दिल्ली एनसीआर के गुरुग्राम रोड से नन्द किशोर की बातचीत श्रमिक वाणी के माध्यम से प्रमोद से हुई। प्रमोद कहते है कि कपड़ा उद्योग में काम की कमी हो गई है। वेतन नहीं बढ़ रही है। गुज़ारा करना मुश्किल जो गया है। पहले ओवरटाइम लगता था तो सिंगल रेट से पैसा मिलता था। महँगाई भी एक चुनौती है। महँगाई बढ़ रही है और वेतन कम। अभी सैलरी 10 हज़ार है ,जबकि वेतन 15 हज़ार रूपए होना चाहिए।
