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उत्तर प्रदेश राज्य के जिला ईटावा से नौमान मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि इटावा के जसवंत नगर के 11 भवन निर्माण करने वाले श्रमिकों को करीब 3 माह से वेतन नहीं दिया जा रहा है। साथ ही कह रहे है कि श्रमिकों द्वारा वेतन के लिए जब ठेकेदार से पूछा जाता है तो उन्हें कह दिया जाता है की उनके पास पैसा नहीं आया है जिस कारण वो श्रमिकों को वेतन नहीं दे पा रहे हैं।

उत्तर प्रदेश राज्य के इटावा से नौमान , साझा मंच के माध्यम से कह रहें हैं कि गरीबों पर बेरोज़गारी के साथ महंगाई की मार पड़ रही है। जिस कारण जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. पेट्रोल डीज़ल के दामों के बढ़ने से खाद्य सामग्री और दूसरे ज़रूरत की चीज़ों के दाम भी बढ़ गए हैं लोगों को एक तो महंगाई परेशान कर रही है और उस पे बेरोज़गारी।

उत्तर प्रदेश राज्य के जिला इटावा से नौमान साझा मंच मोबाइल वाणी के है कि उन्होंने दिनांक 26-02-2022 को मोबाइल वाणी खबर प्रसारित किया था। खबर था कि तवा के भर्थना स्थिक मनरेगा श्रमिकों को बिना किसी कारण काम से नीकाल दिया गया था। इस खबर को हमारे सामुदायिक संवादाता नौमान ने व्हटसअप तथा फेसबुक के माध्यम से सम्बंधित विभागीय अधिकारीयों और मनरेगा निर्माण विभाग में साझा किया। अतः खबर का असर कुछ इस प्रकार हुआ कि आज दिनांक 27-03-2022 को अधिकारियों द्वारा मनरेगा ठेकेदार को आदेश दिया गया तथा अब काम से निकाले गए श्रमिकों को वापस काम पर रख लिया गया है। खबर के असर से श्रमिक बहुत खुश हैं तथा साझा मंच को धन्यवाद कर रहे हैं।

उत्तर प्रदेश राज्य के जिला इटावा से नौमान एक मनरेगा मजदूर से बात कर रहे हैं। ग्राम कठफोरी से अशोक यादव साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि जब से लॉक डाउन हुआ है तब से उहे मनरेगा के तहत काम नहीं मिल रहा है जिस वजह से वो काफी परेशान हैं। बता रहे है कि मनरेगा के तहत उन्होंने 8 साल मजदूरी की है और अब ठेकेदार द्वारा काम के लिए पूछे जाने पर कहा जाता है कि अभी कोई काम ही नहीं है।इस खबर को मनरेगा के सभी विभागीय अधिकारीयों तथा निर्माण विभाग में फॉरवर्ड किया गया था। इस खबर को संज्ञान में लेकर मनरेगा के सम्बंधित अधिकारीयों ने ग्राम कठफोरी के श्रमिकों को काम में रखा गया। जिससे सभी श्रमिक बहुत खुश हैं

उत्तर प्रदेश राज्य के जिला इटावा से नौमान साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि उन्होंने दिनांक 24-02-2022 को साझा मंच पर एक खबर प्रसारित किया था। खबर में बताया गया था कि इटावा स्थित अंजलि मेडिकल स्टोर से दो श्रमिकों को बिना किसी कारण काम से निकाल दिया गया था। इस खबर को हमारे सामुदायिक संवादाता नौमान ने मोबाइल वाणी पर प्रसारित किया साथ ही व्हटसअप तथा फेसबुक के माध्यम से सम्बंधित विभागीय अधिकारीयों और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को समस्या से रूबरू कराया। अतः खबर का असर कुछ इस प्रकार हुआ कि अब दोनों दूकान में काम करने वाले श्रमिकों को वापस काम पर रख लिया गया है। खबर के असर से दोनों श्रमिक बहुत खुश हैं तथा साझा मंच मोबाइल वाणी को धन्यवाद दे रहे हैं।

