दिल्ली गुरुग्राम से नंदकिशोर श्रमिक वाणी के माध्यम से कह रहें हैं कि, मज़दूरों को अपने क्षेत्र में काम नहीं मिलने के कारण मजबूर होते हैं पलायन करने के लिए, तथा पलायन किये हुए मज़दूरों की समस्या को सुनने वाला कोई नहीं था लेकिन जब से श्रमिक वाणी आया है, तब से मज़दूरों को अपनी आवाज़ उठाने का हक़ मिला है तथा सबसे बड़ी बात है की मज़दूरों को अपनी बात को उप्पर तक पहुंचाने के लिए कहीं जाना नहीं पड़ता है
