राज्य में अक्सर हर्ष फायरिंग की घटनाएं सामने आती रहती हैं। देखा गया है कि ऐसी घटनाओं से उत्सव का माहौल पलभर में मातम में बदल जाता है। इस वर्ष मई तक हर्ष फायरिंग की 40 से अधिक घटनाएं हो चुकी हैं। इनमें करीब 20 ऐसी घटनाएं हुई हैं, जिसमें लगभग 25 लोगों की जान चली गई। हर्ष फायरिंग के बढ़ते चलन पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों को सख्त निर्देश दिए हैं। उनसे हर्ष फायरिंग की घटनाओं का पूरा ब्योरा डाटाबेस के साथ मुख्यालय भेजने के लिए कहा गया है। इसके बाद हर्ष फायरिंग में उपयोग होने वाले सभी हथियारों के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिए जाएंगे। यही नहीं, इन लाइसेंसधारकों की सूची तैयार कर इन्हें ब्लैकलिस्टेड कर दिया जाएगा। इससे भविष्य में इन्हें दोबारा हथियार का लाइसेंस नहीं मिलेगा। गौरतलब है कि इन घटनाओं में उपयोग होने वाले करीब 65 फीसदी हथियार लाइसेंसी होते हैं।
पीपराकोठी एनएच स्थित हरपुर ओवरब्रिज के नीचे गुजरने वाली सर्विस लेन में हुए हादसे में बाइक सवार दो युवकों की मौत हो गई। तीसरा बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे इलाज के लिए मोतिहारी के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहां उनकी स्थिति चिंताजनक बताई गयी है। मृतकों की पहचान मोहब्बत छपरा के गुड्डू कुमार(19) पिता मुकेश सहनी व अरविंद कुमार (20) पिता स्वर्गीय रामायण सहनी के रूप में हुई। घायल अभिषेक कुमार पिता प्रमोद सहनी मोहब्बत छपरा का है।
बिहार में वर्ष 2019 या उसके बाद जिन विषयों या विषय समूह में माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (एसटीईटी) नहीं ली गयी है, उन विषयों या विषय समूह में आयोजित होने वाली एसटीईटी एवं समकक्ष परीक्षा में उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को शिक्षक नियुक्ति में आयु सीमा में अधिकतम 10 साल की छूट मिलेगी। सोमवार को शिक्षा विभाग ने इससे संबंध में अधिसूचना जारी कर दी। विभाग के संयुक्त सचिव संजय कुमार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार बिहार राज्य विद्यालय अध्यापक (नियुक्ति, स्थानांतरण, अनुशासनिक कार्रवाई एवं सेवाशर्त) नियमावली, 2023 के नियम-5 (वी) में विद्यालय अध्यापक पद पर नियुक्ति हेतु आयु सीमा में छूट से संबंधित प्रावधान निर्धारित किया गया है। वहीं, बिहार में कम्प्यूटर शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर ऊहापोह खत्म हो गई है। शिक्षा विभाग ने इस शिक्षकों के लिए अर्हता अधिसूचित कर दी है। खास तौर से अभियंत्रण (बीई) और तकनीकी (बीटेक) विषयों में स्नातक करने वाले अभ्यर्थी राज्य के सरकारी उच्च माध्यमिक स्कूलों में शिक्षक बन पाएंगे। हालांकि इसके लिए उन्हें मान्यता प्राप्त संस्थान से बीई और बीटेक के साथ किसी विषय में स्नातकोत्तर या डिप्लोमा की डिग्री भी रखनी होगी। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि कंप्यूटर विज्ञान विषय के अभ्यर्थियों के लिए बीएड की योग्यता अनिवार्य नहीं है। सरकार की इस अधिसूचना के बाद राज्य में करीब सात हजार कंप्यूटर शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया आसान हो जाएगी।
अब जिले के सभी अनुमंडल अस्पतालों में पोस्टमार्टम होगा। वर्तमान में मेडिकल कॉलेज, जिला सदर अस्पतालों में ही पोस्टमार्टम की व्यवस्था है। पोस्टमार्टम के लिए अभी मृतक के परिजनों को कई किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ रही है। इस परेशानी को दूर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तय किया है कि हर अनुमंडल स्तर के अस्पताल में ही पोस्टमार्टम की व्यवस्था की जाए। इस बाबत स्वास्थ्य सचिव सह राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक संजय कुमार सिंह की ओर से सभी सिविल सर्जनों को पत्र भेजा गया है। इसमें कहा गया है कि राज्य में 91 अनुमंडल अस्पताल हैं। इनमें से 10 फीसदी अस्पतालों में भी पोस्टमार्टम नहीं हो रहे हैं जबकि अनुमंडल अस्पतालों में पोस्टमार्टम करने वाले आवश्यक कर्मी की तैनाती हैं। अनुमंडल में यह सुविधा नहीं होने के कारण लोगों को जिला मुख्यालय के अस्पतालों या मेडिकल कॉलेजों में आना पड़ रहा है। चूंकि, सरकार की कई योजनाओं में भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट की जरूरत होती है। सड़क दुर्घटना में मारे गए लोगों का भी पोस्टमार्टम अनिवार्य होता है। इसलिए यह जरूरी है कि पोस्टमार्टम के लिए लोगों को अधिक दूरी तय नहीं करनी पड़े।
