सिमुलतला थाना क्षेत्र के अंतर्गत करौली पंचायत का जारी डी गांव आज भी सरकार की योजनाओं से काफी दूर है इस गांव में आदिवासी समाज के लोग निवास करते हैं और इन आदिवासी समाज के लिए पानी की व्यवस्था तक नहीं है पूरा गांव एक सूखे कुएं के सहारे अपनी प्यास को गुजारे हैं वहां जब रुक जाता है तो लोग पानी के इंतजार में 2 से 4 घंटे बैठते हैं और जब थोड़ा बहुत पानी उस कुएं में होता है तो उसी पानी से अपनी प्यास को बुझा रहे हैं

बिहार राज्य के जमुई जिला के गिद्धौर प्रखंड से रंजन मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते हैं कि किसानों द्वारा इन दिनों घर के अगल-बगल गेहूं की मलाई की जा रही है और उसका दस्त श्वास नली के द्वारा लोगों के फेफड़े में जा रहा है लोग खांसी का शिकार हो रहे हैं लोग परेशान हो रहे हैं घर कीचड़ में हो रहा है घर में डस्ट उड़कर पड़ता है भोजन में भी मिल जाता है लेकिन किसानों को इसकी जानकारी लगता है कि है ही नहीं जो स्थिति किसान द्वारा पैदा किया जा रहा है इससे निश्चित रूप से बच्चे बूढ़े एवं बुजुर्ग बीमार पड़ ही जाएंगे

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बिहार राज्य के जिला जमुई से दिनेश मोबाइल वाणी के माध्यम से कह रहे है कि वो बागवानी करते है तथा खेती बाड़ी से जुड़े हुवे हैं। कह रहे है कि पहले के मुकाबले अब मौसम में काफी बदलाव आता है मौसम के अचानक परिवर्तन से खेती पर काफी प्रभाव पड़ रहा है किसानों को पानी के लिए काफी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा हैं। पानी की कमी ना हो इसके लिए सतर्क रहना चाहिए इसके साथ ही लोगों को की बचत अच्छे से करनी चाहिए। कह रहे है कि आये दिन बिहार के नदियों से काफी बालू उठाया जाता है जिसकी वजह से पानी का स्तर काफी घट जाता है

गिद्धौर प्रखंड के दिग्विजय सिंह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के देखरेख में उत्क्रमित उच्च विद्यालय मौरा में विद्यालय प्रभारी प्रधानाध्यपक विनय पांडेय के देखरेख में समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के देखरेख में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम अंतर्गत शिविर आयोजित कर विद्यालय में अध्ययनरत 101 बच्चों के स्वास्थ्य की जांच चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा किया गया.

बिहार राज्य के जमुई जिला गिद्धौर प्रखंड से रंजन मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि वायु परिवर्तन को सही करने के लिए मनरेगा का एक कार्यक्रम है। वह एक कारगर कार्यक्रम है। और अधिक से अधिक पेड़ पौधे मनरेगा के तहत लगा कर पर्यावरण को संतुलित किया जा सकता है। लेकिन मनरेगा के तहत जो पेड़ -पौधे लगाने का जो प्रयास किये जा रहे हैं।इसमें पहले जिनके पास भूमि है उन्हें अपने घर से पौधे लगाना पड़ रहा है।जिसके कारण चाह कर भी किसान पेड़ पौधे नहीं लगा पा रहे हैं। खबर सुनने के लिए ऑडियो क्लिक करें।

गर्मी का मौसम आते ही मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया इससे डेंगू बीमारी का खतरा भी बढ़ गया है। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।