सुगौली के श्रीपुर भटवलिया में घास काटने के दौरान दो किशोरियों में हुई विवाद,एक ने दूसरे को खुरपी से दर्जनों जगह काट कर किया घायल।घायल लड़की जिंदगी और मौत से जूझ रही है।
बिहार के विश्वविद्यालयों के लिए चार वर्षीय स्नातक कोर्स का पाठ्यक्रम और प्रारूप तैयार कर लिया गया है। इसके मुताबिक सभी विश्वविद्यालयों का पाठॺक्रम और शुल्क सामान होगा। राजभवन ने इस संबंध में विश्वविद्यालयों को पत्र जारी कर दिया है। नए पाठ्यक्रम और प्रारूप को इसी सत्र 2023-27 से लागू किया जाएगा। चार वर्षीय स्नातक कोर्स 8 सेमेस्टर में पूरा होगा और इसके लिए 160 क्रेडिट तय किया गया है। प्रत्येक सेमेस्टर 20 क्रेडिट का होगा। छात्रों को अंतिम वर्ष के सातवें सेमेस्टर में पहुंचने तक 7.5 सीजीपीए प्राप्त करना होगा। नए नियम के अनुसार क्रेडिट को उपस्थिति से भी जोड़ दिया गया है। छात्रों की 75 उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है। कुलाधिपति सह राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने पांच विवि के कुलपतियों की कमेटी को पाठ्यक्रम और प्रारूप तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी थी। कमेटी ने काम को पूरा कर लिया है। चार वर्षीय स्नातक का फीस ढांचा भी तय कर दिया गया है। छात्रों को पहले सेमेस्टर में नामांकन शुल्क 2255 रुपये देना होगा। वहीं अन्य सेमेस्टर में छात्रों का नामांकन शुल्क 2005 रुपये तय किया गया है। इसके अलावा प्रत्येक सेमेस्टर में परीक्षा फीस 600 रुपये लगेगा। वहीं छात्रों को विश्वविद्यालय से रजिस्ट्रेशन कराने के लिए सिर्फ रजिस्ट्रेशन का शुल्क 600 तय किया गया है। इसके अलावा किसी तरह का शुल्क नहीं देना होगा।
भारत- नेपाल सीमा पथ परियोजना में भूमि अधिग्रहण के बावजूद मुआवजा भुगतान लटका है। जिससे इस सड़क के निर्माण कार्य की गति को धीमी हो गयी है। इस परियोजना के तहत 45 गांवों की करीब 495 एकड़ भूमि अधिग्रहित की गयी है। भारत- नेपाल सीमा पथ परियोजना के तहत रक्सौल से बैरगनिया तक करीब 75 किलोमीटर सड़क का निर्माण होना है। लेकिन इस अति महत्वपूर्ण परियोजना के तहत करीब 1100 रैयतों के अधिग्रहित भूमि के मुआवजे का भुगतान लटका है। एलपीसी पेंडिंग होने से लटका है भुगतान अधिग्रहित भूमि का एलपीसी पेंडिंग होने से मुआवजा भुगतान लटकना कारण बताया जा रहा है। जितने रैयतों के मुआवजे का भुगतान लटका है उसमें अधिकांश रैयत बीजबनी गांव के बताए जाते हैं। भुगतान के लिए रैयत अंचल से लेकर जिला का चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन अब तक भुगतान नहीं हो सका है। पेंडिंग एलपीसी के निपटाने की कवायद शुरू जिला भू अर्जन विभाग के द्वारा पेंडिंग एलपीसी के निष्पादन की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। इस कड़ी में वैसे सभी रैयतों को नोटिस जारी किया जाएगा। विभागीय स्तर पर रैयतों के घर पर जाकर नोटिस तामिला कराने के लिए कवायद की जाएगी। जरूरत पड़ने पर कैम्प लगाया जाएगा। इस प्रक्रिया को पूरा करने में करीब एक माह का समय लग सकता है। सामरिक दृष्टिकोण से अति महत्वपूर्ण है यह सड़क भारत नेपाल सीमा पर बन रही यह सड़क सामरिक दृष्टिकोण से अति महत्वपूर्ण बतायी जाती है। विगत कई साल पहले इस सड़क के लिए भूमि का अधिग्रहण किया गया था। लेकिन भुगतान में विलंब से यह सड़क अपने निर्धारित समय पर पूर्ण नहीं हो पायी है। लेकिन अब जिला भू अर्जन विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया है। ताकि रैयतों को मुआवजा का भुगतान जल्द किया जा सके।
