मैक्लुस्कीगंज 2 मार्च 2024 झारखंड मुक्ति मोर्चा से राज्यसभा सांसद डॉ. महुआ माजी जी के सांसद निधि से रांची शहरी क्षेत्र वार्ड 15 कलाल टोली , वार्ड 23 तिवारी स्ट्रीट,भट्टी चौक हिंदपीढ़ी, वार्ड 22 में नसीरुद्दीन कॉलोनी में बने बोरिंग टंकी सहित चबूतरा का उद्घाटन माननीय राज्यसभा सांसद डॉ. महुआ माजी के द्वारा किया गया। इस उद्घाटन के शुभ उपलक्ष्य पर मोहल्ले वासियों को संबोधित करते हुए सांसद ने कहा कि उनकी जरूरतों में वे सामर्थ्य अनुसार अवश्य ही उनका साथ देंगी। इस उद्घाटन कार्यक्रम में मुख्य रूप से पूर्व वार्ड पार्षद साजदा खातून, झारखंड मुक्ति मोर्चा रांची जिला अल्पसंख्यक अध्यक्ष फरीद खान वार्ड 18 के पार्षद प्रत्याशी सोमवित माजी, नन्द किशोर सिंह चंदेल,मोहम्मद फरीद खान, आबिद अंसारी, परवेज अख्तर, सरफराज खान, अमन खान गुड्डू राजा, इरशाद अहमद, जर्मिन कुजूर कामरान, सद्दाम, गुलाम नबी, शाहिदा खातून, साजदा खातून, मोहम्मद सईद, मोहम्मद शकील,मुस्ताक आलम, अफरोज आलम, मेराज अख्तर ,मोहम्मद नारू हुसैन, जुबेर अख्तर, सोहेल मोहम्मद,मोहम्मद साबिर, मोहम्मद जिलानी, मोहम्मद मुमताज, डॉक्टर हसन, मोहम्मद राजन, मोहम्मद रवानी, कलाम अंसारी,फरजाना खानम ,अमन,लखन,फिरोज, एवं मोहल्ले वासी आदि लोग उपस्थित थे।

मैक्लुस्कीगंज 2 मार्च 2024 बरका सयाल में इंटर एरिया खेलकूद प्रतियोगिता 2 मार्च से 3 मार्च तक आयोजित किया जा रहा है. जिसमें हेडक्वार्टर टीम ने आज 6 गोल्ड एक सिल्वर ,पांच कांस्य पदक जीतकर दूसरे पोजीशन पर चल रहा है. जिसमें सनी विगरा,ने लॉन्ग जंप व ट्रिपल जंप में फर्स्ट पोजीशन, मोहित ने शॉट पुट में फर्स्ट पोजीशन, लक्ष्मी 400 mt, 800 मीटर में फर्स्ट पोजीशन और 110 मीटर बाधा दौड़ में धनंजय कुमार ने फर्स्ट पोजीशन और जैवलिन में 3rd, पोजीशन प्राप्त किया. कुटी जी ने शॉट पुट में थर्ड पोजिशन और 1500 मीटर दौड़ में हेमंती देवी ने 3rd, महिलाओं का 400x 400 मीटर सेकंड पोजीशन जीता जोती, लॉन्ग जंप 3rd पोजीसन, गीता यह यह जानकारी सीसीएल हेडक्वार्टर रांची के लक्ष्मण राम मैनेजर के रूप में टीम को लेकर गए हैं सभी पदक विजेताओं को बहुत-बहुत धन्यवाद यह जानकारी लक्ष्मण राम के द्वारा दिया गया धन्यवाद

