दिल्ली के गुरुग्राम से नन्द किशोर श्रमिक वाणी के माध्यम से एक व्यक्ति से बात कर रहें हैं, इनका कहना है की मानेसर में कामों की काफी कमी है और दूसरा तो प्रव के लिए लोग अपने घरों की तरफ भी जा रहें हैं जिस कारण मेरा काम काफी कम हो गया है

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दिल्ली राज्य के गुरुग्राम से नन्द किशोर श्रमिक वाणी के माध्यम से बताना चाहते है की, सोमवार से नवरात्री की सुरवात हो गयी है, भक्तो को इस दिन का इंतज़ार पुरे साल भर रहता है। भक्त पुरे जोश के साथ दुर्गा पूजा मानते है

दिल्ली राज्य के गुरुग्राम से नन्द किशोर श्रमिक वाणी के माध्यम से बताना चाहते है की, लगातार हो रही बारिश से आज राहत मिली है। इतने दिनों से लोगो को बारिश, ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ रहा था जिससे लोग परेशान थे। लेकिन आज लोगो को राहत मिली है

मजदूरों से बातचीत

दिल्ली के गुरुग्राम से नंदकिशोर श्रमिक वाणी के माध्यम से एक व्यक्ति से बात कर रहें हैं, इनका कहना ही की ये और इनके चार साथी बंगलौर के माइक्रोन कंपनी में काम करते थे लेकिन कंपनी का ठेकेदार इनका वेतन नहीं दे

दिल्ली गुरुग्राम से नंदकिशोर श्रमिक वाणी के माध्यम से एक मज़दूर इज़हार से बात कर रहें हैं, इनका कहना है की अभी देश सेकोरोना नहीं गया है तो सभी को कोरोना सम्बन्धी नियमों का पालन करना चाहिए। तथा ये कह रहें हैं की इनकी कंपनी में सेनेटाइजर मास्क आदि का इंतज़ाम रहता है

दिल्ली गुरुग्राम से नंदकिशोर श्रमिक वाणी के माध्यम से कह रहें हैं कि, मज़दूरों को अपने क्षेत्र में काम नहीं मिलने के कारण मजबूर होते हैं पलायन करने के लिए, तथा पलायन किये हुए मज़दूरों की समस्या को सुनने वाला कोई नहीं था लेकिन जब से श्रमिक वाणी आया है, तब से मज़दूरों को अपनी आवाज़ उठाने का हक़ मिला है तथा सबसे बड़ी बात है की मज़दूरों को अपनी बात को उप्पर तक पहुंचाने के लिए कहीं जाना नहीं पड़ता है

दिल्ली एनसीआर के गुरुग्राम रोड से नन्द किशोर की बातचीत श्रमिक वाणी के माध्यम से प्रमोद से हुई। प्रमोद कहते है कि कपड़ा उद्योग में काम की कमी हो गई है। वेतन नहीं बढ़ रही है। गुज़ारा करना मुश्किल जो गया है। पहले ओवरटाइम लगता था तो सिंगल रेट से पैसा मिलता था। महँगाई भी एक चुनौती है। महँगाई बढ़ रही है और वेतन कम। अभी सैलरी 10 हज़ार है ,जबकि वेतन 15 हज़ार रूपए होना चाहिए।

दिल्ली एनसीआर के गुरुग्राम रोड से नन्द किशोर की बातचीत श्रमिक वाणी के माध्यम से एक श्रमिक से हुई। ये बताते है कि ओवरटाइम नहीं मिलता है ,सात हज़ार रूपए सैलरी में घर चलाना बहुत मुश्किल है। महँगाई भी बहुत है ,आठ घंटे की ड्यूटी में गुज़ारा करना बहुत मुश्किल हो रहा है। आठ घंटे की सैलरी कम से कम 15 हज़ार रूपए होना चाहिए और ओवरटाइम भी मिलना चाहिए। पहले डबल ओवरटाइम मिलता था पर अब दो घंटे का सिंगल ओवरटाइम कर दिया गया है। महँगाई से सभी लोग परेशान है। महँगाई बढ़ रही है तो वेतन भी मिलनी चाहिए।