क्या बताएं। गांव से भी बदतर हालत है। बरसात की बात तो छोड़िए यहां 365 दिन जलजमाव से जूझना पड़ रहा है। अब तो उम्मीद भी टूटती जा रही है। हरेंद्र प्रसाद की यह बातें हालात की गंभीरता को खुद ब खुद बयां कर रहा है। जी हां, मोतिहारी नगर निगम क्षेत्र में एक ऐसा भी मोहल्ला है जहां करीब 500 की पूरे साल जलजमाव की समस्या को जूझने को विवश है। यह पढ़कर आप जरूर चौंक गये होंगे। लेकिन यह हकीकत है। बात हो रही है शहर के वार्ड नंबर 12 स्थित राजेंद्र नगर मोहल्ले की। वैसे तो बरसात में पूरी मोहल्ले में जलजमाव की समस्या बनी रहती है। लेकिन इसके एक भाग में पूरे साल लोगों को जलजमाव से जूझना मानो नियति बन गयी है। लेकिन समस्या के निदान को लेकर जनप्रतिनिधि से लेकर नगर निगम तक उदासीन है। नाला नहीं रहने से हो रही परेशानी एक ओर जहां शहर के अन्य भागों में नाला का निर्माण कराया गया। वहीं, राजेंद्र नगर मोहल्ले में शैलेंद्र सिंह के घर से एनएच 28 तक काफी सालों से नाला बना ही नहीं। न ही सड़क का निर्माण हो सका। जिससे पानी की निकासी नहीं होने के कारण यहां मुख्य सड़क पर सालों भर जलजमाव की समस्या बनी रहती है। अभी भी यहां सड़कों पर घरों से निकला गंदा पानी बह रहा है। जिससे होकर लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है। बरसात में तो स्थिति भयावह हो जाती है। पानी में गिरकर लोग हो जाते हैं चोटिल यहां की ऊबर-खाबर जर्जर सड़क व पानी के जमाव के कारण रात में कितनी बार दुर्घटनाएं हुयीं हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार कई बार लोग गिरकर चोटिल हो गये हैं। जिससे कारण रात में आमतौर पर लोग आने-जाने में परहेज ही करते हैं। पूराने नाले पर अतिक्रमण है बड़ी समस्या मोहल्ले में पूराना नाला पूरी तरह अतिक्रमण का शिकार हो गया है। पक्का निर्माण हो जाने से पानी का बहाव बंद है। स्थानीय लोगों के अनुसार इसको लेकर पब्लिक पेटिशन भी दिया गया है। जानकारों के अनुसार अतिक्रमण के कारण भी नाला निर्माण नहीं हो पा रहा
जमाबंदी में फर्जीवाड़ा करने के आरोप में पकड़ीदयाल अंचल के सेवानिवृत हल्का कर्मचारी फंस गये हैं। गलत तरीके से जमाबंदी कायम करने के आरोप में अपर समाहर्त्ता ने रिटायर्ड हल्का कर्मचारी शंकर राम के विरूद्ध एफआईआर दर्ज करने के लिए सीओ को आदेश दिया है। साथ ही जमाबंदी फर्जीवाड़ा में संलिप्तता के आरोप में डाटा इंट्री ऑपरेटर हिरदेश कुमार की संविदा सेवा समाप्ति के लिए सक्षम प्राधिकार को अनुशंसा समर्पित करने का आदेश सीओ को दिया गया है। यह फैसला अपर समाहर्त्ता सह अपर जिला दंडाधिकारी पवन कुमार सिन्हा ने मामले में सुनवाई के बाद दिया है। उन्होंने गलत तरीके से कायम की गयी जमाबंदी संख्या 890 को निरस्त करने का आदेश पारित किया है। साथ ही वर्षों से कायम जमाबंदी संख्या 912 को सही करार दिया गया है। यह मामला पकड़ीदयाल नगर पंचायत अंतर्गत वार्ड नंबर 4 के थाना नंबर 136 का है।