मैक्लुस्कीगंज 2 मार्च 2024 झारखंड में सिर्फ बेतला नेशनल में मौजूद बायसन बढ़ा रहे हैं जंगल की शान फोटो कैप्सन उपस्थित बायसन झारखंड में सिर्फ बेतला नेशनल पार्क मे पाये जाने वाले बायसन ( गौर,जंगली भैंसा) जंगल की शान है .सैलानियों को भले ही बाघ न दिखे, हाथी न दिखे लेकिन इतना तो तय है कि हिरण ,बंदर , लंगूर के बाद यदि कोई जानवर सबसे अधिक बेतला पार्क में दिखता है तो वह बायसन ही है. करीब 70 की संख्या में मौजूद बायसन बेतला पार्क की खूबसूरती बढ़ाने में काफी योगदान देते हैं. बेतला पार्क का भ्रमण करते समय अलग अलग रुपों में इन बायसन को देखा जा सकता है. कभी प्यास बुझाते हुए वाटर ट्रफ के पास, तो कभी घास चरते हुए ग्रास प्लॉट में ,तो कभी आराम करते हुए पेड़ की छाया में, तो कभी अपने बच्चों के साथ मौज मस्ती करते हुए. अलग-अलग पोज में दिखने वाले इन बायसन को लोग अपने कैमरों में कैद करना नहीं भूलते हैं . बायसन के चारों टांगों में सफेद मोजे की तरह दिखाई देने वाला चिंह सैलानियों को काफी भाता है.एक समय था जब पूरे पलामू टाइगर रिजर्व में हजारों की संख्या में बाइसन थे. लेकिन समय के साथ बाइसन की संख्या घट रही है. सेंसेस रिपोर्ट की माने तो प्रत्येक वर्ष पलामू टाइगर रिजर्व के अन्य क्षेत्रों में बायसन नहीं होने के संकेत मिल रहे हैं .लेकिन बेतला नेशनल पार्क ही एक ऐसा जगह है जहां बायसन बड़ी संख्या में अभी भी मौजूद है. बेतला में बायसन ने अपना स्थायी घर बना लिया गया है .क्योंकि अन्य जगहों की तुलना में बेतला नेशनल पार्क उनके लिए काफी सुरक्षित जगह माना जाता है . सुरक्षित जगह होने के कारण ही बायसन बड़ी संख्या में बेतला पार्क में मौजूद है. इस समय गर्मी के दिनों में पार्क जाने के बाद बायसन को देखना निश्चित माना जाता है .यह बात भी सही है कि अधिक संख्या में वाहनों के प्रवेश करने पर कई बार झाड़ियों में जाकर बायसन छिप जाते हैं. इसीलिए सभी लोग बायसन को नहीं देख पाते हैं. जिस जगह पर बायसन सैलानी देखते हैं उसी जगह पर दूसरे सैलानी नहीं देख पाते हैं. क्योंकि स्वतंत्र होने के कारण वे जंगलों में छिप जाते हैं . पार्क के अंदर मौजूद जलाशयों में गर्मी में प्यास बुझाते हुए बायसन के दृश्य इन दिनों काफी नजर आ रहे हैं. कभी हिरणों के झुंड के साथ ,कभी जंगली सूअर के साथ बायसन वाटर ट्रफ के पास दिख जाते हैं. शाकाहारी हैं लेकिन हमलावर भी वैसे तो बाइसन शाकाहारी जंतु है. लेकिन किसी तरह का व्यवधान होने पर वह हमलावर भी हो जाता है .इसलिए पार्क घूमते समय बायसन देखने के बाद सैलानियों को वाहन में ही बैठे रहने की सलाह दी जाती है. अक्सर जब बायसन बच्चों के साथ होते हैं तब तब हमला करने की आशंका अधिक रहती है. जिस तरह से लंगूर व हिरण की जोड़ी साथ साथ देखी जाती है, उसी तरह से इन दिनों बायसन व लंगूर को भी साथ देखा जाता है. लंगूर पेड़ पर पत्तियों वगैरह खाते हैं और बायसन के लिए नीचे गिरा देते हैं जिसे बायसन शौक से खा जाते हैं . बाघिन को मारकर चर्चा में रहे बायसन वर्ष 2020 में फरवरी महीने के 15 तारीख को बेतला नेशनल पार्क में उसे समय अजीब स्थिति बन गयी थी जब बायसन का झुंड ने मिलकर एक बाघिन को मार डाला था. हुआ यह था कि बायसन अपने बच्चों के साथ झुंड में चर रहे थे. इसी बीच बाघिन के द्वारा बायसन के एक बच्चे को पकड़ने का प्रयास किया गया था. इस खतरे का आभास होते ही बायसन ने उसे पर हमला कर दिया था और उनके हमले से बाघिन की मौत हो गयी थी. इस घटना के बाद बायसन काफी दिनों तक चर्चा में रहे. आज भी पार्क घूमने के दौरान जब लोग उसे स्थल पर पहुंचते हैं तो पूरा घटना दिमाग में घूमने लगता है.

