दिल्ली राज्य से रोहित श्रमिक वाणी के माध्यम से बताना चाहते है की, गोविंदपुरी में कुछ लोग है जिन्होंने ने कोरोना का टीका नहीं लगवाया है। उन लोगो का कहना है की कोरोना का टीका लगवाने के बाद वे बीमार हो जायेंगे और कुछ लोगो का कहना है ही टीका लगवाने के बाद वे अपने परिवार को आगे नहीं बढ़ा पाएंगे

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दिल्ली राज्य के गुरुग्राम से हमारे श्रोता श्रमिक वाणी के माध्यम से बताना चाहते है की, बढ़ती महंगाई को देखते हुए कंपनी द्वारा वेतन में बढ़ोतरी करनी चाहिए। श्रमिकों को ओवरटाइम का पैसा ठीक से नहीं दिया जा रहा है, मजदुर को काम करने मात्र 2 घंटा दिया जा रहा है।

दिल्ली राज्य के गुरुग्राम से श्रोता श्रमिक वाणी के माध्यम से बताना चाहते है की, इन्होने ने कोरोना का दोनों टीका लगवा लिया है। श्रोता का कहना है की कोरोना का दोनों टीका लगवाने के बाद इन्हे अब ये खुद को कोरोना से सुरक्षित महसूस कर रहे है

दिल्ली राज्य के गुरुग्राम से रोहित श्रमिक वाणी के माध्यम से बताना चाहते है की, आशा कार्यकर्ता द्वारा सभी लोगो को बूस्टर डोज़ के बारे में जानकारी दिया जा रहा है। कोरोना का टीका आपके लिए बिलकुल सुरक्षित है

दिल्ली एनसीआर के गुरुग्राम रोड से नन्द किशोर की बातचीत श्रमिक वाणी के माध्यम से अजित कुमार से हुई। अजित बताते है कि इन्होंने कोविशील्ड का दोनों डोज़ के साथ बूस्टर डोज़ भी लगवा लिया है। अजित अपने इच्छा अनुसार कोरोना का टीका लगवाए है। बहुत प्रयास के बाद कोरोना का टीका निर्मित किया गया है। टीका लगवाने के बाद सुरक्षित महसूस कर रहे है। शरीर में कोरोना से लड़ने के लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता आ गयी है। अगर अब कोरोना होगा भी तो शरीर में ज़्यादा प्रभाव नहीं डालेगा। अगर टीका नहीं लगवाते तो कोरोना शरीर को ज़्यादा नुकसान पहुँचता। पहला डोज़ लगवाने पर हल्का बुखार आया था ,दूसरी और बूस्टर डोज़ में स्वास्थ्य सम्बन्धी कोई समस्या नहीं आई। सभी लोगों को कोरोना से सुरक्षा के लिए टीका लगवाना ज़रूरी है।

दिल्ली एनसीआर के गुरुग्राम रोड से नन्द किशोर की बातचीत श्रमिक वाणी के माध्यम से विजय से हुई। विजय बताते है कि खाना पकाने ,नहाने व पीने के लिए साफ़ पानी नहीं मिल रहा है। दूषित पानी मिलेगा तो स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ेगा। स्वास्थ्य अच्छा नहीं रहेगा तो रोज़ी रोटी कैसे चलाएगे। वर्तमान में टंकी पानी का ही इस्तेमाल कर रहे है,छान कर पीने और खाना बनाने के लिए इस्तेमाल करते है । पानी का बिल यूनिट के हिसाब से जाता है। कम से कम 1000 से 1200 रूपए पानी पर खर्च हो रहा है। जल की गुणवत्ता की जाँच व जल जागरूकता को लेकर कोई आशा वर्कर या सरकारी कर्मचारी नहीं आते है। गर्भवती महिलाओं को तो विशेषकर स्वच्छ पानी पीना चाहिए। अभी के समय में पानी एक गंभीर मुद्दा है। पानी तो है पर स्वच्छ नहीं है साथ ही जल संचयन करना भी ज़रूरी है। पक्की तालाब का निर्माण कर पानी का संचयन कर सकते है।

दिल्ली एनसीआर के गुरुग्राम रोड से नन्द किशोर की बातचीत श्रमिक वाणी के माध्यम से राजेश से हुई। राजेश बताते है कि कोरोना टीका लगवाना अनिवार्य हो गया था। टीका लगवाने से लोगों को लाभ हुआ। राजेश ने अपने मन अनुसार ,उचित समझ कर कोरोना टीका के दोनों डोज़ लगवाए। एक तरफ़ कंपनी से दबाव था ,दूसरी तरफ कोरोना से सुरक्षित होना था ,इसलिए टीका लगवाना उचित समझे। टीका लेने के बाद इन्हे चार घंटा बुखार रहा। राजेश के अनुसार बुखार आया तो टीका काम कर रहा है और अगर बुखार नहीं आया तो टीका सही नहीं है।

दिल्ली एनसीआर के गुरुग्राम रोड से नन्द किशोर ,श्रमिक वाणी के माध्यम से बताते है कि एक व्यक्ति राम दास जिनकी उम्र 67 वर्ष है ,उन्होंने बताया कि उन्हें कोरोना का डर था ,इसलिए उन्होंने कोविशील्ड का दोनों डोज़ लगवाया ,हल्का बुखार आया था जो बाद में ठीक हो गया। कोरोना से बचना था इसलिए टीका लगवाना ज़रूरी समझे

दिल्ली एनसीआर के गुरुग्राम रोड से नन्द किशोर ,श्रमिक वाणी के माध्यम से बताते है कि कोरोना माहमारी का प्रकोप जब बढ़ रहा है ,उस वक़्त कंपनियों में टीका लगवाने को लेकर अफ़रा तफ़री मची हुई थी। श्रमिकों पर कंपनियों का दबाव था ,जिस कारण श्रमिक कंपनियों से छुट्टी ले कर टीका लगवाने जा रहे थे।श्रमिक ओम प्रकाश के अनुसार एक तरफ़ कोरोना का डर ,दूसरी तरफ कंपनी का दबाव ,इसलिए श्रमिकों ने टीका लगवा लिया। कोविशील्ड टीका लगवाने के बाद केवल एक दिन बुखार आया ,उसके बाद कोई समस्या नहीं हुई। अब वो सुरक्षित महसूस कर रहे है।