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जयसिंहपुर उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय में बच्चों को बैठने के लिए बेंच टेबल नहीं है। बच्चे जमीन पर बैठकर पढ़ाई करने पर मजबूर हैं। बताया है कि वर्ष 2012 में ही इस स्कूल को प्रोन्नति मिली। लेकिन 11 वर्ष बाद भी यहां विभाग ने उपस्कर मुहैया नहीं करा पाया है। अभी स्कूल में इंटरमीडिएट का जांच परीक्षा चल रहा है। इंटर के छात्र छात्राएं जमीन पर तिरपाल बिछा परीक्षा दे रहे हैं। करीब चार सौ बच्चे को पढ़ाने के लिए चार शिक्षक है। इंटर के बच्चों को पढ़ाने के लिए एक भी शिक्षक की नियुक्ति इस विद्यालय में नहीं है। जयसिंहपुर मिडिल स्कूल को वर्ष 2012 में हाई स्कूल में प्रोन्नत किया गया। वही इसे उच्च माध्यमिक विद्यालय में वर्ष 2022 में प्रोन्नत किया गया। प्रोन्नति तो हुई, लेकिन शिक्षक की नियुक्ति नहीं हुई। प्रभारी हेडमास्टर मुकेश सिंह ने बताया कि विभाग से मिली व्यवस्था में बेहतर करने का प्रयास किया जा रहा है।
नेपाल के परसा जिला के वीरगंज वार्ड 32 स्थित एक कागज़ फैक्ट्री में हुई दुर्घटना में एक भारतीय मजदूर की मौत हो गयी।दुर्गा पल्स प्राइवेट लिमिटेड नामक कागज फैक्ट्री में कागज का बंडल गिरने की वजह से फैक्ट्री में कार्यरत भारतीय मजदूर बुरी तरह जख्मी हो गया।जिसे स्थानीय अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।मृतक की पहचान भारत के उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थ नगर का निवासी रविंद्र रस्तोली (35)के रूप में हुई है।प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कागज़ का बंडल गिरने से सिर,चेहरा व शरीर पर काफी चोट आयी व बुरी तरह जख्मी हो गया। मानक के अनुरूप फैक्ट्री में कार्य नहीं होने से यह दुर्घटना हुई। सूत्रों का कहना है कि इससे पूर्व भी फैक्ट्री के उत्सर्जित रसायन व छाई को लापरवाही से फेंके जाने से चार लोगों के पांव जल गए थे । इधर, परसा जिला के डीएसपी निर्मल बूढ़ा थोकी ने बताया कि शव को नियंत्रण में ले कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। वहीं,फैक्ट्री संचालक रोहित अग्रवाल का कहना है कि यह अकस्मात दुर्घटना है।श्रमिक को नियम के तहत क्षति पूर्ति दी जाएगी।
इन दिनों शहर के कोईरिया टोला नहर चौक से रेलवे फाटक के पास तक जाम लगने से आम लोग परेशान हैं। एक तो आधा अधूरा सड़क निर्माण व दूसरी ओर लचर ट्रैफिक व्यवस्था के कारण प्रति दिन लोग जाम से जूझने को विवश हैं। शहर में ट्रैफिक पुलिस की नियुक्ति नहीं होने व ट्रैफिक सिग्नल वाले लाइट नहीं लगने से जाम लगता है। जिसमें जिंदगी व मौत से जूझने वाले मरीज एंबुलेंस में ही दम तोड़ देते हैं। जिसका नजारा शहर के कोईरिया टोला नहर चौक से लेकर रेलवे गुमटी तक देखा जा सकता है । कोईरिया टोला नहर चौक व बाटा चौक तीन मुहाने पर होने से बराबर जाम लगा रहता है, चिलचिलाती धूप में घंटो जाम लगने से लोग परेशान रहते हैं। सबसे बुरा हाल बस में सवार स्कूली बच्चे व एम्बुलेंस में मरीज को रहता है। अभी शादी-ब्याह का लग्न जोरों पर है, नेपाल से लेकर सीमा क्षेत्र के लोग समान खरीदने के लिए मार्केट आ रहे हैं। व्यवसाय पर असरचैम्बर ऑफ कमर्स के अध्यक्ष अरूण गुप्ता, महासचिव आलोक श्रीवास्तव बिमल रूंगटा ने बताया कि शादी ब्याह के लिए लोग नेपाल के साथ साथ सीमा क्षेत्र के दूर दराज से लोग आ रहे हैं।
