सुनिए डॉक्टर स्नेहा माथुर की संघर्षमय लेकिन प्रेरक कहानी और जानिए कैसे उन्होंने भारतीय समाज और परिवारों में फैली बुराइयों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई! सुनिए उनका संघर्ष और जीत, धारावाहिक 'मैं कुछ भी कर सकती हूं' में...

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महिलाओं को अक्सर शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, रोजगार और राजनीतिक भागीदारी जैसे क्षेत्रों में भेदभाव का सामना करना पड़ता है। यह भेदभाव उन्हें अपनी पूरी क्षमता तक पहुंचने से रोकता है। महिलाओं के खिलाफ घरेलू हिंसा, यौन उत्पीड़न, दहेज हत्या और बाल विवाह जैसी हिंसा लैंगिक असमानता का एक भयानक रूप है। यह हिंसा महिलाओं को शारीरिक और मानसिक रूप से नुकसान पहुंचाती है और उन्हें डर और असुरक्षा में जीने के लिए मजबूर करती है। लैंगिक असमानता गरीबी और असमानता को बढ़ावा देती है, क्योंकि महिलाएं अक्सर कम वेतन वाली नौकरियों में काम करती हैं और उन्हें भूमि और संपत्ति जैसे संसाधनों तक कम पहुंच होती है। दोस्तों, आप हमें बताइए कि *-----लैंगिक असमानता के मुख्य कारण क्या हैं? *-----आपके अनुसार से लैंगिक समानता को मिटाने के लिए भविष्य में क्या-क्या तरीके अपनाएँ जा सकते हैं? *-----साथ ही, लैंगिक असमानता को दूर करने के लिए हम व्यक्तिगत रूप से क्या प्रयास कर सकते हैं?

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बिहार राज्य के जिला जमुई से योगेंद्र प्रसाद , मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते है प्महेश्वरी पेन कान्ह गांव निवासी दो बच्चों के साथ लापता हुई महिला का नहीं मिल रहा कोई सुराग सोनो (जमुई)/ चरकापत्थर थाना अंतर्गत एक महिला के लापता होने का मामला प्रकाश में आया। घटना थाना अंतर्गत महेश्वरी पंचायत के पेनकान्ह का है जहां बीते दिनों एक महिला अपने दो बच्चों के साथ लापता हो गई। थाना में परिजनों द्वारा दिए गए आवेदन के अनुसार महिला के ससुर ने बताया कि दिनांक 22 मई को प्रातः 7:00 बजे महिला अपने दो छोटे-छोटे बच्चों के साथ मायके जाने का कह कर घर से निकल गई। काफी समय बीत जाने के पश्चात जब परिजनों महिला की खोज खबर ली गई तब मायके वालों ने भी महिला के वहां होने से इनकार कर दिया। किसी अनहोनी की आशंका से घबराए परिजनों ने अपने सभी रिश्तेदारों के पास गहनता से खोजबीन की लेकिन महिला का सुराग कहीं नहीं मिल पाया। लापता महिला के ससुर गणपत यादव ने बताया कि कुछ वर्ष पूर्व उनके बेटे की मृत्यु हो जाने के पश्चात महिला अपने दो बच्चों के साथ अपने ससुराल में ही रह जीवन यापन कर रही थी। वहीं एक बच्चा गिरिडीह जिला अंतर्गत बिरनी थाना के खुटाटांड अपने नाना-नानी के घर पर रह रहा था। महिला के परिजनों ने यह भी बताया कि महिला अपने तीसरे बच्चे को मायके से लाने का कह कर तो निकल गई लेकिन ना तो वह मायके ही पहुंच पाई और ना किसी अन्य जगह। लापता महिला की कोई जानकारी नहीं मिल पाने के कारण किसी भी प्रकार की अनहोनी घटना महिला सहित बच्चों के साथ ना घटित हो इस आशंका से परिजन के अंदर डर व्याप्त हो गया है। थाना प्रभारी से महिला सहित लापता बच्चों के जान-माल की सुरक्षा की गुहार लगाते हुए जल्द से जल्द बरामदगी की मांग की। प्राप्त आवेदन के अनुसार थाना प्रभारी ने मामले में प्राथमिक की दर्ज कर छानबीन प्रारंभ कर दी।

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भारत में जहां 18वीं लोकसभा के लिए चुनाव हो रहे हैं। इन चुनावों में एक तरफ राजनीतिक दल हैं जो सत्ता में आने के लिए मतदाताओं से उनका जीवन बेहतर बनाने के तमाम वादे कर रहे हैं, दूसरी तरफ मतदाता हैं जिनसे पूछा ही नहीं जा रहा है कि वास्तव में उन्हें क्या चाहिए। राजनीतिक दलों ने भले ही मतदाताओं को उनके हाल पर छोड़ दिया हो लेकिन अलग-अलग समुदायो से आने वाले महिला समूहों ने गांव, जिला और राज्य स्तर पर चुनाव में भाग ले रहे राजनीतिर दलों के साथ साझा करने के लिए घोषणापत्र तैयार किया है। इन समूहों में घुमंतू जनजातियों की महिलाओं से लेकर गन्ना काटने वालों सहित, छोटे सामाजिक और श्रमिक समूह मौजूदा चुनाव लड़ रहे राजनेताओं और पार्टियों के सामने अपनी मांगों का घोषणा पत्र पेश कर रहे हैं। क्या है उनकी मांगे ? जानने के लिए इस ऑडियो को सुने

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दोस्तों, हमारे यह 2 तरह के देश बसते है। एक शहर , जिसे हम इंडिया कहते है और दूसरा ग्रामीण जो भारत है और इसी भारत में देश की लगभग आधी से ज्यादा आबादी रहती है। और उस आबादी में आज भी हम महिला को नाम से नहीं जानते। कोई महिला पिंटू की माँ है , कोई मनोज की पत्नी, कोई फलाने घर की बड़ी या छोटी बहु है , कोई संजय की बहन, तो कोई फलाने गाँव वाली, जहाँ उन्हें उनके मायके के गाँव के नाम से जाना जाता है। हम महिलाओ को आज भी ऐसे ही पुकारते है और अपने आप को समाज में मॉडर्न दिखने की रीती का निर्वाह कर लेते है। समाज में महिलाओं की पहचान का महत्व और उनकी स्थिति को समझने की आवश्यकता के बावजूद, यह बहुत दुःख कि बात है आधुनिक समय में भी महिलाओं की पहचान गुम हो रही है। तो दोस्तों, आप हमें बताइए कि *-----आप इस मसले को लेकर क्या सोचते है ? *-----आपके अनुसार से औरतों को आगे लाने के लिए हमें किस तरह के प्रयास करने की ज़रूरत है *-----साथ ही, आप औरतों को किस नाम से जानते है ?

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