प्रधानमंत्री निक्षय योजना में पकड़ीदयाल अनुमंडल पूरे देश में पहले स्थान पर आया है। अनुमंडल के सभी टीबी मरीजों को गोद लेकर पौष्टिक पोषाहार का वितरण अनुमंडल में शुरू कर दिया गया है। करीब 130 टीबी के मरीजों को अनुमंडल में गोद लिया गया है। जानकारी सिविल सर्जन डॉ.अंजनी कुमार सिंह ने दी। उल्लेखनीय है कि टीबी मरीज के उन्मूलन के लिये प्रधानमंत्री निक्षय योजना की शुरुआत की गई है। इसके तहत प्रधानमंत्री ने सभी जन प्रतिनिधियों व समाजसेवी सहित इच्छुक लोगों से टीबी के मरीज को गोद लेकर पौष्टिक आहार देने की अपील की थी । ताकि दवा के साथ साथ पौष्टिक आहार भी टीबी के मरीजों को मिल सके व वर्ष 2025 तक देश से टीबी का उन्मूलन हो जाय। मगर हालत यह था कि यह अभियान जिले में लगभग शिथिल हो गया था। लोगों को इसके प्रति जागरूक किया। सबसे पहले आईएमए के अध्यक्ष डॉ आशुतोष शरण, रेड क्रॉस के चेयरमैन ई विभूति नारायण सिंह ने टीबी मरीजों को गोद लेकर इस अभियान की शुरुआत की। पकड़ीदयाल अनुमंडल पदाधिकारी कुमार रविंन्द्र ,विधायक राणा रणधीर सिंह व रेड क्रॉस के चेयरमैन के प्रयास के पकड़ीदयाल अनुमंडल के सभी प्रखंडों के टीबी के मरीजों को गोद लिया गया। सबके बीच पौष्टिक पोषाहार देने का काम एसडीओ के नेतृत्व में शुरू कर दिया गया है। करीब 130 टीबी मरीजों को गोद लिया गया है। बताया जाता है कि जिले में करीब 6500 टीबी के मरीज हैं जिसे 500 रुपये प्रति माह केंद्र सरकार देती आ रही है। मगर इस महंगाई में इतनी राशि कम होने के कारण प्रधानमंत्री ने टीबी मरीजों को गोद लेने की योजना शुरू की है। जिसमें अभी तक करीब आठ सौ टीबी के मरीज को गोद लिया गया है। जबकि आईएमए अध्यक्ष डॉ शरण ने सभी डाक्टर से पांच पांच टीबी के मरीज को गोद लेने का आह्वान किया है। इसके अलावा कई संगठन ने भी टीबी के मरीज को गोद लिया है।
सामरिक व व्यवसायिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय महत्व के शहर रक्सौल अब क्लीन और ग्रीन दिखेगा। नप प्रशासन ने इसके लिए शहर के कचरा डंपिंगप्वाइंटों से प्रतिदिन कचरे की सफाई कराने का कार्य शुरू कर दिया है। शहर के बाजारों में फैले कूड़े कचरे की सफाई भी अब प्रतिदिन सुबह और शाम दोनों टाइम कराने की आगे की कार्रवाई जारी है। साथ ही शहर के प्रधान पथ में बने डिवाइडर के समीप गैपिंग स्थान पर हरा भरा फूल पत्तियों वाला पेड़ लगाने का निर्णय लिया है। इससे शहर स्वच्छ व सुंदर के साथ ग्रीन दिखेगा। जो शहर में आने व जाने वाले यात्रियों व राहगीरों सहित देसी विदेशी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनेगा। शहर के जर्जर सड़कों व नालों का शीघ्र निर्माण होगा। छह है कचरा डंपिंग प्वाइंटशहर में कचरा डंपिंग के छह प्वाइंट बनाये गये हैं। इनमें शहर के ब्लॉक रोड स्थित नेशनल लॉज के समीप, कौड़िहार नहर चौक स्थित जीबीसी कैनाल सड़क के किनारे, पंकज चौक के समीप, पुराना नप कार्यालय के समीप तथा बाइपास सड़क के किनारे शामिल है। प्रतिदिन दोनों टाइम होगी सफाई कचरा डंपिंग प्वाइंट से प्रतिदिन कचरे की सफाई शुरू कर दी गई है। वहीं शहर के बाजारों में भी अब प्रतिदिन सुबह और शाम सफाई होगी। शहर के सफाई व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त रखने के लिए 146 सफाईकर्मियों को लगाया गया है। साथ ही एक बभकट मशीन, दो ट्रैक्टर, तीन टीपर व एक सीढी गाड़ी है। डिवाइडर के पास लगेंगे हरा भरा पौधा शहर के मेन रोड में फूल के पौधे लगाये जायेंगे। कहती हैं मुख्य पार्षदनप बोर्ड की मुख्य पार्षद धुरपति देवी का कहना है कि शहर अंतरराष्ट्रीय महत्ता के अनुरूप विकसित होगा।