मोतीझील के जीर्णोद्धार की कवायद तेज हो गयी है। मोतीझील में जमे गाद की सफाई का कार्य शुरू किया गया है। ड्रेजिंग मशीन से बरियारपुर स्थित मोतीझील से गाद की सफाई विगत एक पखवारे से शुरू है। मोतीझील से गाद सफाई कार्य के लिए 14 सदस्यीय टीम जुटी है। मोतीझील में गाद सफाई कार्य के लिए करीब 15 लाख रुपये की लागत से ड्रेजिंग मशीन मंगाई गयी है। गाद सफाई कार्य के लिए ड्रेजिंग मशीन के साथ जेसीबी मशीन को भी लगाया गया है। मोतीझील के गाद से होगा बांध का निर्माणमोतीझील से निकाले गये गाद को गड्ढ़े में स्टॉक किया जा रहा है। गाद के सूखने के बाद इसका उपयोग मोतीझील किनारे बांध निर्माण में किया जाएगा। बांध निर्माण के बाद इसपर पौधे लगाए जाएंगे। इससे पर्यावरण को लाभ होगा। साथ ही पेड़ पौधे से मोतीझील चारो तरफ से ग्रीन बेल्ट के रूप में दिखेगी। मोतीझील में जलकुंभी सफाई का चल रहा कार्यमोतीझील के जीर्णोद्धार को लेकर विगत कई माह से डिविडिंग मशीन से जलकुंभी हटाने का कार्य शुरू है। मोतीझील के एक तरफ जलकुंभी सफाई के बाद इसके दूसरे तरफ मिस्कॉट मोहल्ले के बगल में जलकुंभी की सफाई की जा रही है। सफाई से मोतीझील का पानी स्वच्छ दिखने लगा है।
दिल्ली से आने व जाने वाली बसों में पर्व के समय यात्रियों को ठूंस कर बैठाया जाता है। बसों में यात्रा के दलालों का सहारा लेने वाले अधिक कीमत देकर यात्रा करते हैं। दिल्ली जाने के लिए मोतिहारी से किराया सीट के अनुसार एक हजार से 12 सौ रुपये यात्रियों से टिकट के नाम पर लिए जाते हैं। वहीं स्लीपर के लिए 28 सौ रुपये टिकट के नाम पर यात्रियों से चार्ज किए जाते हैं। बसों में एसी की सुविधा तो है, परंतु स्टैंड में यात्रियों को लुभाने के लिए एसी चलाया जाता है। लेकिन स्टैंड से बस खुलते ही एसी बंद कर दिया जाता है। परेशान यात्री बस व उसके ड्राइवर को सिर्फ कोसने का काम करते हैं। दिल्ली से आने व जाने के लिए जिले से रोजाना करीब एक दर्जन बसें खुलती हैं।मानक के अनुरुप किसी बस में अग्निशमन यंत्र रहता है भी किसी में नहीं भी।वहीं किसी किसी बस में दो ड्राइवर रहते हैं तो किसी में एक ही चालक रहते हैं। किसी बस में 55 व किसी में 45 सीटें हैं। यात्रियों को ठूंस कर चलने वाली बसों के बारे में बस फेडरेशन एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष शोभा सिंह ने बताया कि इसे लेकर कई बार डीएम व डीअीओ को पत्र लिख शिकायत की गयी है। प्रशासन व डीटीओ के द्वारा कार्रवाई भी की गयी है। श्रीमति सिंह का कहना है कि कई बार बसों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।डीटीओ प्रमोद कुमार ने बताया कि टूरिस्ट परमिट पर यात्री को ढोने वाले बसों से जुर्माना वसूला गया है।
हरसिद्धि थाना क्षेत्र के कोबेया पुल के पास अपराध की योजना बनाते आठ बदमाशों को पुलिस ने दबोच लिया। बदमाशों के पास से पिस्टल, दो देसी पिस्तौल, सेलफोन, दस जिन्दा कारतूस व बाइक बरामद की गयी। एसपी कांतेश कुमार मिश्र का कहना है कि बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में सभी बदमाश एकत्र हुये थे। पूछताछ के बाद सभी बदमाशों को न्यायिक हिरासत भेजे गए। हरसिद्धि थाने में एफआईआर दर्ज की गयी है। पकड़े गये सभी बदमाश हरसिद्धि थाना क्षेत्र के हैं।गिरफ्तार बदमाशों में हरसिद्धि बाबू टोला के अभिनव कुमार उर्फ अभी, दुधही भरवलिया के विक्की कुमार, हरसिद्धि बाजार के मोहम्मद शहाबुद्दीन, दुधही के राज रौशन कुमार, पन्नापुर के नरेन्द्र कुमार, धवही के राहुल कुमार, खैरवा के लालबाबू कुमार व हरसिद्धि बाजार के राजकुमार शामिल है। छापेमारी टीम का नेतृत्व अरेराज डीएसपी रंजन कुमार ने किया। टीम में हरसिद्धि एसएचओ विक्रांत सिंह, एसआई ज्वाला सिंह, रविरंजन कुमार, विनीत कुमार आदि थे।