मैक्लुस्कीगंज 2 मार्च 2024 12 वर्षों से अधुरे पडे 500 बेड के अस्पताल को पूर्ण कराने की मांग -- गैर सरकारी संकल्प के तहत विधायक दशरथ गागराई ने उठाया मामला 2 केएसएन 9 : खरसावां के आमदा में अधुरे पड़ा 500 बेड़ का अस्पताल खरसावां : खरसावां विधायक दशरथ गागराई ने राज्य सरकार से खरसावां के आमदा में अधुरे पड़े 500 बेड़ के अस्पताल का निर्माण कार्य जल्द से जल्द पूर्ण करने की मांग की. विधायक दशरथ गागराई ने गैर सरकारी संकल्प सूचना पर जबाव देते हुए स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से बताया गया कि सरकार की ओर से आमदा में 500 बेड़ के अस्पताल निर्माण के लिये 153 करोड 98 हजार रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गयी थी. इसमें कार्य की अध्यतन भौतिक प्रगति करीब 82 फिसदी है. निर्माण कार्य में विलंब के कारण कार्यकारी एजेंसी एनबीसीसी, नयी दिल्ली के एग्रिमेंट को तथा स्थिति बंद करते हुए अंतिम नापी लेने तथा दंड स्वरुप राशि की वसूली संबंधी कार्रवाई झारखंड भवन निर्माण निगम लिमिटेड, रांची के स्तर से प्रक्रियाधीन है. जल्द ही योजना के बकाया कार्यों को पूर्ण करने के लिये निविदा की प्रक्रिया कर कार्य आरंभ किया जायेगा.

मैक्लुस्कीगंज 2 मार्च 2024 खरसावां व कुचाई को मिला कर खरसावां को अनुमंडल बनाने की मांग -- विस में शून्य काल के दौरान दशरथ गागराई ने उठाया मामला 2 केएसएन 8 : दशरथ गागराई खरसावां : खरसावां विधायक दशरथ गागराई ने खरसावां व कुचाई प्रखंड को मिला कर अनुमंडल बनाने की मांग की है. शनिवार को विस में शून्य काल के दौरान इस मामले को उठाते हुए विधायक दशरथ गागराई ने कहा कि खरसावां व कुचाई प्रखंड को मिला कर अनुमंडल बनाने की मांग लंबे समय से होते आ रहा है. भौगलिक दृष्टिकोण से भी खरसावां अनुमंडल के अस्तित्व में आना उचित प्रतित होता है. खरसावां की एक ऐतिहासिक पहचान रही है. उन्होंने सदन के जरीये सरकार से खरसावां को अनुमंडल का दर्जा देने की मांग की.

