मगर विभगीय उदासीनता के कारण अधिकांश एम्बुलेन्स में दवा का किट नहीं था। एमुलाइजन भी पुराने एम्बुलेन्स का खराब था। सभी एम्बुलेन्स के ड्राइवर, टेक्नीशियन का प्रमाण पत्र और अद्यतन स्थिति की मांग चिकित्सा प्रभारियों से की है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही एम्बुलेन्स के भाड़ा का भुगतान होने की बात कही गयी है। सीएस डॉ अंजनी कुमार ने डीपीएम को एम्बुलेन्स पर निगरानी और हर तीन महीने पर इसकी जांच कराते रहने का निर्देश दिया है।
तुरकौलिया थाना क्षेत्र के चरगाहा तुरकौलिया पथ में चरगाहा चंवर में अपराधियों ने घेरकर एक किसान की बाइक , मोबाइल व रुपये लूट ली। इस दौरान अपराधियों ने किसान के साथ मारपीट भी की । लूट के शिकार किसान चरगाहा के प्रमोद सिंह ने थाना में आवेदन दिया है। किसान ने बताया कि वे अपने भैंस व गाय का दूध प्रतिदिन रात में देने तुरकौलिया स्कूल चौक के मिठाई दुकानदार मोतीलाल के यहां जाते हैं। आज अपने सुपर स्प्लेंडर बाइक से दूध लेकर उक्त मिठाई दुकानदार के यहां जा रहे थे। चरगाहा चंवर स्थित गुड्डू अंसारी के पोखरा के समीप ज्योंहि पहुंचे थे कि पीछे से एक बाइक पर सवार तीन अपराधियों ने ओवरटेक कर घेर लिया। देसी पिस्टल व चाकू दिखाकर मारपीट कर पॉकेट में रखे दो हजार रुपए, मोबाइल व बाइक लूटकर तुरकौलिया की ओर फरार हो गए। पुलिस को सूचना देने पर पहुंच अपराधियो को पकड़ने के लिए छापेमारी शुरू की। सूत्र बताते हैं कि किसान की लूटी गई मोबाइल मुरारपुर तक खुला पाया गया है। थानाध्यक्ष अनिल कुमार ने बताया कि मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गयी है। अज्ञात तीन अपराधी को आरोपित किया गया है। अपराधियो को पकड़ने के लिए छापेमारी जारी है।
इस समय गर्मी बहुत अधिक पड़ती है और लंबे समय तक होती है। उतर बिहार में गर्मियों में तापमान 45 डिग्री के पार चला जाता है। ऐसे मौंसम में पशु दबाव की स्थिति में आ जाते हैं। इस दबाव की स्थिति का पशुओं की पाचन प्रणाली और दूध उत्पादन क्षमता पर उल्टा प्रभाव पड़ता है। केविके प्रमुख डॉ. एके सिंह ने बताया कि इस मौसम में नवजात पशुओं की देखभाल में अपनायी गयी तनिक सी भी असावधानी उनकी भविष्य की शारीरिक वृद्धि, स्वास्थ्य, रोग प्रतिरोधी क्षमता और उत्पादन क्षमता पर स्थायी कुप्रभाव डाल सकती है। गर्मी में पशुपालन करते समय ध्यान न देने पर पशु के सूखा चारा खाने की मात्रा में 10 से 30 प्रतिशत और दूध उत्पादन क्षमता में 10 प्रतिशत तक की कमी आ सकती है। साथ ही साथ अधिक गर्मी के कारण पैदा हुए आक्सीकरण तनाव की वजह से पशुओं की बीमारियों से लड़ने की अंदरूनी क्षमता पर बुरा असर पडता है और आगे आने वाले बरसात के मौसम में वे विभिन्न बीमारियों के शिकार हो जाते हैं। जिससे उनकी उत्पादन व प्रजनन क्षमता में गिरावट आ जाती है। इस मौसम में सांड़ों की प्रजनन क्षमता पर भी दुष्प्रभाव पड़ता है। सांड़ों में वीर्य उत्पादन व गुणवत्ता में कमी आती है। भैंसों में यह दुष्प्रभाव अधिक देखने को मिलता है। उनके शरीर का काला रंग तथा बालों की कमी उष्मा को अधिक अवषोषित करती है। इसके अतिरिक्ति भैंसों में पसीने की ग्रन्थियाँ गायों की अपेक्षा बहुत कम होती है, जिसके कारण भैंसों को शरीर से उष्मा निकालने में अधिक कठिनाई होती है। ऐसे गरम वातावरण में मादा पशुओं का मद चक्कर का काल लम्बा हो जाता है और मदावस्था का काल एवं उग्रता दोनों ही काफी मद्विम पड़ जाते हैं तथा पशुओं में अमादकता की स्थिति भी उत्पन्न हो जाती है। बताया कि ग्रीष्म ऋतु में होने वाले इन दुष्प्रभावों को कम करने के लिए पशुओं के लिए आवास हेतु साफ-सुथरी व हवादार पशुशाला होनी चाहिए जिसका फर्श पक्का व फिसलन रहित हो तथा मूत्र व पानी की निकासी हेतु ढलान हो। पशुशाला की छत उष्मा की कुचालक हो ताकि गर्मियों में अत्यधिक गरम न हो। इसके लिए एस्बेस्ट्स सीट उपयोग में