बिहार राज्य के जिला जमुई से नागमणि कुमार की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से आकाश कुमार से हुई। आकाश कुमार यह बताना चाहते है कि महिलाओं के खिलाफ भेद - भाव और हिंसा को ख़त्म करना जरूरी है। महिला दहेज़ प्रथा के खिलाफ प्रताड़ित होती है। महिला को समान अधिकार नहीं मिलता है। जब तक महिला में शिक्षा का विकास नहीं होगा तब तक महिला का विकास नहीं होगा। लैंगिक समानता मतलब लड़का और लड़की में कोई भेद - भाव नहीं होता है। महिला और पुरुष को समान अधिकार मिलना चाहिए। हर काम में महिला बढ़ - चढ़कर भाग ले रही है। महिला को प्रोत्साहित किया जा सकता है। किसी तरह की घटना होती है तो उसमे समाज , नागरिक , मीडिया की अहम भूमिका होती है।
बिहार राज्य के गिद्धौर मोबाइल वाणी के संवाददाता आशुतोष पाण्डेय ने सामाजिक कार्यकर्ता रामचन्द्र पंडित जी से बातचीत की जिसमें उन्होंने जानकारी दी कि लड़कियों के अभिभावक जागरुक होकर और शिक्षा का अलख जगाकर और समाज जागरुक होकर बाल विवाह और भ्रूण हत्या को रोका जा सकता है।
बिहार राज्य के जमुई जिला के बरहट प्रखंड से संवाददाता आशुतोष पाण्डेय ने मोबाइल वाणी के माध्यम से शिक्षक अमित कुमार से बातचीत की जिसमें उन्होंने जानकारी दी कि महिलाओं के खिलाफ हिंसा को रोकने के लिए सेबल पहले शिक्षा की आवश्यकता है। जब तक लोग शिक्षित नहीं होंगे हले के समय में महिलाएं बहुत पिछड़ी हुई थीं, लेकिन धीरे धीरे सरकार की तरफ से कई योजनाएं आयी है जिससे महिलाओं की स्थिति में काफी सुधर आया है। शिक्षा की कमी के कारण आज भी हिंसात्मक घटनाएं घटती रहती है। हमारे समाज में शिक्षा की उचित व्यवस्था नहीं है, इस पर समाज को ध्यान देने की आवश्यकता है। साथ ही महिला और पुरुष को समान अधिकार मिले इसके लिए समाज को जागरूक करने की आवश्यकता है
बिहार राज्य के गिद्धौर मोबाइल वाणी के संवाददाता आशुतोष पाण्डेय ने ग्रामीण चिकित्सक बचनदेव प्रसाद यादव जी से बातचीत की जिसमें उन्होंने जानकारी दी कि महिलाओं को शिक्षा के प्रति जागरूक कर और समझदारी को विकसित कर महिलाओं के प्रति उत्पीड़न को समाप्त किया जा सकता है।
बिहार राज्य के जमुई जिला के बारहट प्रखंड से संवाददाता आशुतोष पाण्डेय ने मोबाइल वाणी के माध्यम से पुलिस उप निरीक्षक पद से सेवानिवृत हुए नंदकिशोर पासवान जी से बातचीत की जिसमें उन्होंने जानकारी दी कि महिलाओं के खिलाफ हिंसा को रोकने के लिए सबसे पहले महिलाओं को शिक्षित करना होगा। महिलाएं शिक्षित होंगी तो समाज में जागरूकता आएगी। लड़का और लड़की में भेदभाव बहुत पहले से चला आ रहा है। लेकिन आज के समय में इसके लिए कई प्रकार से जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है और समाज में भेदभाव में कमी देखने को भी मिल रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में अभी ज्यादातर लैंगिक भेदभाव का मामला देखने को मिलता है। सरकार इसके लिए कई प्रयास कर रही है। महिलाएं शिक्षित होगी तो अपने बच्चों को भी शिक्षित कर पायेगी
