अब जिले के सभी अनुमंडल अस्पतालों में पोस्टमार्टम होगा। वर्तमान में मेडिकल कॉलेज, जिला सदर अस्पतालों में ही पोस्टमार्टम की व्यवस्था है। पोस्टमार्टम के लिए अभी मृतक के परिजनों को कई किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ रही है। इस परेशानी को दूर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तय किया है कि हर अनुमंडल स्तर के अस्पताल में ही पोस्टमार्टम की व्यवस्था की जाए। इस बाबत स्वास्थ्य सचिव सह राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक संजय कुमार सिंह की ओर से सभी सिविल सर्जनों को पत्र भेजा गया है। इसमें कहा गया है कि राज्य में 91 अनुमंडल अस्पताल हैं। इनमें से 10 फीसदी अस्पतालों में भी पोस्टमार्टम नहीं हो रहे हैं जबकि अनुमंडल अस्पतालों में पोस्टमार्टम करने वाले आवश्यक कर्मी की तैनाती हैं। अनुमंडल में यह सुविधा नहीं होने के कारण लोगों को जिला मुख्यालय के अस्पतालों या मेडिकल कॉलेजों में आना पड़ रहा है। चूंकि, सरकार की कई योजनाओं में भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट की जरूरत होती है। सड़क दुर्घटना में मारे गए लोगों का भी पोस्टमार्टम अनिवार्य होता है। इसलिए यह जरूरी है कि पोस्टमार्टम के लिए लोगों को अधिक दूरी तय नहीं करनी पड़े।