जिले में सरकारी एम्बुलेन्स की कमी के कारण निजी एम्बुलेंस की संख्या काफी बढ़ती जा रही है । इससे मरीज इन निजी एम्बुलेन्स के शोषण का शिकार हो रहे हैं। निजी एम्बुलेन्स का किराया सरकारी स्तर पर तय नहीं होने के कारण मरीजों का काफी दोहन शोषण हो रहा है। मिली जानकारी के अनुसार जिले में 78 एम्बुलेन्स का संचालन हो रहा है। जिसमें 24 एम्बुलेन्स धक्का मार है। किसी एंबुलेंस का सेल्फ खराब है तो किसी का बैटरी कमजोर है तो किसी का चक्का कमज़ोर है। न तो फिटनेस है और न पर्यावरण से प्रमाण पत्र। बस सरकारी स्तर पर एंबुलेंस चल रहा है। बताया जाता है कि जिले की आबादी करीब 65 लाख है। 60 हजार की आबादी पर क एम्बुलेन्स होना चाहिये। मगर यहां तो 65 लाख की आबादी पर मात्र 78 सरकारी एम्बुलेन्स है। जबकि जिला में 27 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ,6 अनुमंडल , 12 कम्युनिटी हेल्थ सेंटर के अलावा 112 अतरिक्त स्वस्घ्य केंद्र है। इसके अलावा सदर अस्पताल है। इसके अलावा प्रोटिकॉल के लिये कम से कम 6 एम्बुलेन्स की जरूरत है। इसकी कमी के कारण जिला में निजी एम्बुलेन्स की बाढ़ आ गयी है। हर 10 मिनट पर निजी एम्बुलेन्स का सायरन शहर के सभी ओर जाने वाली मुख्य मार्ग पर बजता है। कभी कभी तो सरकार महामारी के समय निजी एम्बुलेन्स को हायर करने का निर्देश भी देती है। जानकार बताते हैं जिला से सरकार से वेंट वाली और एम्बुलेन्स की मांग भी की गयी है। क्योंकि वेंटिलेटर वाले एम्बुलेन्स की ही डिमांड है व डाक्टर भी वेंटिलेटर वाले एंबुलेंस से ही मरीज के लिये रेफर करते हैं। बताया जाता है जिला अस्पताल से हर रोज चार से पांच मरीज रेफर होते हैं। 102 नम्बर के एक एम्बुलेन्स ड्राइवर ने बताया कि जिले में एनजीओ के माध्यम से करीब दो दर्जन एम्बुलेन्स को चलाना खतरे से खाली नहीं है।
जिला मुख्यालय में बहुप्रतिक्षित शिक्षा भवन के निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो गयी है। इसके तहत सबसे पहले निर्माण स्थल का स्वॉयल टेस्ट लिया जाना है।मंगलवार को डीईओ कार्यालय परिसर से मिट्टी का नमूना लिया गया।बिहार फाउंडेशन कंसल्टेंट प्राइवेट लिमिटेड के सुपरवाइजर प्रमोद कुमार ने बताया कि साढ़े दस मीटर पर तीन जगह बोर कर मिट्टी का नमूना लिया गया। जिसकी लैब में जांच होगी। इसके बाद इसकी रिपोर्ट विभाग को सौंप दी जाएगी। निर्माण पर 4 करोड़ 61 लाख 65 हजार की राशि होगी खर्च शिक्षा भवन के निर्माण पर 4 करोड़ 61 लाख 65 हजार की राशि खर्च होगी। विभाग ने पूर्व में 1 करोड़ की राशि जारी की थी। लेकिन वित्तीय वर्ष खत्म होने को लेकर राशि सरेंडर हो गयी। फिर से 25 लाख की राशि की गयी है।डीईओ कार्यालय परिसर में इसका निर्माण होगा। एक ही छत के नीचे होंगे शिक्षा विभाग के सभी कार्यालय अभी शिक्षा विभाग के सभी कार्यालय अलग-अलग जगहों पर संचालित है।मसलन, डीईओ कार्यालय व स्थापना बेलीसराय में, योजना एवं लेखा कार्यालय स्टेशन रोड में, माध्यमिक शिक्षा कार्यालय जिला परिषद कैंपस में, समग्र शिक्षा अभियान कचहरी चौक अंबेडकर भवन में व पीएम पोषण योजना कार्यालय हवाई अड्डा के पास संचालित है। कहते हैं डीईओ डीईओ संजय कुमार के अनुसार, डीईओ कार्यालय परिसर में नया शिक्षा भवन का निर्माण होगा। इसके लिए स्वॉयल टेस्ट के लिए मिट्टी का नमूना लिया गया है। इसके निर्माण पर 4 करोड़ 61 लाख 65 हजार की राशि खर्च होगी। विभाग ने तत्काल 25 लाख की राशि विमुक्त की है। वहीं वन विभाग से निर्माण के लिए कुछ पेड़ को हटाकर री प्लांटेशन को लेकर लिखा गया है। पूरा प्रयास हो रहा है कि जल्द निर्माण शुरू हो।
चकिया स्थित रेलवे समपार संख्या 135 इमादपट्टी के पास ट्रेन से कटकर अज्ञात व्यक्ति की मौत हो गई।घटना मंगलवार दोपहर की बताई जाती है। स्थानीय पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।मृतक करीब 65 साल का बताया जाता है जो सफेद कुर्ता और लुंगी पहना हुआ था।