*प्रकृति और पर्यावरण का संरक्षक है जनजातीय समाज : डॉ मिथिलेश कुमार* *आदिवासी समाज के विकास में समकालीन अनुसंधान पद्धति का प्रभाव विषय पर दो दिवसीय सेमिनार संपन्न.* *जनजातीय समाज के विकास पर जोर.* फोटो कैप्शन : मंच पर अथिति व अन्य. सेमिनार में उपस्थित लोग. भुरकुंडा (रामगढ़). जेएम कॉलेज भुरकुंडा में झारखंड के आदिवासी समाज के विकास में समकालीन अनुसंधान पद्धति का प्रभाव विषय पर दो दिवसीय सेमिनार शनिवार को संपन्न हुआ. सेमिनार के सत्र का उद्घाटन विनोबा भावे विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर सह डीन डॉ मिथिलेश कुमार ने दीप प्रज्जवलित कर किया. उनके साथ रामगढ़ कॉलेज की प्राचार्या डॉ रत्ना पांडेय, रामगढ़ कॉलेज की पूर्व प्राचार्या डॉ रेखा प्रसाद, रामगढ़ कॉलेज के भौतिकी विभागाध्यक्ष सह जेएम कॉलेज के सचिव बक्शी ओमप्रकाश सिन्हा, जेएम कॉलेज के प्राचार्य डॉ वीएन तिवार, झारखंड जनजातीय विकास परिषद के अध्यक्ष सह ओपेन यूनिवर्सिटी के नोडल पदाधिकारी डॉ मनोज अगरिया, डॉ अरविंद से मंचासीन थे. सेमिनार के विषय पर बोलते हुए डॉ मिथिलेश कुमार ने कहा कि भारतीय समाज जनजातीय समुदाय से आज भी बहुत कुछ ले रहा है. कहने को तो हम स्वयं को प्रगतिशील व आधुनिक कहते हैं, लेकिन असल मायने में हमने जनजातीय समुदाय को कुछ दिया नहीं है. उनकी अपनी एक विशेष जीवनशैली रही है, जो प्रकृति के बेहद करीब है. आज भी जनजातीय समाज पर्यावरण व प्रकृति के लिए स्वयं को उसका संरक्षक मानता है. मूलत: आज के भौतिकवादी व उपभोक्तावादी समाज से उसने स्वयं को दूर रखा है. हालांकि इस समुदाय में भी एक मध्यवर्गीय वर्ग विकसित हो रहा है. लेकिन मूलरूप से आज भी जनजातीय समाज कई त्रुटियों से दूर है. सेमिनार के प्रारंभ में एक टेक्निकल सत्र का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता डॉ मनोज कुमार अगरिया ने की. डॉ अगरिया ने कहा कि जनजातीय समाज के लोगों के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार को झारखंड में एसटी कमीशन व आदिम जनजाति आयोग का गठन करने, झारखंड जनजातीय विश्वविद्यालय शुरु करने, झारखंड में बिरहोर, असुर, गौडी भाषा का संरक्षण करने, आदिम जनजातीय समुदाय को लोकसभा व राज्यसभा में आरक्षण देने, झारखंड के सभी विश्वविद्यालय में आरक्षण रोस्टर का पालन करने की आवश्यकता है. सेमिनार के अंतिम चरण में टूकैन रिसर्च एंड डेवलपमेंट बेंगलुरू के निदेशक केतन मिश्रा के द्वारा सभी लोगों को प्रमाण पत्र दिया गया. सेमिनार में कॉलेज की ओर से डॉ एनके सिंह, डॉ लीला सिंह, डॉ विनोद कुमार सिंह, डॉ शीला सिंह, प्रो सावित्री विश्वकर्मा, डॉ शमा बेगम, डॉ जयदेव सिंह, डॉ वीरेंद्र कुमार सिंह, डॉ नरेंद्र कुमार पाठक, डॉ शिवशंकर सिंह, डॉ रामप्रमोद सिंह, प्रो मनोज कुमार सिंह, प्रो महावीर प्रसाद कुशवाहा, प्रो विपुल कुमार सिंह, प्रो ज्ञानेंद्र दुबे, डॉ नरेंद्र प्रसाद सिंह, प्रो विजय मिश्रा, प्रो अनुज कुमार, डॉ अरुणजय सिंह, डॉ संतोष दांगी, प्रो सुब्रतो घोष, प्रो अवधेश कुमार सिंह, जुबिली कॉलेज भुरकुंडा के प्राचार्य प्रो एनके तिवारी, डॉ विभा राय, डॉ एसएस पांडेय, प्रो सुरेश सिंह, सम्मानित अतिथियों में रामगोपाल अग्रवाल सिहत शिक्षकेत्तर कर्मचारी व विद्यार्थी उपस्थित थे.

मैक्लुस्कीगंज 2 मार्च 2024 फ़ोटो 1 - एक दिवसीय शैक्षणिक हड़ताल पर शिक्षक व अन्य. आदर्श उच्च विद्यालय मैक्लुस्कीगंज के शिक्षक हड़ताल पर रहे. विद्यालय के प्राचार्य आदित्य प्रसाद साहु ने जानकारी देते हुए बताया कि वित्त रहित संयुक्त शिक्षक संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर शनिवार को आदर्श उच्च विद्यालय+2 मैक्लुस्कीगंज के शिक्षक एवं कर्मचारी 8 सूत्री सहित मोर्चा की अन्य मांगों को लेकर एक दिवसीय शैक्षणिक हड़ताल पर रहे. इस दौरान सभी शिक्षक व कर्मचारी विद्यालय के प्रवेश द्वार पर बैठे रहे. इस अवसर विद्यालय के प्राचार्य आदित्य प्रसाद साहु के अलावे राधा कुमारी, लखन प्रसाद साहु, एडवर्ड मरांडी, निर्मल कुजूर, गोपाल प्रसाद, जयप्रकाश कुमार, मनोज दुबे, सुधीर पांडेय, मनोहर महतो सहित अन्य शामिल थे.

साथियों गर्मी का मौसम आने वाला है और इसके साथ आएगी पानी की समस्या। आज की कड़ी में लाभार्थी रोहित से साक्षात्कार लिया गया है जो जल संरक्षण पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे है।

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