दिल्ली एनसीआर के गुरुग्राम रोड से नन्द किशोर की बातचीत श्रमिक वाणी के माध्यम से राजेश से हुई। राजेश बताते है कि कोरोना टीका लगवाना अनिवार्य हो गया था। टीका लगवाने से लोगों को लाभ हुआ। राजेश ने अपने मन अनुसार ,उचित समझ कर कोरोना टीका के दोनों डोज़ लगवाए। एक तरफ़ कंपनी से दबाव था ,दूसरी तरफ कोरोना से सुरक्षित होना था ,इसलिए टीका लगवाना उचित समझे। टीका लेने के बाद इन्हे चार घंटा बुखार रहा। राजेश के अनुसार बुखार आया तो टीका काम कर रहा है और अगर बुखार नहीं आया तो टीका सही नहीं है।
