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जितेंद्र कुमार जी बता रहे हैं की यह खेती का कार्य करते हैं और खेती के साथ-साथ पशुपालन का भी कार्य करते हैं लेकिन इनको नहीं जो खेती में फायदा बुझा रहा है और नहीं तो पशुपालन में क्योंकि खेती से जो अनाज उगाया जाता है उसके लिए इनके यहां मंडी नहीं है और पशु जो पालते हैं उसके दूध बेचने के लिए इनके पास बाजार नहीं है ऐसी स्थिति में खेती में और पशुपालन दोनों में इनको नुकसान होता है पानी की स्थिति खराब रहने के कारण यह चाहते हैं कि अगर कृषि वैज्ञानिक द्वारा कम पानी में बोई जाने वाली फसल की जानकारी दिया जाए या पशु के रखरखाव की जानकारी दिया जाए तो इनका आए बढ़ सकता है। इस खबर को सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।
बिहार राज्य के जिला जमुई के गिद्धौर प्रखंड से छोटे कुमार मोबाइल वाणी के मध्यम से कह रहे है कि फिलहाल खेती करने के लिए पानी की स्थिति सही नहीं है। आगे कह रहे है कि जल स्तर काफी नीचे चला गया है। जिससे किसानों को सिंचाई करने में काफी दिक़्क़तों का सामना करना पड़ रहा हैं। वहीँ दूसरी ओर मौसम का परभाव खेती के साथ ही मवेशियों और इंसानों पर भी पड़ रहा है। पहले की तुलना में इस बार पानी की कमी से गेहूँ की उपज भी कम हुई हैं।
बिहार राज्य के जमुई जिला के गिद्धौर प्रखंड से मोबाइल वाणी संवाददाता रुदल पंडित ने कृष्णा से साक्षात्कार लिया जिसमें उन्होंने जानकारी दी कि वो अभी खेती बाड़ी करते है। अभी वो अपने खेत में गेहूं का फ़सल लगाये थे। जिसका कटनी हो गया। उसके अलावे प्याज की खेती किये हैं।खेत में उन्होंने कुछ फलदार पौधा भी लगाया था। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
बिहार राज्य के जिला जमुई से सुनील मोबाइल वाणी के माध्यम से कह रहे है कि मौसम का बदलना हमारे लिए काफी चिंता का विषय बनता जा रहा है। आगे कह रहे है कि कभी अचानक कड़ी धुप तो कभी ठंढी हवा चल रही है जिससे लोगों को गर्मी और अचानक ठंढ का अहसास हो रहा है। आगे कह रहे है कि ऐसे अचानक मौसम के बदलने से कई बच्चे बीमार पड़ रहे है
बिहार राज्य के जिला जमुई से ऋतिक मोबाइल वाणी के माध्यम से कह रहे है कि मौसम का बदलना हमारे लिए काफी चिंता का विषय बनता जा रहा है। आगे कह रहे है कि कभी अचानक कड़ी धुप तो कभी ठंढी हवा चल रही है जिससे लोगों को गर्मी और अचानक ठंढ का अहसास हो रहा है। आगे कह रहे है कि ऐसे अचानक मौसम के बदलने से कई बच्चे बीमार पड़ रहे है
बिहार राज्य के जिला जमुई से हमारे श्रोता मोबाइल वाणी के माध्यम से जानना चाह रहे है कि जलवायु परिवर्तन को रोकने के लिए सरकार द्वारा कौन कौन सी योजनाएँ चलाई जा रही है ?
जमुई जिले भर में जगह-जगह लोक आस्था का महापर्व चैती छठ श्रद्धा के साथ मनाया गया। सोमवार को अस्ताचलगामी भगवान भास्कर को पहला अर्ध्य अर्पित किया गया। छठ व्रती श्रद्धालुओं ने घाटों पर पहुंच कर अस्ताचलगामी भगवान भास्कर को अर्ध्य दिया। लोक आस्था का महापर्व छठ वर्ष में दो बार मनाया जाता है। चैत्र शुक्ल पक्ष षष्ठी पर मनाए जाने वाले छठ पर्व को चैती छठ कार्तिक शुक्ल पक्ष षष्ठी पर मनाये जाने वाले पर्व को कार्तिकी छठ कहा जाता है। पारिवारिक सुख-समृद्धि मनोवांछित फल प्राप्ति के लिए यह पर्व मनाया जाता है। स्त्री पुरुष समान रूप से इस पर्व को मनाते हैं। छठ व्रत के संबंध में अनेक कथाएं प्रचलित हैं। उनमें से एक कथा के अनुसार जब पांडव अपना सारा राजपाट जुए में हार गए, तब श्री कृष्ण द्वारा बताए जाने पर द्रौपदी ने छठ व्रत रखा। तब उनकी मनोकामनाएं पूरी हुईं पांडवों को राजपाट वापस मिला। मंगलवार की सुबह उदीयमान भगवान को अर्ध्य देने के साथ लोक आस्था के चार दिवसीय महापर्व का समापन होगा।
बिहार राज्य के जमुई जिला के गुगुलडीह प्रखंड के चन्द्रशेखरनगर से पिंकी मोबाइल वाणी के माध्यम से बताना चाहती है कि पानी की समस्या है इसके लिए क्या किया जाये
बिहार राज्य के जिला जमुई से विवेक मोबाइल वाणी के माध्यम से कह रहे है कि आये दिन मौसम के अचानक बदलाव के कारण लोगों के स्वास्थ्य पर काफी असर पड़ रहा हैं। आगे कह रहे है कि दिन में धुप और शाम में अधिक ठंढ के कारण लोगों की तबियत बिगड़ जा रही है। कह रहे है कि मौसम के बदलाव का सबसे बड़ा कारन है प्रदूषण का बढ़ना साथ ही पेड़ों की जैम कर कटाई होना इसके वजह से सही समय पर मौसम का बदलाव नहीं हो पाटा हैं