सभी विकलांग बच्चों के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी प्रमाण-पत्र की बजाय दिव्यांगों की पहचान से संबंधित यूडीआईडी कार्ड जारी होगा। इसके लिए विकलांग लोगों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके बाद उनकी दोबारा स्क्रिनिग होगी। स्क्रीनिंग के बाद विकलांगता प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। इसी विकलांगता प्रमाण पत्र के आधार पर बच्चों को अन्य कार्ड भी बनेगा। इस संदर्भ में जिलाधिकारी ने पत्र लिखकर 0-18 वर्ष के बच्चों का कार्ड बनाने को आदेशित किया है। इसके के प्रखंडवार तिथि का निर्धारण किया गया है। कैम्प में दिव्यांगता की जांच, सह मूल्यांकन, प्रमाण पत्र व यूडीआईडी कार्ड बनाया जाएगा इस आईडी की पूरे देश में मान्यता होगी। नई व्यवस्था के तहत ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। इसके साथ ही दिव्यांगों का स्कैनिंग भी किया जायेगा। पहले की व्यवस्था में दिव्यांग प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करने पर जिला स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों का पैनल जांच करता है। इसके बाद प्रतिशत के हिसाब से दिव्यांग प्रमाण पत्र जारी करता है। जारी किया जाएगा यूनिक नंबर नई व्यवस्था में पहले दिव्यांगों का ब्योरा दर्ज किया जाएगा। जिससे स्क्रीनिंग के बाद दिव्यांग की पूरी स्थिति को दर्ज किया जा सके और दर्ज करने के वाद ही उन्हें यूनिक नंबर जारी किया जाएगा। फिर स्वास्थ्य विभाग विकलांगता प्रमाण पत्र जारी करेगा। वहीं, केंद्र सरकार की ओर से नामित की गई कंपनी की ओर से कार्ड जारी किया जाएगा। प्रमाण पत्र और कार्ड में विकलांगता का प्रकार, प्रतिशत और आईडी नंबर होगा। कार्ड में चिप भी लगाई जाएगी। कार्ड से पूरी जानकारी मिल जाएगी। कार्ड से मिलेगी पेंशन समाज कल्याण के माध्यम से योजनाओं का लाभ उठाने वाले दिव्यांगों के पास यूनिक आईडी कार्ड होना जरुरी है। इसके बिना किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल पाएगा। इसी के माध्यम से ही दिव्यांगों को पेंशन दिया जाएगा।
मोतिहारी शहर के ज्ञानबाबू चौक पर शनिवार की सुबह आठ बजे चाय पीने गये बनियापट्टी ठाकुरबाड़ी के अभिषेक सर्राफ उर्फ सोनू पर 13 मई को फायरिंग मामले में आरोपित हिमांशु कुमार ने बुधवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया। नगर पुलिस आरोपितों की गिरफ्तारी के लगातार छापेमारी कर रही थी। पुलिस दबिश के कारण आरोपित ने सरेंडर कर दिया। फायरिंग में वह युवक बाल बाल बच गया था। युवक के बयान पर पांच नामजद व तीन अज्ञात बदमाशों के खिलाफ नगर थाने में एफआईआर दर्ज की गयी थी।
सीमाई शहर से लेकर बॉर्डर के विभिन्न संवेदनशील स्थानों पर मंगलवार रात तक इंस्पेक्टर अभिषेक आनंद व आवकारी थाना प्रभारी राजकुमार के नेतृत्व में छापेमारी करके तीन शराब कारोबारी सहित नौ शराबियों को गिरफ्तार किया गया।इसकी पुष्टि बुधवार को मद्य निषेध इंस्पेक्टर श्री आनंद ने की । उन्होंने बताया कि शादी विवाह की लगन को देखते हुए भारत नेपाल बॉर्डर लाइन के विभिन्न संवेदनशील स्थानों पर मद्य निषेध टीम ने छापेमारी करके तीन शराब कारोबारी भुवन ठाकुर पोखरिया आदापुर, कृष्णा राम गम्हरिया नहर चौक रक्सौल व छोटू विशाल ठाकुर मझरिया आदापुर को दबोचा गया। अन्य गिरफ्तार शराबियों में अशोक प्रसाद, जगदीश पासवान, रूपेश कुमार, बीरभुवन पासवान, साहब मियां सभी नकरदेई व बीगम कुमार चंपापुर रामगढ़वा निवासी हैं।