लायी जा सकती है। अधिक गर्मी के दिनों में छत पर 4 से 6 इंच मोटी घास-फूस की परत या छप्पर ड़ाल देना चाहिए। ये परत उष्मा अवरोधक का कार्य करती है जिसके कारण पशुशाला के अन्दर का तापमान कम बना रहता है। सूर्य की रोशनी को परावर्तन करने हेतु पशुशाला की छत पर सफेद रंग करना या चमकीली एल्युमिनियम शीट लगाना भी लाभप्रद पाया गया है। पशुशाला की छत की ऊँचाई कम से कम 10 फुट होनी आवश्यक है ताकि हवा का समुचित संचार पशुशाला में हो सके तथा छत की तपन से भी पशु बच सके। पशुशाला की खिड़कियाँ व दरवाजों व अन्य खुली जगहों पर जहाँ से तेज गरम हवा आती हो, बोरी या टाट आदि टांग कर पानी का छिड़काव कर देना चाहिए। पशुशाला में पंखों का होना भी लाभप्रद होता है। अतः सम्भव हो तो उसकी भी व्यवस्था होनी चाहिए।
अज्ञात वाहन की टक्कर से धु-धु कर बाइक जल गई । वहीं घायल बाइक चालक की इलाज के दौरान सदर अस्पताल में मौत शुक्रवार अहले सुबह में हो गयी । स्थानीय बंजरिया पुलिस ने शुक्रवार को शव का पोस्टमार्टम कराकर शव को परिजनों को सुपुर्द कर दिया । घटना गुरुवार देर रात्रि की है । मृतक का पहचान फेनहारा थाना के राजपुर कौल गांव निवासी चिंतामन दास के 34 वर्षीय पुत्र जितेंद्र कुमार दास के रूप में हुआ है । गुरुवार देर संध्या में एनएच 28ए पर बंजरिया थाना क्षेत्र के खड़वा पुल के समीप लापरवाह अज्ञात वाहन चालक ने बाइक में ठोकर मार दिया।
लंबी दूरी की बसों में एक ड्राइवर होने के चलते आए दिन बस दुर्घटना होती है। जिससे सफर कर रहे यात्रियों को दुर्घटना का शिकार होना पड़ता है। सरकार ने लंबी दूरी की बसों में दो ड्राइवर लेकर चलने की बात को मेडेंटरी किया है। लगातार एक ड्राइवर के द्वारा बस चलाने पर झपकी के कारण दुर्घटनाएं होती रहती है। बस मालिक को दो ड्राइवर का खर्च देने के चलते एक से काम चलाते है। जिससे आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती है। कई यात्री दुर्घटना का शिकार होकर अपंग भी हुए है। बस ट्रांसपोर्ट फेडरेशन एसोसिएशन के शोभा सिंह ने बताया बस मालिक से बात कर लंबी दूरी यात्रा करने वाले बसों में दो ड्राइवर लेकर चलने को कहा गया है। बस में दो ड्राइवर होने पर दुर्घटना की संभावना कम बनी रहती है। बस मालिकों को मानकों का पालन करने को कहा गया है।
पूर्वी सिसवा पंचायत के कान्ही टोला में शुक्रवार को एक युवक की हत्या कर दी गयी। परिजन ने जहर खिलाकर हत्या किये जाने का आरोप लगाया है। मृतक उक्त गांव निवासी इंदर सिंह का पुत्र प्रमोद सिंह(35)है। उक्त युवक की हत्या की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव ने पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक की पत्नी आशा देवी ने थाने को आवेदन देकर मृतक के पट्टीदार चंद्रिका सिंह, दारोगा सिंह सहित कुल छह लोगों को आरोपित किया है। मृतक की पत्नी ने बताया कि आरोपियों द्वारा पूर्व में मारपीट की गई थी। शुक्रवार को पंचों द्वारा मामला सुलझाने का प्रयास किया गया। जिसके बाद इनके पति मकई कटने खेत में गए जहां आरोपियों द्वारा जबरदस्ती जहर पिलाया गया। जिससे उनकी मौत हो गई।
जिले में पंचायत सरकार भवन नये मॉडल का होगा। नये प्रस्तावित पंचायत सरकार भवन के निर्माण कार्य से मुखियों की छुट्टी कर दी गयी है। सिर्फ पहले से निर्माणाधीन पंचायत सरकार भवन का निर्माण ग्राम पंचायत के मुखिया करा पाएंगे। नये पंचायत सरकार भवन के निर्माण का जिम्मा स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन को सौंपा गया है। इसके तहत जिले में 159 नया पंचायत सरकार भवन के निर्माण का लक्ष्य है। इसमें 106 पंचायत सरकार भवन के निर्माण का प्रस्ताव प्राप्त हो चुका है। इसके लिए भूमि चिन्हित कर डीएम के द्वारा निर्माण कार्य के लिए अनुशंसित कर पंचायत राज विभाग को भेजा जा चुका है। 1.99 करोड़ की लागत से बनेंगे पंचायत सरकार भवन जिले में जो नये पंचायत सरकार भवन का निर्माण होगा उसपर 1 करोड़ 99 लाख 92 हजार रुपये की लागत आएगी। इसके तहत प्रस्तावित नये 106 पंचायत सरकार भवन के निर्माण पर करीब 2.11 अरब रुपये खर्च होंगे। जबकि पहले से शुरू पंचायत सरकार भवन के निर्माण पर 1.30 करोड़ रुपये का एस्टीमेट था। जो निर्माणाधीन पंचायत सरकार भवन है उसका निर्माण पुराने एस्टीमेट पर ही किया जाएगा। इस तरह के पुराने निर्माणाधीन 42 पंचायत सरकार भवन है जिसका निर्माण उस पंचायत के मुखिया द्वारा कराया जाएगा।
