राज्य के सभी ग्रामीण वार्डों में हर घर नल का जल निश्चय योजना का संचालन और इसका रख-रखाव अब लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) करेगा। अभी यह कार्य पंचायती राज विभाग और पीएचईडी के बीच बंटा हुआ था। पर, पंचायती राज विभाग करीब 58 हजार वार्डों में खुद द्वारा संचालित पेयजल आपूर्ति का काम भी अब पीएचईडी को हस्तांतरित करेगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में इसकी मंजूरी दे दी गई। गौरतलब हो कि राज्य के 8067 ग्राम पंचायतों के एक लाख 11 हजार वार्डों में नल-जल योजना चल रही है। पीएचईडी द्वारा नल-जल योजना का संचालन और रख-रखाव संवेदक के माध्यम से कराया जा रहा है। वहीं, ग्राम पंचायतों में यह कार्य वार्ड सदस्य कर रहे हैं। पर, अब सभी वार्डों का काम पीएचईडी करेगा। इसको लेकर पंचायती राज विभाग द्वारा तैयार किये गये प्रस्ताव पर कैबिनेट ने अपनी मुहर लगा दी है। पीएचईडी को उक्त कार्य के लिए अतिरिक्त कर्मियों की जरूरत होगी तो इसके लिए विभाग द्वारा आश्यक कार्रवाई की जाएगी। वार्ड की योजनाओं के हस्तांतरण के पहले पीएचईडी द्वारा सभी तैयारिया पूरी कर ली जाएंगी। इसके बाद ही हस्तांतरण होगा। योजनाओं को हस्तांतरित किया जाएगा वर्तमान में बंद और आंशिक चालू योजनाओं को पंचायती राज विभाग द्वारा चालू कर हस्तांतरित किया जाएगा। पंचायती राज विभाग द्वारा वर्तमान में योजनाओं का संचालन, मरम्मति आदि कार्य सालाना तीस हजार प्रति नल जल योजना खर्च किया जाता है। अब यह राशि एकमुश्त पीएचईडी को उपलब्ध करा दी जाएगी।