उत्तरप्रदेश राज्य के जिला इटावा से नौमान ने साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से दिनांक 17-04-22 को बताया कि उन्होने 13-04-22 को साझा मंच मोबाइल वाणी पर प्रसारित किया गया था। जिसमे बताया गया था कि दो हैंडपंप ख़राब होने से ग्रामीणों को दूसरे गाँव में जाकर पानी लाना पड़ रहा है। इस खबर को सम्बंधित विभागीय अधिकारीयों तथा डीएम को भी फॉरवर्ड कर जानकारी दी गयी। ख़बर को संज्ञान में लेकर अधिकारीयों द्वारा सुचारु रूप से दोनों हैंडपंप को चालू कर दिया गया है ,जिससे स्थानीय लोगों को अब पानी लेने दूसरे गाँव जाना नहीं पड़ रहा है
उत्तरप्रदेश राज्य के जिला इटावा से नौमान ने साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से दिनांक 17-04-22 को बताया कि उन्होने 07-04-22 को साझा मंच मोबाइल वाणी पर प्रसारित किया गया था। जिसमे बताया गया था कि इटावा के ग्राम हीरापुरा में मनरेगा के तहत काम करने वाले मज़दूरों को काम नहीं मिल रहा है। ठेकेदार से पूछने पर कहा जाता है कि अभी काम नहीं है। इस खबर को फेसबुक ,वाट्सप ,सम्बंधित विभागीय अधिकारीयों तथा श्रम विभाग में फॉरवर्ड कर जानकारी दी गयी थी। मामले को संज्ञान में लेते हुए अधिकारियों द्वारा मनरेगा मज़दूरों को काम दिया गया
उत्तर प्रदेश राज्य के इटावा से नौमान साझा मंच के माध्यम से कह इटावा के गांव खड़कपुर में तीन हैंड पम्प हैं जो की सभी खराब पड़े हुए हैं तथा जल स्रोत भी सुख चुके हैं जिस कारण ग्रामीणों को पानी के लिए दूसरे गांव जाना पड़ता है.
उत्तर प्रदेश राज्य के इटावा से नौमान साझा मंच के माध्यम से कह रहें हैं की इटावा के यमुना नदी के पुल के पास रहने वाले लोगों को पानी की समस्या हो रही है. यहां पर एक हैंड पम्प है जो की खराब पड़ा है तथा यमुना नदी भी सूख चुका है यहां जल का अस्तर काफी निचे है. जिस कारण लोगों को समस्या का सामना करना पड़ता है.
उत्तर प्रदेश राज्य के जिला इटावा से नौमान साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि इटावा के ग्राम मीठेपुर में पानी की समस्या से लोग परेशान हैं। साथ ही कह रहे है कि ग्राम में लगभग 5 हैंडपंप खराब पड़ा हुआ है जिसकी वजह से लोग दूर से पानी भरकर लाते हैं
उत्तर प्रदेश राज्य के जिला इटावा से नौमान साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि उन्होंने दिनांक 04/04/2022 को मोबाइल वाणी पर एक खबर प्रसारित किया था। खबर में बताया गया था कि इटावा के जसवंतनगर ब्लॉक के पास 35 हैंडपम्प खराब पड़ा हुआ था जिसकी वजह से लोगों को पानी के लिए काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। इस खबर को हमारे सामुदायिक संवादाता ने मोबाइल वाणी पर प्रसारित किया साथ ही नंबर 5 दबाकर फेसबुक और व्हट्सएप के जरिए सम्बंधित विभागीय अधिकारियों तथा डीएम तक खबर को साझा किया। अतः खबर का असर कुछ इस प्रकार हुआ कि अब अधिकारियों के द्वारा खबर को संज्ञान में लेकर और खराब पड़े हैंडपम्प की मरम्मत करवा दी गई है जिससे लोग बहुत खुश है और मोबाइल वाणी को धन्यवाद दे रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के इटावा से नौमान अब्बासी साझा मंच के माध्यम से कह रहें हैं की इटावा के जगमोहनपुरा में ग्रामीणों को पानी की समस्या हो रही है इस गांव में दो हैंड पम्प खराब पड़े हैं तथा पानी के स्रोत सुख चुके हैं.
उत्तर प्रदेश से नौमान अब्बासी साझा मंच के माध्यम से कह रहें हैं की ग्राम बरईपुरा में आता हैंड पम्प खराब पड़े हैं तथा पानी श्रोत जैसे तालाब आदि हो चुके हैं जिस कारण ग्रामीणों को पानी के लिए दूसरे गांव जाना पड़ता है.
उत्तर प्रदेश राज्य के इटावा से नौमान साझा मंच के माध्यम से कह रहें हैं की इन्होने दिनांक 5-4-2022 को एक खबर प्रसारित किया था जिसका शीर्षक "ग्राम लालपुरा में हो रही है जल की समस्या" था. इस खबर में बताया गया था की "इटावा के ग्राम लालपुरा में ग्रामीणों को जल के लिए दूसरे गावों का रुख करना पड़ता था. क्यूंकि गांव में कुल दस हैंड पम्प हैं लेकिन सब के सब खराब हो चुके थे. और ऐसी गर्मी में लोगों को पानी के लिए दूसरे गावों पर निर्भर रहना पड़ता था". इस खबर को नौमान ने साझा मंच में नंबर पांच दबा कर सांझा किया तथा व्हाट्सअप और फेसबुक के द्वारा सम्बंधित अधिकारियों तथा डीएम को सांझा किया। इसके बाद मामला को संज्ञान में लेकर सभी दस हैंड पम्प को बनवाया गया। अब ग्रामीणों तक पानी पहुँच रहा है जिस से अब ग्रामीणों को समस्या नहीं हो रही है
उत्तर प्रदेश राज्य के इटावा से नौमान साझा मंच के माध्यम से कह रहें हैं कि इन्होने दिनांक 05-04-2022 को एक खबर प्रसारित किया था। जिसका शीर्षक था "ग्राम नगलागुलाल के भवन निर्माण करने वाले मज़दूरों को नहीं मिल रहा है वेतन"। इस खबर में कहा गया था कि "मज़दूर बढ़पुर ब्लॉक के ग्राम नगलागुलाल से लालू परशाद को पिछले आठ माह से वेतन नहीं मिला है। ठेकेदार से वेतन की मांग करने पर जवाब मिलता है कि अभी वेतन नहीं आया है तो कहाँ से वेतन दें तथा इन्हें भोजन की सुविधा भी ठीक से नहीं मिलती है। जिस कारण ये काफी परेशान हैं'। खबर प्रसारित करने के बाद इसे व्हाट्सअप और फेसबुक के द्वारा जानकारी साझा किया था। इसके बाद अधिकारियों के द्वारा इस समस्या को संज्ञान में लेकर मज़दूरों को वेतन दिलवाया गया। अब इस कार्य हेतु मज़दूर खुश हैं।
