जितेंद्र कुमार जी बता रहे हैं की यह खेती का कार्य करते हैं और खेती के साथ-साथ पशुपालन का भी कार्य करते हैं लेकिन इनको नहीं जो खेती में फायदा बुझा रहा है और नहीं तो पशुपालन में क्योंकि खेती से जो अनाज उगाया जाता है उसके लिए इनके यहां मंडी नहीं है और पशु जो पालते हैं उसके दूध बेचने के लिए इनके पास बाजार नहीं है ऐसी स्थिति में खेती में और पशुपालन दोनों में इनको नुकसान होता है पानी की स्थिति खराब रहने के कारण यह चाहते हैं कि अगर कृषि वैज्ञानिक द्वारा कम पानी में बोई जाने वाली फसल की जानकारी दिया जाए या पशु के रखरखाव की जानकारी दिया जाए तो इनका आए बढ़ सकता है। इस खबर को सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।
