उत्तर प्रदेश राज्य के इटावा से नौमान ,साझा मंच के माध्यम से कह रहें हैं कि इन्होने दिनांक 17-04-2022 को एक खबर प्रसारित किया था, जिसका शीर्षक "यमुना नदी के पुल के पास स्थानीय लोगों को हो रही है पानी की समस्या" था। इस खबर में बताया गया था की इटावा के यमुना नदी के पुल के पास रहने वाले लोगों को पानी की समस्या हो रही थी। यहां पर एक हैंड पम्प था ,जो की खराब पड़ा था तथा यमुना नदी भी सूख चुका था। यहां जल का स्तर काफी नीचे चला गया है। जिस कारण लोगों को समस्या का सामना करना पड़ता था। इस खबर को साझा मंच में प्रसारित करने के बाद व्हाट्सअप तथा फेसबुक के माध्यम से सम्बंधित अधिकारियों तथा डीएम के साथ सांझा किया गया। इसका असर यह हुआ कि खबर को संज्ञान में लेते हुए हैंडपंप की मरम्मति करवा दिया गया है। अब स्थानीय निवासियों को पानी की समस्या नहीं हो रही है।
उत्तर प्रदेश राज्य के इटावा से नौमान साझा मंच के माध्यम से कह रहें हैं की भर्थना के मुहल्ला बालू गंज में दस हैंड पम्प खराब हैं जिस कारण लोगों को पानी की समस्या हो रही है .
उत्तर प्रदेश राज्य के इटावा से नौमान साझा मंच के माध्यम से कह रहें हैं की इटावा के सैफी ब्लॉक के ग्राम नगलाभाव में चार हैंड पम्प खराब होने के कारण ग्रामीणों को पानी की तलाश में दूसरे गावों का रुख करना पड़ता है
उत्तर प्रदेश राज्य के इटावा से नौमान साझा मंच के माध्यम से कह रहें हैं की इटावा के बड़ा गांव में ग्रामीणों को हो रही है पानी की समस्या। यहां पानी के स्रोत तालाब कुआं आदि सुख चुके हैं तथा पानी के लिए पांच हैंड पम्प हैं जो की खराब हो चुके हैं.
उत्तर प्रदेश राज्य के इटावा से नौमान अब्बासी साझा मंच के माध्यम से कह रहें हैं की इटावा के ग्राम नवदेला में एक हैंड पम्प है जो की खराब हो चूका है तथा पानी के दूसरे श्रोत भी सुख चुके हैं तथा एक कुआं है जिसका पानी गन्दा है. लेकिन पानी ना होने के कारण ग्रामीण गंदा पानी पीने को मजबूर हैं जिससे की उनकी सेहत खराब होने की सम्भावना है.
उत्तर प्रदेश राज्य के इटावा से नौमान साझा मंच के माध्यम से कह रहें हैं की इटावा के बकेवर में पानी के स्रोत ख़तम हो चुके हैं तथा इस गांव में पांच हैंड पम्प हैं जो की खराब हो चुके हैं जिस कारण ग्रामीणों को पानी के लिए काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है
उत्तरप्रदेश राज्य के इटावा ज़िला से नौमान ,साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते है कि इन्होंने दिनांक 9 अप्रैल 2022 को साझा मंच में एक ख़बर प्रसारित कर बताया था कि इटावा के इकदिल के ग्राम मानियामऊ में भवन निर्माण क्षेत्र में कार्य करने वाले पाँच श्रमिकों को भोजन की सुविधा नहीं मिल रही है। कार्यस्थल पर भोजन नहीं मिलने पर श्रमिकों को लम्बी दूरी तय कर के अपने घर जाना पड़ता है और उन्हें आने जाने में काफी समय लग जाता है। इस ख़बर को साझा मंच में प्रसारित करने के बाद फेसबुक ,व्हाट्सप्प और नंबर पांच दबाकर सम्बंधित विभागीय अधिकारियों तथा श्रम विभाग में इस ख़बर को फॉरवर्ड किया गया था।मामलें को संज्ञान में लेकर अब कार्यस्थल पर ही श्रमिकों के लिए भोजन की व्यवस्था कर दी गई है।
उत्तरप्रदेश राज्य के इटावा ज़िला से नौमान ,साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते है कि इन्होंने दिनांक 7 अप्रैल 2022 को साझा मंच में एक ख़बर प्रसारित कर बताया था कि इटावा के चौबिया में मनरेगा में कार्य करने वाले पन्द्रह मज़दूरों को दो माह से वेतन नहीं मिल रहा है। ठेकेदार का कहना था कि बजट नहीं आया है जिस कारण वेतन नहीं दे रहे है। इस ख़बर को साझा मंच में प्रसारित करने के बाद फेसबुक ,व्हाट्सप्प व नंबर पांच दबाकर कर सम्बंधित विभागीय अधिकारियों ,मनरेगा सचिव तथा श्रम विभाग में इस ख़बर को फॉरवर्ड किया गया था।मामलें को संज्ञान में लेकर अधिकारियों ने काम किया और अब 15 श्रमिकों को वेतन मिलना प्रारम्भ हो गया है।
उत्तरप्रदेश राज्य के इटावा ज़िला से नौमान ,साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि इन्होंने दिनांक 16 अप्रैल 2022 को साझा मंच में एक ख़बर प्रसारित कर बताया था कि इटावा के ग्राम जगमोहनपुरा में ग्रामीणों को पानी की किल्लत हो रही है। दो हैंडपंप ख़राब पड़े है और पानी के प्राकृतिक स्रोत भी सूख चुके है। ख़बर प्रसारित करने के बाद इसे व्हाट्सप्प ,फेसबुक व नंबर पाँच दबाकर संबंधित विभागीय अधिकारियों एवं डीएम के साथ साझा किया गया। जिसका असर यह हुआ कि दो हैंडपंप की मरम्मति करवा दी गई है। ग्रामीणों की पानी की समस्या दूर हो गई है। इस कार्य हेतु ग्रामीण काफ़ी प्रसन्न है।
उत्तरप्रदेश राज्य के जिला इटावा से नौमान ने साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से दिनांक 17-04-22 को बताया कि उन्होने 07-04-22 को साझा मंच मोबाइल वाणी पर प्रसारित किया गया था। जिसमे बताया गया था कि इटावा के ग्राम तकपुरा में मनरेगा में काम करने वाले दो मज़दूरों को दो माह से वेतन नहीं मिल रहा है ठेकेदार का कहना है की बजट नहीं आया है कहाँ से वेतन दूँ। इस खबर को फेसबुक ,वाट्सप ,सम्बंधित विभागीय अधिकारीयों तथा श्रम विभाग में फॉरवर्ड कर जानकारी दी गयी थी। मामले को संज्ञान में लेते हुए अधिकारियों द्वारा मनरेगा में काम करने वाले दो मज़दूरों को वेतन मिलना शुरू हो गया है