प्रधानमंत्री आवास योजना, ग्रामीण के अंतर्गत जिलों के लिए तय कुल लक्ष्य का 5 फीसदी आवास दिव्यांगों के लिए निर्धारित किया जाएगा। ग्रामीण विकास विभाग ने इसे सुनिश्चित करने को कहा है। जिलाधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि जिला अंतर्गत किसी पंचायत में किसी विशेष कोटि में योग्य लाभार्थी उपलब्ध नहीं रहने की स्थिति में प्रखंड स्तर पर लक्ष्य का आंतरिक सामंजन किया जायेगा। इसी तरह किसी प्रखंड में किसी कोटि विशेष में योग्य लाभार्थी उपलब्ध नहीं रहने पर जिलास्तर पर लक्ष्य का आंतरिक सामंजन किया जाएगा। वहीं जिला अंतर्गत संबंधित कोटि में योग्य लाभार्थी नहीं रहने पर ही राज्य को लक्ष्य प्रत्यार्पित किया जाएगा। गौरतलब है कि भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत बिहार को पहले से तय आवासों का लक्ष्य बढ़ा दिया था। इसमें 5 फीसदी के करीब की वृद्धि की गई थी। वित्तीय वर्ष 2019-20 में पहले से आवंटित 10 लाख 12359 आवासों के भौतिक लक्ष्य में 57800 की वृद्धि की गई थी। तकरीबन 58 हजार इन नए आवासों को सभी जिलों के लक्ष्य में वितरित भी कर दिया गया था। साथ ही इसके अनुरूप प्रखंड तथा पंचायतवार व कोटिवार जिलों को लक्ष्य का निर्धारण व लाभुकों का चयन करने को कहा गया था। एक बार फिर से जिलों को ताकीद किया गया है कि तय लक्ष्य का 5 फीसदी आवास का लाभ दिव्यांगों को पहुंचाएं।
जिले के जलस्रोत ग्रीन बेल्ट के रूप में तब्दील होंगे। नदी,तालाब व पोखर किनारे पेड़ पौधे लगा हरा भरा किये जाएंगे। वृक्ष माला परियोजना के तहत जिले के जलस्रोतों को हरा भरा करने की योजना लांच की गयी है। योजना के तहत मनरेगा से 7 लाख 92 हजार पौधे लगाए जाएंगे। जिले में 15 जून से पौधरोपण योजना की शुरूआत करने की तैयारी चल रही है। योजना से जिले के जलस्रोतों के किनारे पौधरोपण किया जाएगा। इसको लेकर एस्टीमेट बनाने की कवायद शुरू है। जीविका दीदियों लगाएंगी 5 लाख पौधे नदी, तालाब व पोखर सहित अन्य जलस्रोतों के किनारे पौधरोपण में जीविका दीदियों की भागीदारी होगी। जीविका दीदियों के द्वारा करीब पांच लाख पौधे लगाने की योजना है। इसके अलावा वन विभाग के द्वारा पौधे लगाए जाएंगे। जीविका दीदियों को वन विभाग से पौधे मुहैया कराए जाएंगे। इसके अलावा निजी नर्सरियों से पौधे खरीद मुहैया कराये जाएंगे। पौधरोपण के लिए होगी गड्ढ़े की खुदाई पौधरोपण के लिए नदी,तालाब व पोखर आदि के किनारे पौधरोपण के लिए सबसे पहले गड्ढ़े की खुदाई की जाएगी। इसके बाद पौधरोपण किया जाएगा। पौधरोपण कार्य में जीविका दीदियों सहित वनपोषकों को लगाया जाएगा। पौधरोपण के बाद इसकी देखभाल के लिए जीविका दीदियों व वन पोषकों कोे जिम्मेवारी दी जाएगी।
मोतिहारी नगर निगम क्षेत्र का वार्ड 4 दारोगा टोला मोहल्ला। मोहल्ले में सड़क पर जलजमाव से लोगों को आवागमन में काफी परेशानी हो रही है। बिना बारिश के ही यहां सालोभर सड़क पर जलजमाव की स्थिति रहती है। बरसात में तो यहां का हालात पूरी तरह नारकीय हो जाता है। आधा-अधूरा बना है नाला दारोगा टोला में सिटी रेसिडेंसियल स्कूल के पास तक नाला बना है। उसके बाद आगे नाला बना ही नहीं है। ऐसे में घराें का पानी उक्त नाला से होकर सड़क पर बह रहा है। गंदे पानी के भारी जलजमाव से आवागमन की है समस्या सड़क पर नाले के गंदे पानी का जमाव सालों भर बना रहता है। मुख्य सड़क से बायीं ओर जाने वाले रास्ते में स्थिति और भयावह है। यहां पूरा सड़क पानी से जलमग्न है। जहां आने-जाने में स्थानीय लोगों को काफी परेशानी होती है। स्थानीय लोगों के अनुसार इस पथ में आगे माई स्थान मंदिर भी है। जहां पूजा के लिए आने-जाने वालों को काफी कठिनाई होती है। नाला व सड़क निर्माण की है आवश्यकता समस्या के निदान के लिए यहां नाला व सड़क निर्माण की आवश्यकता है। आधा-अधूरा नाला निर्माण से समस्या हो रही है। जो नाला का निर्माण किया गया, उसके पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं की गयी।
मोतीहारी अरेराज मुख्य पथ में रघुनाथपुर भवानी चौक के पास सोमवार को सड़क किनारे खड़े एक युवक को ट्रैक्टर ने रौंद डाला। जिससे युवक गंभीर रूप से जख्मी हो गया। उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक युवक सुगौली थाना क्षेत्र के सुगांव गांव के बड़ा बाबू ठाकुर उर्फ अरविंद ठाकुर का छोटा पुत्र अभिनव कुमार है।
सुगौली में पैक्स अध्यक्ष पद की चुनावी प्रक्रिया सार्वजनिक नही करने का लगा आरोप।
सुगौली के वार्ड 18 में हुई मारपीट,मामला पहुंचा थाना।पुलिस लगी कार्रवाई में।
