क्या बताएं। गांव से भी बदतर हालत है। बरसात की बात तो छोड़िए यहां 365 दिन जलजमाव से जूझना पड़ रहा है। अब तो उम्मीद भी टूटती जा रही है। हरेंद्र प्रसाद की यह बातें हालात की गंभीरता को खुद ब खुद बयां कर रहा है। जी हां, मोतिहारी नगर निगम क्षेत्र में एक ऐसा भी मोहल्ला है जहां करीब 500 की पूरे साल जलजमाव की समस्या को जूझने को विवश है। यह पढ़कर आप जरूर चौंक गये होंगे। लेकिन यह हकीकत है। बात हो रही है शहर के वार्ड नंबर 12 स्थित राजेंद्र नगर मोहल्ले की। वैसे तो बरसात में पूरी मोहल्ले में जलजमाव की समस्या बनी रहती है। लेकिन इसके एक भाग में पूरे साल लोगों को जलजमाव से जूझना मानो नियति बन गयी है। लेकिन समस्या के निदान को लेकर जनप्रतिनिधि से लेकर नगर निगम तक उदासीन है। नाला नहीं रहने से हो रही परेशानी एक ओर जहां शहर के अन्य भागों में नाला का निर्माण कराया गया। वहीं, राजेंद्र नगर मोहल्ले में शैलेंद्र सिंह के घर से एनएच 28 तक काफी सालों से नाला बना ही नहीं। न ही सड़क का निर्माण हो सका। जिससे पानी की निकासी नहीं होने के कारण यहां मुख्य सड़क पर सालों भर जलजमाव की समस्या बनी रहती है। अभी भी यहां सड़कों पर घरों से निकला गंदा पानी बह रहा है। जिससे होकर लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है। बरसात में तो स्थिति भयावह हो जाती है। पानी में गिरकर लोग हो जाते हैं चोटिल यहां की ऊबर-खाबर जर्जर सड़क व पानी के जमाव के कारण रात में कितनी बार दुर्घटनाएं हुयीं हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार कई बार लोग गिरकर चोटिल हो गये हैं। जिससे कारण रात में आमतौर पर लोग आने-जाने में परहेज ही करते हैं। पूराने नाले पर अतिक्रमण है बड़ी समस्या मोहल्ले में पूराना नाला पूरी तरह अतिक्रमण का शिकार हो गया है। पक्का निर्माण हो जाने से पानी का बहाव बंद है। स्थानीय लोगों के अनुसार इसको लेकर पब्लिक पेटिशन भी दिया गया है। जानकारों के अनुसार अतिक्रमण के कारण भी नाला निर्माण नहीं हो पा रहा