अगले तीन-चार दिनों तक लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने के आसार नहीं दिख रहे हैं। 17 मई से मौसम का मिजाज बदल सकता है। इससे बूंदाबांदी की संभावना है। तब जाकर लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिल सकती है। डॉ. राजेंद्र केंद्रीय विवि, पूसा के मौसम विज्ञान केंद्र के नोडल अधिकारी डॉ. ए .सत्तार ने बताया कि अगले तीन-चार दिनों तक 41 डिग्री के आसपास तापमान रह सकता है। इस दौरान 10 से 14 किमी प्रति घंटे की औसत रफ्तार से हवा चल सकती है। शनिवार को पुरवा व बाकी दिनों पछिया हवा चलने के अनुमान हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार जिले में अधिकतम तापमान अब भी सामान्य से 1.7 डिग्री अधिक दर्ज किया गया है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 39.8 व न्यूनतम 23.9 डिग्री दर्ज किया गया। जिले में दो दिनों से अधिकतम तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की जा रही है। हालांकि तेज धूप व गर्म पछिया हवा लोगों को झुलसाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही है। तापमान में मामूली गिरावट का पड़ रही भीषण गर्मी पर अधिक प्रभाव नहीं पड़ रहा है। रुपेश कुमार ने बताया कि दो सीजन से लगातार बारिश नहीं हो रही है। इस बार अप्रैल से ही भीषण गर्मी पड़नी शुरू हो गई थी। बीच में आंधी-पानी से तापमान में गिरावट दर्ज की लेकिन फिर से तापमान में तेजी से बढ़ोत्तरी हुई है। इससे परेशानी हो रही है। सुनील राव ने बताया कि मौसम के असामान्य व्यवहार से लोगों की तबियत खराब हो जा रही है। शिवपुरी के सतीश कुमार कहते हैं कि इस तरह मौसम पहले कभी नहीं था। कभी भीषण गर्मी पड़ रही है तो कभी गुलाबी ठंड का एहसास हो रहा है।
राज्य के सभी ग्रामीण वार्डों में हर घर नल का जल निश्चय योजना का संचालन और इसका रख-रखाव अब लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) करेगा। अभी यह कार्य पंचायती राज विभाग और पीएचईडी के बीच बंटा हुआ था। पर, पंचायती राज विभाग करीब 58 हजार वार्डों में खुद द्वारा संचालित पेयजल आपूर्ति का काम भी अब पीएचईडी को हस्तांतरित करेगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में इसकी मंजूरी दे दी गई। गौरतलब हो कि राज्य के 8067 ग्राम पंचायतों के एक लाख 11 हजार वार्डों में नल-जल योजना चल रही है। पीएचईडी द्वारा नल-जल योजना का संचालन और रख-रखाव संवेदक के माध्यम से कराया जा रहा है। वहीं, ग्राम पंचायतों में यह कार्य वार्ड सदस्य कर रहे हैं। पर, अब सभी वार्डों का काम पीएचईडी करेगा। इसको लेकर पंचायती राज विभाग द्वारा तैयार किये गये प्रस्ताव पर कैबिनेट ने अपनी मुहर लगा दी है। पीएचईडी को उक्त कार्य के लिए अतिरिक्त कर्मियों की जरूरत होगी तो इसके लिए विभाग द्वारा आश्यक कार्रवाई की जाएगी। वार्ड की योजनाओं के हस्तांतरण के पहले पीएचईडी द्वारा सभी तैयारिया पूरी कर ली जाएंगी। इसके बाद ही हस्तांतरण होगा। योजनाओं को हस्तांतरित किया जाएगा वर्तमान में बंद और आंशिक चालू योजनाओं को पंचायती राज विभाग द्वारा चालू कर हस्तांतरित किया जाएगा। पंचायती राज विभाग द्वारा वर्तमान में योजनाओं का संचालन, मरम्मति आदि कार्य सालाना तीस हजार प्रति नल जल योजना खर्च किया जाता है। अब यह राशि एकमुश्त पीएचईडी को उपलब्ध करा दी जाएगी।
