बिहार राज्य के जिला जमुई से हमारे श्रोता , मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते है कि महिलाओं के अधिकार भी दिए जाने चाहिए यह महिलाओं के लिए अधिकार प्राप्त करना बहुत महत्वपूर्ण है

बिहार राज्य के जमुई जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता नरेंद्र कुमार ने मुनेश्वर दास से बातचीत की इसमें उन्होंने कहा कि महिलाओं को भी उतना ही हिस्सा मिलना चाहिए जितना पुरुषों का दिया जाता है। महिला हर क्षेत्र और स्तर पर बहुत अच्छा काम कर रही है। अगर उन्हें बराबर हक और अवसर मिलता है, तो महिलायें और आगे बढ़ सकती हैं

बिहार राज्य के जमुई जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता नरेंद्र कुमार ने नरेश राम से बातचीत की। जिसमें उन्होंने बताया कि महिलाओं को जमीन पर हक़ मिलने से वो अपने अच्छों को पढ़ा-लिखा पायेंगी। इसलिए उन्हें भूमि पर अधिकार मिलना चाहिए

सुनिए डॉक्टर स्नेहा माथुर की संघर्षमय लेकिन प्रेरक कहानी और जानिए कैसे उन्होंने भारतीय समाज और परिवारों में फैली बुराइयों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई! सुनिए उनका संघर्ष और जीत, धारावाहिक 'मैं कुछ भी कर सकती हूं' में...

बिहार राज्य के जमुई जिला से शशिकांत पाण्डेय ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि महिलाओं को जमीन का अधिकार मिलना जरूरी है। क्युकी महिलाओं की सुरक्षा पुरुषों से ज्यादा होनी चाहिए। और उनकी सुरक्षा के लिए सरकार को ठोस कदम उठाना अति आवश्यक है। और उन ठोस क़दमों में सबसे महत्वपूर्ण है महिलाओं का जमीन पर अधिकार होना। लेकिन महिलाओं के नाम से जमीन होने के बाद महिलाओं पर भी कुछ प्रतिबन्ध लगाए जाने चाहिए। जैसे की पति के जमीन में हिस्सा लेने के बाद महिलाएं दूसरी शादी नहीं कर सकती, महिला भविष्य में भी अच्छे तरह से परिवार को चलाएंगी और किसी तरह का कोई विरोधाभास नहीं होगा, आदि। विस्तारपूर्वक खबर सुनने के लिए क्लिक करें ऑडियो पर

बिहार राज्य के जमुई जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता नरेंद्र कुमार ने अनिरुद्ध से बातचीत की । जिसमें उन्होंने जानकारी दी कि महिला को भी पुरुषों के बराबर हिस्सा मिलना चाहिए। इससे वो अपने बच्चे को पढ़ाने लिखाने में सक्षम होगी

बिहार राज्य के जमुई जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता नरेंद्र कुमार ने काजल सिंह से बातचीत की । जिसमें उन्होंने जानकारी दी की महिलाओं को भी भूमि पर अधिकार पुरुषों के बराबर मिलना चाहिए। इससे महिला अपने बच्चे का और अपना भविष्य सुरक्षित कर सकती है। अपने बच्चे को एक बेहतर जीवन दे सकती है

बिहार राज्य के जमुई जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता नरेंद्र कुमार ने आयुष कुमार से साक्षात्कार लिया। आयुष कुमार ने बताया कि महिलाओं को जमीं में हक़ मिलना चाहिए। ऐसा होगा तो महिलाएं अपने दम पर खड़ी हो सकती हैं और उनका बहुत विकास हो सकता है। साथ ही वो अपने बच्चों को भी संभाल सकती हैं। समाज को जागरूक कर के महिलाओं को सुरक्षा देना हमारा फर्ज है विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

दोस्तों, भारत में केवल 28 प्रतिशत महिलाओं को जमीन में हिस्सेदारी मिली हुई है। खेतीहर भूमि में तो यह और भी कम महज 11 प्रतिशत महिलाओं की हिस्सेदारी है। जबकि खेती का 80 प्रतिशत काम महिलाओं के द्वारा ही किया जाता है। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि जमीन पर अधिकारों तो दूर की बात है, महिलाओं को किसान ही नहीं माना जाता है। ग्राणीण इलाकों में किसान के तौर अभी भी पुरुषों की पहचान बनी हुई है। *------ महिलाओं को अधिकार न दिये जाने के मसले पर आप क्या सोचते हैं, *------ क्या आपको भी लगता है महिलाएं अभी भी पिछ़ड़ी हुई हैं? या फिर वह अभी भी स्वतंत्र निर्णय ले पाने की स्थिति में नहीं ले सकती हैं। *------ महिलाओं को भूमि अधिकार मिलने से उनके जीवन स्तर और सामाजिक-आर्थिक स्थिति में क्या सुधार हो सकता है? *------ महिलाओं के लिए भूमि अधिकारों के राह में क्या -क्या बाधाएं हैं और इन्हें कैसे दूर किया जा सकता है? *------ महिलाओं के लिए भूमि अधिकारों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए क्या- क्या तरीके प्रभावी हो सकते हैं?

बिहार राज्य के जिला जमुई से शशीकांत पांडे , मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते है कि महिलाओं को सशक्त होना बहुत जरूरी है। महिलाओं में संस्कार होना बहुत जरूरी है तभी महिलायें आगे बढ़ सकते और तभी समाज आगे बढ़ेगा।