उत्तरप्रदेश के इटावा से नौमान ने साझा मंच के माध्यम से दिनांक 25-03-22 को बताया कि उन्होंने साझा मंच मोबाइल वाणी पर दिनांक 23-02-22 को प्रसारित किया गया था। जिसका शीर्षक था "शिक्षक को बिना वजह स्कूल से निकाला'' । जिसमें बताया गया था कि लखनऊ स्थित शकुंतला यूनिवर्सिटी से एक शिक्षक को बिना किसी नोटिस के निकाल दिया गया था। इस खबर को नौमान ने शिक्षक के अधिकारी तथा डीसी को व्हाट्सप और फेसबुक के माध्यम से फॉरवर्ड किया गया था। जिसको संज्ञान में रखते हुए अधिकारीयों ने बताया कि अब शिक्षक को वापस काम पर रख लिया गया है । जिससे शिक्षक काफी खुश है।

उत्तरप्रदेश के इटावा से नौमान ने साझा मंच के माध्यम से दिनांक 24-03-22 को बताया कि उन्होंने साझा मंच मोबाइल वाणी पर दिनांक 21-03-22 को प्रसारित किया गया था। जिसमें बताया गया था कि इटावा के नगला टाकण ग्राम में भवन निर्माण श्रमिकों को 6 माह से वेतन नहीं मिला है। उन्होंने एक श्रमिक से भी बात की। उन्होंने बताया कि वो एक साल से काम कर रहें है और उनको पैसे नहीं मिल रहें है। मालिक हमेशा बजट का बहाना बना देते है और भोजन भी नहीं मिलता है। इस खबर को नौमान ने सम्बंधित विभागीय अधिकारी तथा निर्माण विभाग इसके अलावा श्रमिक के हकदार को व्हाट्सप और फेसबुक के माध्यम से फॉरवर्ड किया गया था। जिसको संज्ञान में रखते हुए अधिकारीयों ने बताया कि अब उन्हें वेतन मिलना शुरू हो गया है। जिससे वे काफी खुश है

उत्तर प्रदेश राज्य के जिला इटावा से नौमान साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से दिनांक 23-03-22 को बताया कि उन्होंने साझा मंच मोबाइल वाणी पर दिनांक 20-02-22 को एक खबर प्रसारित किया था। जिसमें बताया गया था कि ग्राम नगरिया सरावा के एक मनरेगा श्रमिक रामनरेश यादव से बात कर रहे है। रामनरेश का कहना है कि वो एक मनरेगा श्रमिक है,तथा काफी दिनों से मनरेगा के तहत मजदूरी का काम करते आ रहे है। बता रहे है कि मनरेगा के ठीकेदार द्वारा उन्हें काम से निकाल दिया गया है वजह पूछने पर ढेकेदार ने कहा की वो अच्छे से काम नहीं करते है तथा उनका बात नहीं मानते है जबकि रामनरेश का कहना है कि वो हमेशा सही ढंग से काम करते है और करते आये हैं। आगे बता रहे है कि उनके साथ साथ और दो साथियों को भी काम से निकाला गया है। आगे बता रहे है कि उन्हें मजदूरी करते वख्त भोजन की सुविधा तो मिलती थी पर उनके तनख्वाह में से कुछ हिस्सा काट लिया जाता था। इस खबर को सम्बंधित अधिकारीयों को फॉरवर्ड कर उन्हें इनकी समस्या से अवगत कराया गया। जिसके बाद अब मनरेगा श्रमिक रामनरेश यादव को मनरेगा में दोबारा काम पर रख लिया गया है। जिससे रामनरेश यादव साझा मंच मोबाइल वाणी को धन्यवाद कह रहे हैं

उत्तर प्रदेश राज्य के इटावा से नौमान ासाझा मंच के माध्यम से मनरेगा के श्रमिक से बात कर रहें हैं, नुमाईश चौराहा के पास मनरेगा में काम करने वाले श्रमिक नंदन का कहना है की इन्हें और इनके साथ तीन श्रमिक को ठेकेदार पिछले पांच माह से वेतन नहीं दे रहा है. तथा इन्हें आराम करने का भी समय नहीं देता है और यदि खाना खाने जाए तो काम से निकालने की धमकी देता है इसके साथ ही इन्हें कार्य अस्थल पर पिने का साफ़ पानी भी नहीं मिलता है.