बिहार राज्य के जमुई जिला से अमित कुमार सविता ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि भीषण गर्मी और लू से लगातार होने वाले मृत्यु को देखते हुए सरकार ने सभी जिलों को गर्मी से बचाव, लोगों के इलाज के साथ पेयजल की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। राज्य के मुख्य सचिव की ओर से सभी विभागों को आवश्यक कदम उठाने का कहा गया है। मुख्य सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से सभी स्तर के प्राथमिक अस्पतालों से लेकर मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में गर्मी से बीमार होने वाले लोगों के इलाज की व्यवस्था का निर्देश दिया गया है।अस्पतालों से कहा गया है कि वे लू की चपेट में आने वाले मरीजों के लिए अलग से वार्ड, इलाज की व्यवस्था करें। अस्पतालों में पर्याप्त ओआरएस रखे। जूल वार्ड में एयरकंडीशन की व्यस्था रखें।विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

बिहार राज्य के जमुई जिला से अमित कुमार सविता ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विवेकानंद रॉक मेमोरियल में सूर्योदय के समय " सूर्य अर्घ्य " देने के बाद शनिवार को तीसरे और अंतिम दिन अपनी ध्यान साधना शुरू की। यह जानकारी अधिकारियों ने दी है। " सूर्य अर्घ्य " आध्यात्मिक अभ्यास से जुड़ी एक परंपरा है , जिसमें भगवान सूर्य को जल अर्पित कर उन्हें नमन किया जाता है। पीएम मोदी ने आज सूर्योदय के दौरान " सूर्य अर्घ्य " देने के बाद अपने ध्यान के अंतिम दिन की शुरुआत की। पीएम ने अपराह्न 01:30 बजे अपना ध्यान समाप्त किया। इसके बाद वे तिरुवल्लुवर की प्रतिमा पर गए। वहां पूजा अर्चना के बाद वापस लौटने के क्रम में तमिल कवि को भी श्रद्धांजलि दी। पीएम मोदी इस दरम्यान भगवा वस्त्र पहने हुए थे। उन्होंने वहां स्वामी विवेकानन्द की प्रतिमा पर पुष्प भी अर्पित किया। अपने हाथों में " जप माला " लेकर मंडपम के चारों तरफ परिक्रमा भी की।विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

दोस्तों, हमारे यह 2 तरह के देश बसते है। एक शहर , जिसे हम इंडिया कहते है और दूसरा ग्रामीण जो भारत है और इसी भारत में देश की लगभग आधी से ज्यादा आबादी रहती है। और उस आबादी में आज भी हम महिला को नाम से नहीं जानते। कोई महिला पिंटू की माँ है , कोई मनोज की पत्नी, कोई फलाने घर की बड़ी या छोटी बहु है , कोई संजय की बहन, तो कोई फलाने गाँव वाली, जहाँ उन्हें उनके मायके के गाँव के नाम से जाना जाता है। हम महिलाओ को आज भी ऐसे ही पुकारते है और अपने आप को समाज में मॉडर्न दिखने की रीती का निर्वाह कर लेते है। समाज में महिलाओं की पहचान का महत्व और उनकी स्थिति को समझने की आवश्यकता के बावजूद, यह बहुत दुःख कि बात है आधुनिक समय में भी महिलाओं की पहचान गुम हो रही है। तो दोस्तों, आप हमें बताइए कि *-----आप इस मसले को लेकर क्या सोचते है ? *-----आपके अनुसार से औरतों को आगे लाने के लिए हमें किस तरह के प्रयास करने की ज़रूरत है *-----साथ ही, आप औरतों को किस नाम से जानते है ?