बिहार राज्य के जमुई जिला से नागमणि कुमार ने मोबाइल वाणी के माध्यम से त्रिपुरारी प्रसाद सिंह से बातचीत किया। बातचीत के दौरान उनहोने बताया कि महिलाओं के खिलाफ हिंसा और भेदभाव को ख़त्म करना इसलिए आवश्यक हो जाता है क्योंकि महिला आज समाज में एक संकुचित भावना में जी रही है। शिक्षा के आभाव में जागरूक नहीं हो पा रही है। महिलाएं जब तक शिक्षित नहीं होगी तब तक समाज का विकास नहीं हो सकता है।
बिहार राज्य के जमुई जिला से नरेंद्र कुमार ने मोबाइल वाणी के माध्यम से चन्दन कुमार से बातचीत किया। बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि महिलाओं को उनका अधिकार मिलना चाहिए। महिलाओं को जमीनी अधिकार मिलने से महिलाएं और समाज दोनों सशक्त होंगे। महिलाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए सरकार को छोटे उद्योग लगाने चाहिए एवं महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक भी करना चाहिए
बिहार राज्य के जमुई जिला से नरेंद्र कुमार ने मोबाइल वाणी के माध्यम से अभिषेक कुमार से बातचीत किया। बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि महिलाओं को उनका अधिकार मिलना चाहिए। क्योकि महिलाएं सभी क्षेत्र में पुरुष के साथ काँधे से कांधा मिलाकर चलती हैं। महिलाएं खेती में भी पुरुष के बराबर योगदान दे रही हैं। महिलाओं को रोजगार देने के लिए सरकार के द्वारा योजनाएं चलानी चाहिए। जिससे की महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत हो और आत्मनिर्भर बन सके। साथ ही उन्होंने बताया कि महिलाओं को जमीन का अधिकार भी मिलना चाहिए।
बिहार राज्य के गिद्धौर मोबाइल वाणी के संवाददाता आशुतोष पाण्डेय ने शिक्षक शेखर कुमार यादव जी से बातचीत की जिसमें उन्होंने जानकारी दी कि महिलाओं के खिलाफ हो रही हिंसात्मक क्रिया और असमानता को खत्म कर महिलाओं को आगे बढ़ाया जा सकता है। महिलाओं को शिक्षित करना चाहिए। महिला को शिक्षित करने हेतु सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए। समाज को शिक्षित होना जरूरी है जब शिक्षित होगा तो विकाश होगा। स्कूल में लड़का और लड़की में कोई भेद - भाव नहीं है। मीडिया को जागरूकता के लिए प्रचार - प्रसार करना चाहिए। दहेज़ प्रथा को शिक्षित होकर ख़तम किया जा सकता है।
बिहार राज्य के गिद्धौर मोबाइल वाणी के संवाददाता आशुतोष पाण्डेय ने वार्ड सदस्य वरुण कुमार यादव जी से बातचीत की जिसमें उन्होंने जानकारी दी कि महिलाओं को उसका अधिकार दिलाने में मदद और भेदभाव को खत्म कर महिलाओं को सुदृढ़ और मजबूत बनाकर आगे बढ़ाया जा सकता है। महिला को उनका अधिकार के बारे में बताना चाहिए। महिला और पुरुष को समान अधिकार मिलना चाहिए। यह देखा जाता है कि लड़को को पढ़ाया जाता है लेकिन लड़कियों को नहीं पढ़ाया जाता है। महिलाओं को शिक्षित होना बहुत जरूरी है। समाज में जागरूकता बढ़ी है। लड़कियां आज सभी क्षेत्र में आगे बढ़ रही है। मीडिया का अहम् योगदान है समाज के मुद्दों को सरकार के सामने रखने के लिए। दहेज़ प्रथा को खतम करना चाहिए यह बहुत गलत है।