किसी भी समाज को बदलने का सबसे आसान तरीका है कि राजनीति को बदला जाए, मानव भारत जैसे देश में जहां आज भी महिलाओं को घर और परिवार संभालने की प्रमुख इकाई के तौर पर देखा जाता है, वहां यह सवाल कम से कम एक सदी आगे का है। हक और अधिकारों की लड़ाई समय, देश, काल और परिस्थितियों से इतर होती है? ऐसे में इस एक सवाल के सहारे इस पर वोट मांगना बड़ा और साहसिक लेकिन जरूरी सवाल है, क्योंकि देश की आबादी में आधा हिस्सा महिलाओं का है। इस मसले पर बहनबॉक्स की तान्याराणा ने कई महिलाओँ से बात की जिसमें से एक महिला ने तान्या को बताया कि कामकाजी माँओं के रूप में, उन्हें खाली जगह की भी ज़रूरत महसूस होती है पर अब उन्हें वह समय नहीं मिलता है. महिलाओं को उनके काम का हिस्सा देने और उन्हें उनकी पहचान देने के मसले पर आप क्या सोचते हैं? इस विषय पर राय रिकॉर्ड करें

एक जून को देवघर एयरपोर्ट दक्षिण भारत से सीधा जुड़ जाएगा। देवघर से बेंगलुरु की सीधी फ्लाइट ने चेन्नई को जोड़ दिया है। एक जून को पहली कॉमर्शियल फ्लाइट दिन के 12:40 बजे पर देवघर एयरपोर्ट पर लैंड करेगी। संयोग देखिए उस दिन देवघर में मतदान होगा। अब कोई भी नौजवान जो दक्षिण भारत के किसी शहर में अथवा बेंगलुरु में नौकरी कर रहे हैं और यहां के वोटर हैं तो देवघर आकर वोट कर सकते हैं। देवघर से बेंगलुरु जाने के बाद वहां से दक्षिण भारत की विमान सेवा की कनेक्टिंग फ्लाइट है। यहां तक कि विदेश जाने के लिए भी सीधी विमान सेवा है। मालदीव , बाली , थाईलैंड के फुकेट , पोर्ट ब्लेयर आदि शहर जा सकते हैं। अभी देवघर से विदेश जाने के लिए कनेक्टिंग फ्लाइट वाया दिल्ली थी। बेंगलुरु जाने वाले कोलकाता जाते थे और वहां से यह सुविधा ले रहे थे। एक जून से उनकी यह असुविधा दूर हो जाएगी। इंडिगो के सूत्रों की मानें तो देवघर से बेंगलुरु का किराया साढ़े छह हजार होगा। देवघर एयरपोर्ट से दिल्ली के बाद यह दूसरी कॉमर्शियल सर्विस हो जाएगी। एयर बस 186 सीट की होगी। सप्ताह में यह तीन दिन यानी मंगलवार , गुरुवार और शनिवार को उड़ेगी।विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुनाव प्रचार में पहली बार बिहार में रात्रि विश्राम करेंगे और करीब 18 से 20 घंटे तक बिहार में रहेंगे।12 मई को प्रधानमंत्री पटना में रोड शो करने वाले हैं। पटना में लोकसभा की दो सीट है। पटना साहिब से रविशंकर प्रसाद और पाटलिपुत्र से राम कृपाल यादव बीजेपी उम्मीदवार हैं।पटना साहिब में रविशंकर प्रसाद का मुकाबला कांग्रेस के अविजित अंशुल से है जो मीरा कुमार के बेटे हैं।पाटलिपुत्र में राम कृपाल के सामने तीसरी बार मीसा भारती हैं। पटना में रोड शो के बाद मोदी रात्रि विश्राम राजभवन में करेंगे।अगले दिन मोदी की तीन सभाएं है। छपरा में राजीव प्रताप रूडी के लिए, जहां लालू यादव की बेटी रोहिणी राजद उम्मीदवार हैं। दूसरी सभा हाजीपुर में होगी जहां से चिराग पासवान एलजेपी उम्मीदवार हैं। तीसरी सभा मुजफ्फरपुर के पताही हवाई अड्डे पर होगी। यहां से बीजेपी के राज भूषण चौधरी उम्मीदवार हैं, सामने कांग्रेस से सांसद अजय निषाद उम्मीदवार हैं ।सांसद अजय निषाद पिछली बार राजभूषण चौधरी को ‌भारी‌ मत से हराया था।‌24 घंटे में जिन चारों जगह मोदी का कार्यक्रम है वो महज 70 किमी के अंदर है। मतलब सत्तर किलोमीटर के रेंज में मोदी के 4 कार्यक्रम 24 घंटे के भीतर होने हैं।विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

कोविशील्ड बनाने वाली कंपनी सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया की स्वीकारोकती के बाद सवाल उठता है, कि भारत की जांच एजेंसियां क्या कर रही थीं? इतनी जल्दबाजी मंजूरी देने के क्या कारण था, क्या उन्होंने किसी दवाब का सामना करना पड़ रहा था, या फिर केवल भ्रष्टाचार से जुड़ा मामला है। जिसके लिए फार्मा कंपनियां अक्सर कटघरे में रहती हैं? मसला केवल कोविशील्ड का नहीं है, फार्मा कंपनियों को लेकर अक्सर शिकायतें आती रहती हैं, उसके बाद भी जांच एजेंसियां कोई ठोस कारवाई क्यों नहीं करती हैं?

हांगकांग के फूड सेफ्टी विभाग सेंटर फॉर फूड सेफ्टी ने एमडीएच कंपनी के मद्रास करी पाउडर, सांभर मसाला मिक्स्ड पाउडर और करी पाउडर मिक्स्ड मसाला में कीटनाशक एथिलीन ऑक्साइड पाया है और लोगों को इसका इस्तेमाल न करने को कहा है. ऐसा क्यों? जानने के लिए इस ऑडियो को क्लिक करें

हमारे देश में हर एक दिन की अपनी खास बात और महत्व है। जहां एक दिन किसी दिन को हम किसी की जयंती के रूप में मनाते हैं, तो किसी दिन को बेहद ही खुशी से। इसी कड़ी में 24 अप्रैल का दिन भी बेहद खास है।इस दिन पंचायतो में विभिन्न कार्यक्रमों और गतिविधियों का आयोजन किया जाता है जो पंचायत की उपलब्धियों और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में उनके योगदान को उजागर करते हैं। यह दिन 17 जून 1992 को संविधान में 73वें संशोधन के पारित होने और 24 अप्रैल 1993 को कानून लागू होने की याद में मनाया जाता है। पंचायती राज व्यवस्था का जनक लॉर्ड रिपन को माना जाता है अगर देश में किसी गांव में कोई दिक्कत है या उस गांव की हालत खराब है, तो उस गांव की इस समस्या को दूर करने और उसे सशक्त एवं विकसित बनाने के लिए ग्राम पंचायत ही उचित कदम उठाती है। तो आइये दोस्तों ,इस राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर हम सभी पंचायत के नियमों का पालन करे और पंचायती राज व्यवस्था का हिस्सा बन कर पंचायत के विकास में योगदान दे । मोबाइल वाणी के पुरे परिवार की और से आप सभी को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।

दोस्तों, प्रधानमंत्री के पद पर बैठे , किसी भी व्यक्ति से कम से कम इतनी उम्मीद तो कर ही सकते हैं कि उस पद पर बैठने वाला व्यक्ति पद की गरिमा को बनाए रखेगा। लेकिन कल के भाषण में प्रधानमंत्री ने उसका भी ख्याल नहीं रखा, सबसे बड़ी बात देश के पूर्व प्रधानमंत्री के खिलाफ खुले मंच से झूठ बोला। लोकतंत्र में आलोचना सर्वोपरि है वो फिर चाहे काम की हो या व्यक्ति की, सवाल उठता है कि आलोचना करने के लिए झूठ बोलना आवश्यक है क्या? दोस्तों आप प्रधानमंत्री के बयान पर क्या सोचते हैं, क्या आप इस तरह के बयानों से सहमत हैं या असहमत, क्या आपको भी लगता है कि चुनाव जीतने के लिए किसी भी हद तक जाना अनिवार्य है, या फिर आप भी मानते हैं कि कम से कम एक मर्यादा बनाकर रखी जानी चाहिए चाहे चुनाव जीतें या हारें। चुनाव आयोग द्वारा कोई कार्रवाई न करने पर आप क्या सोचते हैं। अपनी राय रिकॉर्ड करें मोबाइलवाणी पर।